स्कूल ऑफ जियो-इंफॉर्मेटिक्स

रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस में एम.टेक

स्कूल ऑफ जियो इन्फ़ोर्मेटिक्स (एसजीआई ) आरएसएसी – यू पी , लखनऊ , वर्ष 2013 से रिमोट सेन्सिंग व जीआईएस में एम.टेक. दो वर्षीय (चार सेमेस्टर) का पाठ्यक्रम प्रदान कर रहा है | यह डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय से समबद्ध है तथा अखिल भारतीय प्रौद्योगिक शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मान्यता प्राप्त है |

पाठ्यक्रम का उद्देश्य

इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को रिमोट सेन्सिंग, डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग, जीआईएस, जीपीएस, डीजीपीएस, एलआईडीएआर, बाथीमेट्रिक तकनीकों व विभिन्न क्षेत्रों में उनके अनुप्रयोगों यथा कृषि, मृदा, वानिकी भूविज्ञान, जल संसाधन, मैरीन, वायुमंडलीय विज्ञान, भू- उपयोग व लैंड ओवर डोमेन्स आदि का गहन ज्ञान प्रदान कराना है |

कोर्स की अवधि : 2 वर्ष (4 सेमेस्टर)

लक्षित समूह

यह कोर्स उन व्यक्तियों/छात्रों को टार्गेट करता है जो रिमोट सेन्सिंग, जीआईएस प्रौद्योगिकी, तथा उनके अनुप्रयोगों को प्राकृतिक संसाधन सर्वेक्षणों यथा जल संसाधन प्रबंधन, कृषि, मृदा सर्वेक्षण, वानिकी, आपदा प्रबंधन, मैरीन, वायुमंडलीय विज्ञान, नगरीय योजना, भूगर्भिक जाँचें, फोटोग्रामैट्रिक सर्वेक्षण व मैपिंग में रूचि रखते हैं | छात्र उपरोक्त में से कोई भी अनुप्रयोग क्षेत्र विशेषज्ञता हेतु चुन सकते हैं |

पात्रता मापदंड

किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से बी.ई./बी.टेक. (60% अथवा समकक्ष सीजीपीए) – सिविल/पर्यावरण/कंप्यूटर साइंस एवं अभियांत्रिकी/ सूचना तकनीक/विद्युत अभियांत्रिकी/ कृषि विषयों में अथवा एम.एस.सी. (60% अथवा समकक्ष सीजीपीए) – भूगोल/भूगर्भशास्त्र/भू-सूचना/पर्यावरण विज्ञान/मृदा विज्ञान/वानिकी/कृषि/मृदाविज्ञान /वानस्पतिकी /जल संसाधन विषयों में |

आवश्यक सूचना:

प्रत्येक वर्ष के जुलाई माह में शैक्षिक सत्र का प्रारम्भ होता है | इच्छुक अभ्यर्थी यूपीएसईई/डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं | वेबसाइट www.aktu.ac.in/UPSEE

अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु निम्नलिखित लिंक का प्रयोग किया जा सकता है : https://erp.aktu.ac.in/WebPages/Public/EntranceExams/PGPHDFATE/Instructions.aspxDFATE/Instructions.aspx

पाठ्यक्रम शुल्क संरचना

  • रू॰ 20,000/- (पंजीकरण + प्रवेश शुल्क)
  • रू॰ 36000/- प्रति सेमेस्टर (ट्यूशन शुल्क)

पुरुस्कार/उपलब्धियां:

  • 05 सितंबर 2015 को सम्पन्न हुई तृतीय उत्तर प्रदेश तकनीकी शिक्षा समिट में सीएमएआई (कम्यूनिकेशन मल्टी मीडिया एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर), नई दिल्ली द्वारा संस्थान को उत्तर प्रदेश के “उत्कृष्ट रिमोट सेन्सिंग अनुप्रयोग व नवोन्मेष संस्थान”  के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है साथ ही 2015 के उत्कृष्टता एवं नवोन्मेष के “स्कूल ऑफ जियो इन्फ़ोर्मेटिक्स आस्पेक्ट्स प्रोग्राम” से भी सम्मानित किया गया है | यह पुरस्कार क्षमता वर्धन द्वारा सर्वश्रेष्ठ शिक्षा अर्जन करने हेतु दिया गया है |
  • स्कूल ऑफ जियो इन्फ़ोर्मेटिक्स, आरएसएसी-यूपी को नॉलेज रिव्यू पत्रिका द्वारा भारत के 10 प्रशंसित परास्नातक संस्थानों में स्थान दिया गया है |

स्टूडेंट थीसिस (शैक्षणिक वर्ष 2013-15)

क्रम संख्या छात्र का नाम थीसिस का शीर्षक
1 मयंक  मिश्रा बहु-लौकिक उपग्रह डाटा का प्रयोग करते हुए इलाहाबाद नगर के निकट गंगा नदी के किनारों पर हुये बदलाव का विश्लेषण
2 रूपाली श्रीवास्तव उच्च रिज़ोल्यूशन रिमोट सेन्सिंग, जीआईएस व जीपीएस प्रौद्योगिकी का प्रयोग करते हुए लोहिया ग्रामों में उपयोगी सेवाओं की सूक्ष्म स्तरीय मैपिंग तथा औद्योगिक प्रभाव के कारण भूजल गुणवत्ता का आंकलन
3 शशांक यदुभूषणम इनसैट 3डी इमेजर का प्रयोग करते हुए विकसित होते कुहरे को खोजने की तकनीक
4 शिव प्रताप रिमोट सेन्सिंग, जीआईएस जीपीएस तथा वेब जीआईएस तकनीकों का प्रयोग करते हुए सर्व शिक्षा अभियान कार्यक्रम हेतु निर्णय सहायता प्रणाली का विकास
5 आरिफ़ अहमद रिमोट सेन्सिंग व जीआईएस तकनीकों का प्रयोग करते हुए रायबरेली जनपद में  भूमि में सोडियम संबंधी बदलाव की खोज
6 शशांक द्विवेदी माइक्रोवेव उपग्रह डाटा [नासा एसएस मैप, सिमुलेटेड डाटा व ईएमएसआर डाटा] का प्रयोग करते हुए ख्ररीफ की फसलों हेतु मिट्टी में आर्द्रता की मात्रा, वर्षा, वनस्पति जल सामग्री व रडार वनस्पति सूचकांक का मूल्यांकन
7 सुधांक द्विवेदी फ़सल सिमुलेशन मोडेल व रिमोट सेन्सिंग तथा जीआईएस का प्रयोग करते हुए क्षेत्रीय फ़सलों की उपज का पूर्वानुमान
8 तरुण तिवारी रिमोट सेन्सिंग व जीआईएस का प्रयोग करते हुए फॉरेस्ट स्टॉक मैपिंग व वोलुयूम एस्टीमेशन
9 वैशाली शर्मा उत्तरी भारत पर एयरोसोल ऑप्टिकल गहराई के अस्थायी परिवर्तन का अध्ययन
10 गुंजन यादव बहु चैनल एएसटीईएआर  टीआईआर डाटा का प्रयोग करते हुए झरिया की कोयला खदानों में थर्मल विसंगति का पता लगाने हेतु एक अध्ययन
11 कीर्ति खेमका हाइपर स्पेक्ट्रल डाटा का प्रयोग करते हुए वर्गीकरण तकनीक का तुलनात्मक अध्ययन : एक रिमोट सेन्सिंग व जीआईएस परिपेक्ष्य
12 मनीष द्विवेदी बहु-दृश्यी क्रिस/प्रोबा डाटा का प्रयोग करते हुए सुपर रेजोल्यूशन
13 मानवेंद्र सिंह एसएआर इनफ़रमीटरी व ऑफसेट ट्रैकिंग पद्धति का प्रयोग करते हुए ग्लेशियरों के खिसकने का मानचित्रण
14 पुष्कर गौर आधुनिक डीएलएन एसएआर प्रौद्योगिकी का प्रयोग करते हुए भूमि निर्वाह निगरानी
15 तनुश्री जायसवाल थर्मल रिमोट सेन्सिंग का प्रयोग करते हुए लखनऊ जनपद में गोमती नदी के साथ लगे भूखंडों व जल संसाधनों का तापमापन
16 अमित कुमार शुक्ला नगरीय बुनियादी ढांचे हेतु थ्री-डी प्वाइंट क्लाउड डाटा का प्रयोग करते हुए थ्रडी जीआईएस सीमेंटिक स्तर पर मौडेलिंग
17 राहुल बाजपेयी एलआईडीएआर डाटा द्वारा थ्री-डी मानचित्रण,  इन्फ्रास्ट्रक्चर/भवनों का विज़ुअलाईज़ेशन व मौडेलिंग
18 अरविंद कुमार गौतम रिमोट सेन्सिंग जीआईएस तकनीक का प्रयोग करते हुए वाराणसी नगर का शहरी स्थानिक विकास व भूमि परिवर्तन विश्लेषण

स्टूडेंट थीसिस (शैक्षणिक वर्ष 2014-16)

क्रम संख्या छात्र का नाम थीसिस का शीर्षक
1 अभिषेक सिंह यादव काशीपुर में शहरी विकास की मौडेलिंग
2 अदीबा लौजिस्टिक का प्रयोग करते हुए क्षेत्र का नियोजन
3 अनम मुश्ताक़ पंजीकरण पद्धति
4 अंदलीब फ़ातिमा लखनऊ नगर, उत्तर प्रदेश, भारत का जीआईएस डाटा बेस तैयार करना व नगरीय फैलावमानचित्रण
5 प्रवीन कुमार सोनकर कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क का प्रयोग करते हुए शहरी फैलावके विकास का मानचित्रण
6 रवि प्रकाश मिश्रा रुद्रपुर नगर की केस स्टडी
7 सत्यवीर सिंह ऑप्टिकल व इन्फ़ेरोमैटिक एसएआर डाटा का प्रयोग करते हुएझरिया कोयला खदानों की ओपन कास्ट माइन बाउंड्री डिटेक्शन
8 सविता कुमारी ग्राउंड आधारित हाइपरस्पेक्ट्रल रिमोट सेन्सिंग (एचआरएस)इमेजर का प्रयोग करते हुए सूचनाएँ निकालना
9 शिखा रावत फ्यूज़ लिडार डाटा व हवाई ओर्थों इमेज द्वारा ऑब्जेक्टओरिएंटेड बिल्डिंग एक्सट्रेक्शन
10 विवेक कुमार मौसम संबंधी तथा सुदूर संवेदन सूचकांकों का प्रयोग करतेहुए सूखे का आंकलन

स्टूडेंट थीसिस (शैक्षणिक वर्ष 2015-17)

क्रम संख्या छात्र का नाम थीसिस का शीर्षक
1 अंजली सिंह रुड़की  योजना क्षेत्र में  नगरीय नगरीय विकास की गतिशीलता एवं मौडेलिंग
2 अनूप मौर्या रिमोट सेन्सिंग, जीआईएस व एएचपी (विश्लेषणात्मक पदानुक्रम प्रक्रिया) अपनाते हुए अपशिष्ट निपटारे के लिए ईको सिटी योजना और साइट उपयुक्तता विश्लेषण)
3 अनुभव श्रीवास्तव अहमदाबाद सिटी की सौर ऊर्जा क्षमता का आंकलन
4 अनुज गौतम इटावा जनपद के मरूस्थलीकरण का मानचित्रण 
5 देव कृष्ण वर्मा भू-विद्युत, रिमोट सेन्सिंग व जीआईएस तकनीक का प्रयोग करते हुए लखनऊ जनपद के माल विकास क्षेत्र की भूजल क्षमता का चिन्हीकरण – एक अध्ययन    
6 फ़ैज़ान रशीद अमी नदी बेसिन की जल निकासी का मार्फ़ोमैट्रिक विश्लेषण – एक केस स्टडी
7 हिना ज़हरा रिज़वी भूकंप अग्रगामी अध्ययनों के लिए समग्र इलेक्ट्रॉन सामग्री व आयनोस्फेरिक भिन्नता के विश्लेषण के लिए सॉफ्टवेयर का विकास
8 करुणा बहु अस्थायी इमेजेज़ व शानोन के एन्ट्रॉपी एप्रोच का प्रयोग करते हुए मुरादाबाद जनपद की शहरी विस्तार पद्धति की मौडेलिंग व मानचित्रण 
9 प्रगति सिंह उत्तर प्रदेश की फसल उपयुक्तता का विश्लेषण
10 रागिनी चतुर्वेदी वेब जीआईएस का प्रयोग करते हुए ग्रामों में उपयोगी सुविधाओं हेतु एप्लीकेशन का विकास
11 संदीप कुमार यादव एकीकृत रिमोट सेन्सिंग, जीआईएस व भू-भौतिक तकनीकों का प्रयोग करते हुए चित्रकूट जनपद के करवी विकास खंड में जल संचयन  अथवा कृत्रिम रीचार्ज संरचनाओं हेतु उपयुक्त स्थानों का चिन्हीकरण   
12 संजीव कुमार कुशवाहा वाराणसी नगर के शहरी विकास का सिमुलेशन व मौडेलिंग
13 शशांक कुमार अंशु उच्च रेज़ोल्यूशन वर्ल्ड व्यू-2 डाटा का प्रयोग करते हुए यादृच्छिक वन वर्गीकरण द्वारा शहरी फीचर्स का वर्गीकरण – चंडीगढ़ शहर की केस स्टडी
14 सिद्धान्त देवरही लखनऊ जनपद में सिंचित क्षेत्रों का चिन्हीकरण
15 विवेक कुमार आइस सेट डाटा व डीजीपीएस के प्रयोग द्वारा ओपन सोर्स डेम्स की ऊर्ध्वार्ध्वर सटीकता का आंकलन
16 गजेंद्र कुमार मोइनीथिथ दृष्टिकोण के प्रयोग द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य में गन्ने की उपज हेतु मौडेलिंग

स्टूडेंट थीसिस (शैक्षणिक वर्ष 2016-18)

क्रम संख्या छात्र का नाम थीसिस का शीर्षक
1 नवनीत रौशन मध्य प्रदेशके प्रस्तावित स्मार्ट नगरों में शहरी विस्तार का विश्लेषण
2 नुसरत उल्लाह हसनी भू-स्थानिकक्षेत्र में आदर्श उपकरण व प्रौद्योगिकी - भुवन सेहत
3 सच्चिदानंद अभियांत्रिकीसंरचनाओं हेतु क्लोज़ रेंज फोटोग्रामेट्री एवं टेरेस्ट्रियल लेजर स्कैनिंग काएकीकरण 
4 सुनीता चौधरी बहु-स्थानीय डाटा का प्रयोग करते हुए कानपुरनगर में शहरी विकास की भविष्यवाणी

स्टूडेंट थीसिस (शैक्षणिक वर्ष 2017-19)

क्रम संख्या छात्र का नाम थीसिस का शीर्षक
1 कुमारी हर्षिता सिंह स्थानिक - उत्तर प्रदेश में स्मार्ट सिटी पर भूमि की सतह के तापमान और एरोसाल ऑप्टिकल गहराई की  अस्थायी और सहसंबंध भिन्नता
2 श्री मुजम्मिल अन्सारी   लखनऊ नगर के चयनित क्षेत्रों में नगरीय फैलाव, अतिक्रमण व ट्रैफिक के दशकीय मूल्यांकन का विश्लेषण – स्मार्ट सिटी मिशन हेतु एक केस स्टडी
3 श्री प्रभाकर त्रिपाठी रिमोट सेन्सिंग व जीआईएस तकनीक का प्रयोग करते हुए कानपुर देहात के मरूस्थलीकरण व भूमि स्तर गिरावट का मानचित्रण 
4 श्री प्रमोद कुमार पुनर्गठन की प्रक्रिया के कारण हैदरगढ़ नहर नियंत्रण प्रणाली में सोडिक भूमि और जल क्षेत्र पर प्रभाव
5 श्री सौरभ पाल अयोध्या, उत्तर प्रदेश में गुप्तार घाट से लक्ष्मण क़िला तक सरयू नदी के साथ गाद जमाव के निकर्षण हेतु बाथीमेट्रिक सर्वेक्षण
6 श्री शशांक नायक श्रावस्ती व गोरखपुर जनपदों के मध्य राप्ती नदी की गतिशीलता की निगरानी
7 श्री सुनील यादव आरएस व जीआईएस तकनीकों के प्रयोग द्वारा ललितपुर नहर नियंत्रण क्षेत्रों में सिंचाई का प्रभाव व अस्थायी मृदा निगरानी
8 श्री वाशी अहमद  शहरी गर्मी और कूल द्वीपीय मानचित्रण तथा कानपुर नगर व उसके वातावरण के शहरी क्षेत्र में मॉडलिंग
9 श्री विनीत कुमार आरएस, जीआईएस व भू-भौतिक प्रौद्योगिकी का प्रयोग करते हुए प्रयागराज के मेजा विकास खंड में भूजल आंकलन हेतु एकीकृत अध्ययन

डा॰ सुधाकर शुक्ला

डा॰ सुधाकर शुक्ला
पदनाम वैज्ञानिक-एसई व प्रमुख , स्कूल ऑफ जियोइन्फ़ोर्मेटिक्स
विशेषज्ञता का क्षेत्र
  • जल संसाधन - धरती और सतह पर उपलब्ध जल प्रबंधन में सेटेलाइट रिमोट सेन्सिंग व जीआईएस प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग | इसके अतिरिक्त अन्य प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में प्रवीणता |
  • रिमोट सेन्सिंग, एलआईडीएआर, जीपीएस व जीआईएसएप्लीकेशन्स कोहाइड्रोलोजिकल, ग्लेशियोलोजिकल व पर्यावरणीय अध्ययन में प्रयोग कर भू-पर्यावरण आंकलन करना
  • सिविल अभियांत्रिकी परियोजनाओं के लिए उपयुक्त स्थान का विश्लेषण व सतत विकास हेतु भूमि व जल संसाधनों का सूत्रीकरण कर परियोजनाओं हेतु कार्य योजनाएँ तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है |आपदा प्रबंधन के विकास में उन्हें राज्य स्तर पर विशेषज्ञता प्राप्त है विशेषकर सूखे एवं बाढ़ के समय में |
  • वे भारतीय मौसम विज्ञान समिति के आजीवन सदस्य हैं | वे लखनऊ विश्वविद्यालय में भूगर्भशास्त्र विभाग में सहायक प्रोफ़ेसर के रूप में अध्यापन कर चुके हैं | शिक्षण उनकी एक और विशेषज्ञता है |वर्तमान में वे आरएसएसी –यूपी मे स्कूल ऑफ जियो इन्फ़ोर्मेटिक्स के प्रमुख पद पर नियुक्त हैं तथा स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को रिमोट सेन्सिंग व जीआईएस प्रौद्योगिकी की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं |
अनुभव वर्षों/परियोजनाओं में +28 वर्ष
38 परियोजनाएं (राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की )
(पी एस : तकनीकी प्रपत्रों व रिपोर्ट्स हेतु कृपयाइस वेबसाइट के सतही जल संसाधन प्रभाग की विजिट करें हेतु
9 परामर्शीय परियोजनाएं
प्रकाशनों की संख्या 58
रिपोर्ट्स : 31
संपर्क संख्या 522-2730815(Ext. 120), 8765977668,9335918075
ई-मेल आई डी shuklasudhakar1@gmail.com