भूतल जल संसाधन प्रभाग

नवंबर, 2012 में सेंटर का सर्फेस वॉटर रिसोर्सेंज डिविजन अस्तित्व में आया। पूर्व में इन डिविजन को जियोफिजिकल एक्सप्रोरेशन डिविजन के नाम से जाना जाता था, जिसके बाद ग्राउंडवॉटर एक्सप्लोरेशन डिविजन नाम से और काफी लंबे समय तक यह जिला मुख्यालय, झांसी, यूपी में स्थित रहा। यह डिविजन भूजल अन्वेषण एवं बुंदेलखंड के आकाल प्रभावित क्षेत्रों में एवं चट्टानी इलाके के प्रबंधन में, आगरा-मथुरा के खारा-प्रभावित क्षेत्रों में एवं उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों एवं अन्य राज्यों की शुरुआत से सम्मिलित रहा है। मार्च, 1997 में, डिविजन ने जल संसाधन डिविजन-I के रूप में कार्य करना शुरु किया एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा, बरेली, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर एवं कानपुर के राजस्व डिविजनों में जल संसाधन गतिविधियों में भी सम्मिलित रहा है और साथ ही राज्य के कुछ अन्य क्षेत्रों में कुछ प्रमुख परियोजनाओं को भी पूरा किया। भूजल अन्वेषण के अतिरिक्त उपलब्ध ऑनबोर्ड इण्डियन रिमोट सेंसिंग सेटलाइट (आईआरएस) सीरीज़ एवं विभिन्न सेंसेर एवं जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) को सेटलाइट द्वारा कार्यरत करना के साथ अन्य सेटलाइट रिमोट सेंसिंग एवं जियोफिजिकल तकनीकों, हाईड्रोजियोमॉर्फोलॉजी की मैपिंग, जियोलॉजी, जलभराव भूमी, बाढ़ अनुश्रवण आदि का इस्तेमाल। यह डिविजन पर्यावरणीय प्रभाव आकलन, जियोस्टेटिस्टिकल मॉडलिंग, बेस लाइन डाटा जनरेशन, कृत्रिम रिचार्ज अध्ययन, भू-उपयोग/लैण्ड कवर मैपिंग, कडस्ट्रल संसाधन मैपिंग, जीपीएस सर्वेक्षण, आर एण्ड डी अध्ययन, प्रशिक्षण कार्यक्रम आदि कार्यों में भी सम्मिलित रहा है। विभिन्न परियोजनाओं में विभिन्न एकीकृत अध्ययन हेतु यह डिविजन सेंटर के अन्य डिविजनों के साथ भाग लेकर भी कार्य किया है। अब क्योंकि यह एक नए डिविजन के रूप में सृजित हुआ है, तो यह डिविजन सतही जल संसाधन गतिविधियों अर्थात बाढ़ सैलाब मानचित्रण, सतही जल निकायों की मैपिंग एवं जलमग्न क्षेत्रों आदि के कार्यों में सम्मिलित है। यूटिलिटी मैपिंग, एकीकृत जल प्रबंधन कार्यक्रम, भूजल अन्वेषण एवं संबंधित अध्ययन की परियोजनाओं के कार्य भी प्रगति पर है।

श्री राजीवा मोहन

श्री राजीवा मोहन
पदनाम वैज्ञानिक-जी
विशेषज्ञता भूजल अन्वेषण, बाढ़ मानचित्रण एवं कडस्ट्रल मानचित्रण में एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस
अनुभन 31 वर्ष
प्रकाशन की संख्या 41
संपर्क 0522-2730817
ई-मेल rajiva.mohan@gmail.com

डॉ. ए.एल. हलदर

डॉ. ए.एल. हलदर
पदनाम Scientist-SG
विशेषज्ञता * भूजल अन्वेषण (वेल लॉजिंग एवं रिजिस्टिविटी सर्वेक्षण) हेतु जियोफिजिकल प्रॉस्पेक्टिंग एवं एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग में लगभग 33 वर्ष का अनुभव, 
* कडस्ट्रल संसाधन मानचित्रण हेतु जीआईएस एवं जीपीएस, हाई रिजॉल्यूशन सेटलाइट डाटा का इस्तेमाल कर उपयोगित सुविधाओं हेतु माईक्रो-लेवल मैपिंग, जीसीपी आदि के लिए डिफ्रेंशियल ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस)
* एम.टेक (रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस) छात्रों हेतु शिक्षण
प्रकाशन 50 से अधिक शोधपत्र एवं 20 तकनीकि रिपोर्ट
संपर्क         09450912881, 08765977648, 0522-2730232
ई-मेल amritlalhaldar@gmail.com

श्री ए.के. अग्रवाल

श्री ए.के. अग्रवाल
पदनाम वैज्ञानिक-एसजी
विशेषज्ञता भूजल एवं सतही जल प्रबंधन
अनुभव 24 वर्ष
प्रकाशन की संख्या 38
संपर्क   0522-2730232
ई-मेल agarwalak15@rediffmail.com

डॉ. वी. सरिन

डॉ. वी. सरिन
पदनाम  वैज्ञानिक-एसजी
विशेषज्ञता भूजल संसाधन मूल्यांकन, रिमोट सेंसिंग, जियोफिजिकल एवं जीआईएस तकनीक की मदद से विकास एवं प्रबंधन
अनुभव 33 वर्ष
प्रकाशन की संख्या 15 नंबर
संपर्क 8765977651
ई-मेल vibhusarin@yahoo.co.in

श्री एस.के.एस यादव

श्री एस.के.एस यादव
पदनाम वैज्ञानिक-एसई
विशेषज्ञता
  • जियोफिजिकल एवं रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर भूजल संसाधन अध्ययन
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों का इस्तेमाल कर सतही जल संसाधन प्रबंधन अध्ययन
  • रिमोट सेंसिंग एवं डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर ग्लेशियोलॉजिकल अध्ययन (स्नो कवर मैपिंग, स्नाउट अनुश्रवण, सर्जिंग ग्लेशियर अध्ययन, पर्यावरण परिवर्तन आदि)
अनुभव 24 वर्ष
प्रकाशन शोधपत्र-18
संपर्क 8765999656
ई-मेल sksyadav42@gmail.com

श्री सुधाकर शुक्ला

श्री सुधाकर शुक्ला
पदनाम वैज्ञानिक-एसई
विशेषज्ञता आपदा, हाईड्रोलॉजिकल, एवं ग्लेशियोलॉजिकल एवं पर्यावरणीय अध्ययन मुख्य रूप से जल संसाधन प्रबंधन हेतु एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस
अनुभव 21 वर्ष
प्रकाशन की संख्या 35
संपर्क 522-2730815(Ext. 258)
ई-मेल sudhakarshukla@rediffmail.com

1. शीर्षक: उत्तर प्रदेश में बाढ़ एवं आकाल का अनुश्रवण एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विस्तृत बाढ़ प्रबंधन अध्ययन।
फंडिंग एजेंसी : प्लान परियोजना (सेंटर की इनहाउस गतिविधियां)
समय : वित्तीय वर्ष 2017-18
अध्ययन क्षेत्र : गोरखपुर, बलिया जिला एवं उत्तर प्रदेश के संपूर्ण जिले

उद्देश्य:

  • उत्तर प्रदेश में बाढ़ एवं आकाल का अनुश्रवण
  • उत्तर प्रदेश की नदियों में बाढ़ के कारण नदी कटाव का अध्ययन
  • गोरखपुर एवं बलिया जिजा में विस्तृत बाढ़ प्रबंधन अध्ययन
  • बलिया जिले की नदी में पूर्व बाढ़ चेतावनी संबंधित अध्ययन

अपेक्षित परिणाम : परियोजना का कार्य प्रगति पर है एवं परिणाम परियोजना के अंत में देखने को मिलेंगे। यह अपेक्षित किया जा रहा है कि सृजित डाटा आकाल/बाढ़ तैयारी एवं प्रबंधन में सहायक साबित होगा।
आंतरिक निष्कर्ष : अध्ययन प्रगति पर है
नियमित मानव संसाधन सम्मिलित : एक


2. शीर्षक : हाई रिजॉल्यूशन रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एवं जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल कर गोरखपुर एवं महाराजगंज जिलों में चयनित स्मार्ट विलेजेज़ की प्राकृतिक संसाधन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर मैपिंग N
फंडिंग एजेंसी : प्लान परियोजना (सेंटर की इनहाउस गतिविधियां)
समय : एक वर्ष (1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018)
अध्ययन क्षेत्र : गोरखपुर एवं महाराजगंज, उत्तर प्रदेश से आदर्श ग्राम
उद्देश्यक्षतिग्रस्त एवं टूटी सभी प्रकार की रोड (मेटल एवं गैर-मेटल) का मानचित्रण, सभी पेयजल स्त्रोतों का मानचित्रण एवं पाइपलाइन जलापूर्ति हेतु योजनाओं का सुझाव दिया जाएगा, सार्वजनिक संस्थाओं-आंगनबाड़ी, विद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थाओं, ग्राम पंचायत कार्यालय, सामुदायिक हॉल, एसएचजी (सेल्फ हेल्प ग्रुप) फेडरेशन हेतु भवन, क्रीड़ास्थल, पीडीएस (पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) आउटेलेट, ग्राम मार्केट, बैंक/पोस्ट ऑफिस/एटीएम हेतु इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार एवं यूआईडीएआई कार्ड, का प्रावधान, सिंचित एवं असिंचित भूमि का मानचित्रण, असिंचित भूमि हेतु सुझाव योजना, कडस्ट्रल मैप पार्सल वाइज का अपडेशन, भूमि एवं जल संरक्षण एक्शन प्लान की तैयारी
अपेक्षित परिणाम : परियोजना प्रगति पर है, परियोजना के अंत में परिणाम दिखेंगे। यह अपेक्षित है कि हाई रिजॉल्यूशन सेटलाइट डाटा का इस्तेमाल कर सृजित मैप सभी ग्राम स्तर को उपयोगिताओं का दिखाएगा।
आंतरिक निष्कर्ष: संबंधित गांवों में विकसित गतिविधियों को मैप दिखाएगा।
नियमित मानव-संसाधन सम्मिलित: एक
3. शीर्षक: हाई रिजॉल्यूशन सेटलाइ डाटा का इस्तेमाल कर लखनऊ एवं गोरखपुर जिलों में सतही जल संसाधन की मैपिंग
फंडिंग एजेंसी : प्लान परियोजना (सेंटर की इन-हाउस गतिविधियां)
समय: एक वर्ष (1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018)
अध्ययन क्षेत्र : गोरखपुर एवं लखनऊ जिला
उद्देश्यहाई रिजॉल्यूशन सेटलाइट डाट एवं फील्ड सर्वेक्षण का इस्तेमाल कर सतही जल संसाधनों का अनुश्रवण
अपोक्षित परिणाम : परियोजना का कार्य़ प्रगति पर है एवं परिणाम परियोजना के अंत में दिखेंगे। यह अपेक्षित है कि सृजित डाटा आकाल/बाढ़ तैयारी एवं प्रबंधन में उपयोगी साबित होगा।
आंतरिक निष्कर्ष : सृजित मैप इन जिलों में सतही जल निकाय को दिखाएगा।
नियमित मानव संसाधन सम्मिलित: One


4. शीर्षक : मोबाइल लिडार तकनीकों का इस्तेमाल कर मथुरा, काशी, झांसी एवं गोरखपुर जिलों की रोड के चौड़ीकरण हेतु सर्वेक्षण
फंडिंग एजेंसी: प्लान परियोजना (सेंटर की इन-हाउस गतिविधियां)
समय : एक वर्ष (1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018)
अध्ययन क्षेत्र: मथुरा, काशी, झांसी एवं गोरखपुर
उद्देश्यमोबाइल लिडार तकनीकों का इस्तेमाल कर रोड के चौड़ीकरण हेतु सर्वेक्षण
अपेक्षित परिणाम : परियोजना का कार्य़ प्रगति पर है एवं परिणाम परियोजना के अंत में दिखेंगे। यह अपेक्षित है कि सृजित डाटा इन जिलों में रोड चौड़ीकरण संबंधित कार्य हेतु पीडब्लूडी, उत्तर प्रदेश सरकार हेतु लाभदायक साबित होगा।
आंतरिक निष्कर्ष : अध्ययन का कार्य़ प्रगति पर है
नियमित मानव संसाधन सम्मिलित : छः

5. शीर्षक : बाथमेट्री सर्वेक्षण का इस्तेमाल कर नदी, नहर एवं जलाशयों में सिल्ट के आकलन के बाद बाढ़ नियंत्रण अध्ययन
फंडिंग एजेंसीप्लान परियोजना (सेंटर की इन-हाउस गतिविधियां)
समय : एक वर्ष (1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018)
अध्ययन क्षेत्रऊपरी गंगा कनाल
उद्देश्य : ऊपरी गंगा कनाल के 100 किमी हेतु सर्वेक्षण एवं संबंधित मानचित्रण को तैयार करना

अपेक्षित परिणाम : परियोजना का कार्य़ प्रगति पर है एवं परिणाम परियोजना के अंत में दिखेंगे। यह अपेक्षित है कि सृजित डाटा सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के लिए उपयोगी साबित होगा।
आंतरिक निष्कर्षअध्ययन का कार्य प्रगति पर है
नियमित मानव संसाधन सम्मिलित : छः

6. शीर्षक : रिमोट सेंसिंग एवं जियोफिजिकल तकनीकों का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के पठार क्षेत्रों में एक्वीफायर मैपिंग अध्ययन
फंडिंग एजेंसी : प्लान परियोजना (सेंटर की इन-हाउस गतिविधियां)
समय: एक साल (1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018)
अध्ययन क्षेत्र : मिर्जापुर जिलों के मरीहाऊ ब्लॉक में माइक्रो वॉटरशेड
उद्देश्य :

  • अध्ययन क्षेत्र में एक्वीफायर मैपिंग
  • अध्ययन क्षेत्र में भूजल का आकलन
  • यूजर डिमांड की जरूरतों को पूरी करने हेतु भूजल प्रबंधन एवं भूजल उपलब्धता हेतु अध्ययन।

अपेक्षित परिणाम: भूजल संसाधन के प्रबंधन में स्थानीय प्रशासन एवं लोगों की मांग को पूरा करने में उपयोगी साबित होगा।
आंतरिक निष्कर्ष : अध्ययन प्रगति पर है
नियमित मानव संसाधन सम्मिलित: एक
 7. शीर्षक : बुंदेलखंड जिला, भारत के चार जिलों में जल सुरक्षा हेतु आईडब्लूआरएम आधारित विकास प्लान।
फंडिंग एजेंसीनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी, रुढकी
समय : (मार्च 2016 से सितंबर 2017)
अध्ययन क्षेत्रउत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र
उद्देश्य : सेटलाइट डाटा का इस्तेमाल कर विभिन्न मेट्रिक लेयर जैसे, एलयूएलसी को तैयार करने के बाद एवं सतही जल संसाधनों एवं भूजल उपलब्धता के उपयुक्त जल संचयन संरचना का चयन।
अपेक्षित परिणाम:
आंतरिक निष्कर्षजल संसाधन एक्शन प्लान को तैयार करना, सतही जल का संरक्षण एवं जल संचयन स्पेसिंग हेतु साइट चयन
नियमित मानव संसाधन सम्मिलित: तीन

8.शीर्षक : जियोस्पाटियल तकनीकों का इस्तेमाल कर एकीकृत वॉटरशेड प्रबंधन प्रोग्राम का अनुश्रवण
फंडिंग एजेंसीनेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद
समय : (मार्च 2017 से 31 मार्च 2020)
अध्ययन क्षेत्रसंपूर्ण उत्तर प्रदेश
उद्देश्य : 2009-10 से 2014-15 तक स्वीकृत परियोजनाओं हेतु उत्तर प्रदेश राय्ज हेतु आईडब्लूएमपी परियोजना का अनुश्रवण एवं आकलन की परिकल्पना। प्रत्येक परियोजना, हाई रिजॉल्यूशन सेटलाइट डाटा एलआईएसएस-IV एवं कार्टोसेट का प्रसंग शामिल है; एसआईएस-डीपी डाटाबेस पर वॉटरशेड बाउंड्री का सुधार/बेहतर ट्यूनिंग; एलयूएलसी मैप, एनडीवीआई मैप का सृजन, परियोजना में परिवर्तन का पता लगाने को दिखाना, सुझाव प्रारूप में वर्ष-वार प्रत्येक परियोजना क्षेत्र हेतु सीमित ग्राउंड सत्य एवं रिपोर्ट सृजन।
अपेक्षित परिणाम : आईडब्लूएमपी परियोजना हेतु वर्षवार स्टेटस रिपोर्ट को तैयार करना एवं साथ ही स्टेटिक्स, स्टेटिक के साथ संशोधित आकलन एवं क्रॉस मैट्रिक्स टेबल, मैप क्मोपजिशेन, विशिष्ट परिवर्तन की प्वाइंट वेक्टर लेयर शोइंग लोकेशन के साथ जिटोडाटाबे फॉर्मेट में प्रत्येक परियोजना हेतु पांच साल रखरखाव हेतु सही माइक्रो वॉटरशेड/प्रोजेक्ट बाउंड्रीज़, आईडब्लूएमपी परियोजना वार लायूएलसी मैप सम्मिलित।
आंतरिक निष्कर्षपरियोजना का कार्य प्रगति पर है एवं परिणाम एनआरएससी, हैदराबाद को सौंपे जाएंगे
नियमित मानव संसाधन सम्मिलित: चार

  • उत्तर प्रदेश के समस्या वाले क्षेत्रों में भूजल टार्गेटिंग, विभिन्न यूजर विभागों जैसे माइनर इरीगेशन, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम, उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद, भारतीय रिजर्व बैंक, यूपीएसआईडीसी आदि।
  • बाढ़ हेतु आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली-महाराजगंज जिला (इन हाउस परियोजना)
  • देवरिया जिले के जलभराव भूमि एवं जल निकासी क्षेत्र का आकलन (इन हाउस परियोजना)
  • उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बाढ़ सैलाब मानचित्रण (सिंचाई विभाग द्वारा वित्तपोषित)
  • गोरखपुर जिले में सतही जल निकाय एंव जल भराव भूमि का आकलन (इन हाउस परियोजना)
  • थीमेटिक मैपिंग एवं जीआईएस डाटाबेस क्रिएशन (आईआरजीएस)
  • जौनपुर, ब्रांच सब बेसिन एवं इमामगंज ब्रांच सब बेसिन (उत्तर प्रदेश वॉटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना, उथ्तर प्रदेश सिंचाई विभाग-विश्व बैंक प्रायोजित) भूजल स्तर स्तर डाटाबेस हेतु भूजल स्तर डाटाबेस
  • उत्तर प्रदेश वॉटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग (विश्व बैंक प्रायोजित) हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • राजीव गांधी राष्ट्रीय पेयजल मिशन, एनआरएसए/डीओएस के तहत हिमाचल प्रदेश के हिस्सों में हाईड्रोजियोमॉर्फोलॉजिकल मैप (1:50,000 स्केल) का सृजन।
  • बाढ़ आकलन हेतु जीआईएस डाटाबेस सृजन (इन हाउस परियोजना)
  • बहराईच एवं नागुपर वितरण बेसिन में भूमि, जल एवं संबंधित पहलुओं हेतु बेसलाइन डाटा सृजन (उत्तर प्रदेश वॉटर सेक्टर सीस्ट्रक्चरिंग परियोजना, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के तहत-विश्व बैंक प्रायोजित)
  • गोरखपुर एवं महाराजगंज जिला, एशियन डेवसपमेंट प्रिपेयर्डनेस सेंटर (एशियन डेवेलपमेंट बैंक प्रायोजित) जीआईएस डाटाबेस में बाढ़ हेतु जीआईएस डाटाबेस सृजन।
  • कृत्रिम प्रक्रिया के माध्यम से भूजल रिचार्ज एवं स्टोरेज (इन हाउस परियोजना)
  • राजीव गांधी राष्ट्रीय पेयजल मिशन, एनआरएसए/डीओएस के अंतर्गत मध्यप्रदेश के हिस्सों में हाईड्रोजियोमॉर्फोलॉजिकल मैप (1:50,000 स्केल) की तैयारी।
  • झांसी जिले में चेक डैम साइट का चयन
  • झांसी जिले में भूजल क्षमता जोन की जियोस्टाटिस्टिकल मॉडलिंग।
  • अलमोढ़ा जिला, द्वाराहट, मिरई मल्ली एवं अलमोढा जिले के इरा क्षेत्र में जल स्त्रोत अध्ययन एवं ड्रिलिंग अनुश्रवण।
  • फल एवं सब्जी परियोजना, नेशनल डेरी डेवलपमेंट बोर्ड, मंगोलपुरी, नई दिल्ली हुत सेंट्रल डिस्ट्रीब्यूशन सुविधओं में भूजल अध्ययन।
  • टेहरी बांध के कैचमेंट में भूमी कटाव एवं वन कटाव का मानचित्रण।
  • उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान के विभिन्न भागों में यूजर विभागों हेतु बोरवेल साइटों हेतु जियोफिजिकल वेल लॉगिंग की आवश्यक्ता।
  • उत्तर प्रदेश के मऊदाहा बांध, हमीरपुर जिला के कैचमेंट एं कमांड में पर्यावरणीय प्रभाव आकलन।
  • महाराष्ट्र के पुणे एवं सतारा जिले में भूजल टारगेटिंग
  • उत्तर प्रदेश के माताटीला एवं रामगंगा जलाशय में जल गुणवत्ता अनुश्रवण।
  • बुंदेलखंड क्षेत्र की छोटी धाराओं में फ्लेश फ्लड रन-ऑफ के संग्रहण हेतु पोटेंशियल एक्वाफायर जोन के डेलिनिएशन
  • आगरा एवं मथुरा जिलों में भूजल टार्गेटिंग।
  • उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के झांसी, ललितपुर, बांदा, जलायूं, महोबा एवं चित्रकूट जिला में भूजल टर्गेटिंग।
  • अवैध आपदा डम्पिंग साइट के स्वच्छता माप एवं पर्यावरणीय सुधार।
  • मुरादाबाद एवं बरेली डिविजन (8 जिले सम्मिलित) हेतु जिला एटलस सृजन
  • रिमोट सेंसिंग का इस्तेमाल एवं जीआईएस के माध्यम से विशेषताओं को लिंक कर उन्नाव एवं कानपुर नगर जिलों के रोड नेटवर्क की तैयारी।
  • कडस्ट्रल मैपिंग परियोजना
  • आपदा प्रबंधन का निर्णय सहायक प्रणाली।
  • चंदौली जिले के नक्सलाइट प्रभावित नौगढ़ ब्लॉक में जल संसाधन अध्ययन।
  • लखनऊ जिले के मदारपुर गांव में भूमि रिकॉर्ड की चकबन्दी।
  • सीतापुर जिल में यूटिलिटी मैपिंग।
  • जिला चंदौली, उत्तर प्रदेश के सख्त क्षेत्रों में भूजल संसाधनों हेतु फ्रेक्चर जोन की पहचान।
  • रामगंगा बेसिन में आरएस एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश में बाढ़ एवं आकाल का अनुश्रवण।
  • ओरई तेहसील (4 गांवों) के सभी अंबेडकर गांवों में यूटिलिटी सेवा मैपिंग, घोसी तेहसील, मऊ जिला के 1 अंबेडकर गांव एवं 1 अंबेडकर गांव, (5 बस्ती सम्मिलित) सण्डीला तेहसील, हरदोई जिला।
  • राजीव गांधी राष्ट्रीय पेयजल मिशन फेज़-IV संपूर्ण उत्तर प्रदेश (परियोजना के फेज-III के दौरान बुंदेलखंड एवं आगरा क्षेत्र जो समाप्त हो चुके हैं उनके अतिरिक्त)
  • श्रावस्ती, बलरामपुर, महाराजगंज एवं सिद्धार्थनगर जिला में प्रस्तावित राप्ती प्रमुख नहर पर डीजीपीएस का इस्तेमाल कर भूमि नियंत्रण प्वाइंट (जीसीपीएस) का संग्रहण।
  • हाई रिजॉल्यूशन रिमोट सेंसिंग जीआईएस एवं जीपीएस तकनीकों का का इस्तेमाल कर कडस्ट्रल मैप में एसजीपीजीआई, लखनऊ बाहरी दीवार एवं परिसर की भूमि विशेषताओं का चित्रण।
  • उत्तर प्रदेश रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों के गोमती रिवर बेसिन में सतही जल संसाधन, नदी का बहाव एवं संबंधित जियो मॉर्फोलॉजिकल अध्ययन का अस्थायी अनुश्रवण।
  • हरदोई जिले के सण्डीला तहसील में लोहिया समग्र ग्रामों में यूटिलिटी सर्विसेज मैपिंग।
  • जीआईएस एवं जीपीएस तकनीकों का इस्तेमाल कर गोरखपुर, देवीपाटन डिविजन एवं झांसी, महोबा जिलों में बाढ़ एवं आकाल का अनुश्रवण।
  • एकीकृत वॉटरशेड प्रबंधन परियोजना (उत्तर प्रदेश के 185 वॉटरशेड)
  • उत्तर प्रदेश के गोमती रिवर बेसिन के चयनित क्षेत्रों हेतु जल गुणवत्ता के कारण जियोएन्वायरमेंटल परिवर्तन हेतु अध्ययन।
  • बागपत जिले में यूटिलिटी सर्विस मैपिंग एवं जल गुणवत्ता आकलन अध्ययन।
  • उत्तर प्रदेश के केन, बेतवा एवं चंबल नदियों पर बाढ़ एवं आकाल का अनुश्रवण।
  • हिमालय क्षेत्र, फेज-II में बर्फ एवं ग्लेशियर का अनुश्रवण।
  • मोबाइल लीडार डाटा कैप्चरिंग/प्रोसेसिंग एवं वस्तुओं की पहचान एवं लखनऊ-कानपुर राजमार्ग के दोनो तरफ रोड चौड़ी (8 किमी) करने हेतु कंटूर जनरेशन।
  • चाक गजरिया गंज, आईटी सिटी, लखनऊ में लिडार प्वाइंट क्लाउड डाटा का इस्तेमाल कर सतही मॉडलिंग पर रिपोर्ट
  • उत्तर प्रदेश में अन्हइया, गोमती, हिंडन, लखेरी, पाहुज एवं सेंगेर नदियों हेतु कायाकल्प और रिचार्जिंग के उपाय के तौर पर प्रमुख जोर के साथ उत्तर प्रदेश में बाढ़ का अनुश्रवण।
  • गोरखपुर जिला रिपोर्ट – “जिला गोरखपुर, उत्तर प्रदेश हेतु बाढ़ प्रबंधन प्लान हेतु सुझाव”
  • बुरहाना तेहसील के डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम में यूटिलिटी फैसिलिटी सर्विसेज मैपिंग एवं मुजफ्फरनगर जिला में हिण्डन नदी में औद्योगिक प्रवाह के कारण भूजल एवं सतही जल का गुणवत्ता आकलन।
  • हाई रिजॉल्यूशन सेटलाइट डाटा का इस्तेमाल कर जियापुर ग्राम, वाराणसी जिले के विकास हेतु माइक्रो स्तर एकीकृत अध्ययन।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जियोफीजिकल तकनीकों का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के शाहबगंज ब्लॉक में कर्मनाशा नदी के चयनित माइक्रोवॉटरशेड में एक्वीफायर मैपिंग अध्ययन।
  • लखनऊ-कानपुर राजमार्ग को दोनो तरफ रोड चौड़ा करने हेतु मोबाईल लीडार डाटा कैप्चरिंग/प्रोसेसिंग एवं वस्तु की पहचान एवं कॉंटूर सृजन (2016)।
  • उत्तर प्रदेश में अनहैया, गोमती, हिंडन, लखेरी, पाहुज एवं सेंगेर नदियों हेतु कायाकल्प एवं रिचार्ज उपायों पर विशेष ध्यान के साथ उत्तर प्रदेश में बाढ़ का अनुश्रवण।
  • गोरखपुर जिला रिपोर्ट – “गोरखपुर जिला, उत्तर प्रदेश हेतु बाढ़ प्रबंधन प्लान हेतु सुझाव” (2016)
  • मुज्जफरनगर जिला में हिण्डन नदी में औद्योगिक प्रवाह के कारण बुरहाना तेहसील के डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम में यूटिलिटी फेसिलिटी सर्विसेज़ मैपिंग एवं भूजल एवं सतही जल का गुणवत्ता आकलन (2016)
  • हाई रिजॉल्यूशन सेटलाइट डाटा का इस्तेमाल कर जायापुर ग्राम, वाराणसी जिला के विकास हेतु माइक्रो स्तर एकीकृत अध्ययन (2016)।
  • लखनऊ शहर में चक गजरिया गंज में लिडार प्वाइंट क्लाउड डाट का इस्तेमाल कर सतही मॉडलिंग (2016)।
  • बागपत जिले के चयनित डॉ. राम मनोहर लोहिया ग्रामों में यूटिलिटी फेसिलिटी सर्विसेज़ मैपिंग एवं बागपत एवं मेरठ जिले के औद्योगिक क्षेत्र में हिण्डन नदी द्वारा भूजल गुणवत्ता प्रभावित का अनुश्रवण। (2015)।
  • बेतवा, चंबल एवं केन नदी के कैचमेंट क्षेत्र में बाढ़ एवं आकाल शमन मापों के विशेष संदर्भ के साथ उत्तर प्रदेश में बाढ़ में जल और नदी प्रवासन अध्ययन।(2015)।
  • पर्यावरणीय परिवर्तन के गोमती रिवर बेसिन एवं आकलन के चयनित क्षेत्रों में सतही एवं भूजल गुणवत्ता का अध्ययन (2015)।
  • हिमालयन क्षेत्र, फेज-II (2015) के बर्फ एवं ग्लेशियर का अनुश्रवण (2015)
  • देवीपाटन एवं गोरखपुर मुंडल, उत्तर प्रदेश में प्रमुख नदी पर बाढ़ प्रवासन पर विशेष संदर्भ के साथ उत्तर प्रदेश में बाढ़  इननडेशन एवं नदी प्रवासन अध्ययन। (2014)
  • रिमोट सेंसिंग (हाई रिजॉल्यूशन डाटा), जी.आई.एस एवं जी.पी.एस. तकनीक का इस्तेमाल कर हरदोई जिला के सण्डीला तहसील के डॉ. राम मनोहर लोहिया ग्राम की यूटिलिटी सर्विसेज़ मैपिंग (2014)
  • गोमती रिवर बेसिन में सतही जल संसाधन जियोमॉर्फोलॉजी, रिवर डायनमिक एवं संबंधित लैंडफॉर्म के आकलन पर रिमोट सेंसिंग एवं जी.आई.एस आधारित एवं जी.पी.एस अध्ययन। (2014)
  • लक्ष्मीताल, झांसी के संग्रहण क्षमता में कमी के कारण के आकलन पर रिपोर्ट. रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस टक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर उनके पुनरुद्धार हेतु संस्तुति। (2013)
  • मदन सागर, महोबा जिला के संग्रहण क्षमता में कमी के कारण के आकलन पर रिपोर्ट. रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस टक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर उनके पुनरुद्धार हेतु संस्तुति। (2013)
  • झांसी जिला में चयनित जल निकाय के संग्रहण क्षमता में कमी के कारण के आकलन पर रिपोर्ट. रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस टक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर उनके पुनरुद्धार हेतु संस्तुति। (2013)
  • महोबा जिला में चयनित जल निकाय के संग्रहण क्षमता में कमी के कारण के आकलन पर रिपोर्ट एवं रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस टक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर उनके पुनरुद्धार हेतु संस्तुति। (2013)
  • बांदा जिला में चयनित जल निकाय के संग्रहण क्षमता में कमी के कारण के आकलन पर रिपोर्ट एवं रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस टक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर उनके पुनरुद्धार हेतु संस्तुति। (2013)
  • झांसी जिले के बेतवा नदी कैचमेंट क्षेत्र में उपयुक्त बांध साइट के चयन पर रिपोर्ट (2013)
  • हाई रिजॉल्यूशन रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एवं जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल कर जालौन, मऊ एवं हरदोई जिला के अंबेडकर गांव में यूटिलिटी सर्विसेज़ मैपिंग (2013)
  • बांदा जिले के बाघैन नदी कैचमेंट एरिया में उपयुक्त बांध के चयन पर रिपोर्ट (2013)
  • चंदौली जिला, उत्तर प्रदेश के हार्ड रॉक क्षेत्र में भूजल उत्पत्ति हेतु संभावित फ्रैक्चर ज़ोन की पहचान (2013)
  • रामगंगा नदी पर बाढ़ प्रवासन अध्ययन पर प्रमुख संस्तुति के साथ उत्तर प्रदेश मे बाढ़ जलमग्न एवं नदी प्रवासन अध्ययन। (2013)
  • सीतापुर जिला, उत्तर प्रदेश के कडस्ट्रल मैप के आधुनिकीकरण एवं जियो रिफरेंसिंग (2012)
  • ललितपुर जिला, उत्तर प्रदेश के कडस्ट्रल मैप के आधुनिकीकरण एवं जियो रिफरेंसिंग (2012)
  • हाई रिजॉल्यूशन, रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एवं जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल कर जिला सीतापुर के परसेंडी ब्लॉक के चयनित अंबेडकर गांव में यूटिलिटी सर्विसेज़ मैपिंग।
  • उत्तर प्रदेश में गंगा एवं यमुना नदी के 5 किमी बफर जोन पर आपदा प्रबंधन के निर्णय सहायक प्रणाली पर रिपोर्ट (2012)
  • सतही एवं भूजल संसाधन के संयोजन उपयोग के माध्यम से चंदौली जिला, उत्तर प्रदेश के नक्सली प्रभावित नौगढ़ ब्लॉक का सतत विकास (2012)
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश में घाघरा, शारदा एवं गोमती नदी पर रिवर तट कटाव का अध्ययन (2011)
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस का इस्तेमाल कर मदारपुर ग्राम, तहसील एवं जिला लखनऊ में भूमि पार्सल की चकबन्दी (2011)
  • बहराइच, लखीमपुर एवं पीलीभीत जिले में आपदा प्रबंधन का निर्णय सहायता प्रणाली पर रिपोर्ट (2010)
  • बलरामपुर जिला के बाढ़ प्रबावित क्षेत्र में आपदा प्रबंधन का निर्णय सहायक प्रणाली पर रिपोर्ट (2010)
  • जालौन जिला, उत्तर प्रदेश के कडस्ट्रल मैप का आधुनिकीकरण एवं जियो रिफरेंसिंग पर टेक्निकल रिपोर्ट (2010)
  • श्रावस्ती जिला के बाढ़ इनंडेटड में आपदा प्रबंधन का निर्णय सहायक प्रणाली पर रिपोर्ट (2009).
  • सेटलाइट रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों का इस्तेमाल कर फकोट वॉटरशेड, टेहरीगढ़वाल जिला, उत्तराखंड में सतत आधार विकास हेतु बायो-जियो डाटाबेस सृजन एवं एकीकृत अध्ययन पर रिपोर्ट (2007).
  • मुचोर्वाघाट के पास बुरही राप्ती नदी चैनल परिवर्तन एवं रिमोट सेंसिंग डाटा का इस्तेमाल कर सिद्धार्थ नगर जिले में पुराना बन गंगा नदी ड्रेन के क्षेत्र में प्राकृतिक जल मग्न क्षेत्र के अध्ययन पर रिपोर्ट। (2006).
  • उत्तर प्रदेश वॉटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना के अंतर्गत इमामगंज ब्रांच बेसिन हेतु भूजल स्तर डाटाबेस (अक्टूबर' 03).
  • उत्तर प्रदेश वॉटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना के अंतर्गत जौनपुर ब्रांच बेसिन हेतु भूजल स्तर डाटाबेस (अक्टूबर' 03).
  • बहरईचंद नागापुर डिस्ट्रिब्यूटरी बेसिन में भूमि, जल एवं संबंधित पहलुओं हेतु बेसलाइन डाटा सृजन वॉल्यूम 1 एवं 2 (ड्राफ्ट रिपोर्ट, मार्च 2002)
  • बहराइच एवं नागापुर डिस्ट्रिब्यूटरी बेसिन में भूमि, जल एवं संबंधित पर्यावरणीय स्थिति का मूल्यांकन (आंतरिक रिपोर्ट; अगस्त 2001).
  • रिमोट सेंसिंग एवं जियोफिजिकल तकनीकों पर आधारित कानपुर नगर एवं कानपुर देहात जिला, उत्तर प्रदेश भूजल अप्रेजल रिपोर्ट (मार्च 2001).
  • रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एवं जियोफिजिकल तकनीकों पर आधारित नैनीताल जिला के भाग में एकीकृत जल संसाधन  अध्ययन (मार्च 2000).
  • रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एवं जियोफिजिकल तकनीकों पर आधारित इटावा एवं और्रय्या जिला, ग्राउंड वॉटर अप्रेजल रिपोर्ट (मार्च 2000).
  • रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एवं जियोफिजिकल तकनीकों पर आधारित अलमोढ़ जिला, उत्तर प्रदेश के हिस्सों में एकीकृत जल संसाधन अध्ययन (जून 1999).
  • उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद एवं कन्नौज जिलों में जल संसाधनों के नियोजित विकास के साथ भूजल टार्गेटिंग एवं कन्नौज जिले के जलालाबाद ब्लॉक में जल प्रबंधन हेतु रिमोट सेंसिंग अध्ययन (जून-1999)
  • जलालाबाद ब्लॉक, कन्नौज जिला, उत्तर प्रदेश में जल संसाधन के नियोजित विकास एवं प्रबंधन हेतु रिमोट सेंसिंग अध्ययन (मई, 1999).
  • अलमोड़ा जिला, उत्तर प्रदेश के हिस्सों में जल स्त्रोत अध्ययन एवं ड्रिलिंग सुपरविजन (मार्च, 1997).
  • अलमोढ़ा जिला, उत्तर प्रदेश के द्वाराघाट क्षेत्र में एवं आसपास जल स्त्रोतों का अध्ययन. पूरक रिपोर्ट, प्रोग्राम सपोर्ट इकाई, द रॉयल नीदरलैण्ड एंबेसी को जमा (नवंबर, 1995).
  • फल एवं सब्जी परियोजना, एनडीडीबी, नई दिल्ली हेतु केंद्रीय वितरण सुविधा में भूजल अध्ययन हेतु रिमोट सेंसिंग एवं विद्युतीय प्रतिरोधकर्ता सर्वेक्षण पर रिपोर्ट। (मार्च, 1993).
  • राठ, हमीरपुर जिला के क्षेत्र में भूजल जांच पर रिपोर्ट (1992)
  • झांसी जिला, उत्तर प्रदेश पर विशेष संदर्भ के साथ भूजल अन्वेषण का पर्यावरणीय पहलू। (जून, 1992).
  • ग्राउंड वॉटर अप्रेजल रिपोर्ट, झांसी जिला, उत्तर प्रदेश (दिसंबर, 1991)
  • ग्राउंड वॉटर अप्रेजल रिपोर्ट, ललितपुर जिला, उत्तर प्रदेश (दिसंबर, 1991)
  • ग्राउंड वॉटर अप्रेजल रिपोर्ट, हमीरपुर जिला, उत्तर प्रदेश (दिसंबर, 1991)
  • ग्राउंड वॉटर अप्रेजल रिपोर्ट, बांदा जिला, उत्तर प्रदेश (दिसंबर, 1991)
  • ग्राउंड वॉटर अप्रेजल रिपोर्ट, जालौन जिला, उत्तर प्रदेश (दिसंबर, 1991)
  • खन्ना, क्षेत्र, हमीरपुर जिला में ट्यूबवेल साइट हेतु रिमोट सेंसिंग एं जियोएलेक्ट्रिकल अध्ययन (अक्टूबर, 1991).
  • सेटलाइट रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर टेहरी डैम कैचमेंट एरिया में भूमि कटाव एंव वन कटाव आकलन (अप्रैल, 1991).
  • उत्तर प्रदेश के पठार क्षेत्रों के समस्या क्षेत्रों में भूजल संसाधनों की पहचान पर समीक्षा रिपोर्ट (1990).
  • सेटलाइट रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर टेहरी डैम कैचमेंट एरिया में पर्यावरणीय स्थिति का आकलन (नवंबर, 1989).
  • एकीकृत सेटलाइट एवं एरियल रिमोट सेंसिंग तकनीक एवं जियोएलिक्ट्रिकल विधि का इस्तेमाल कर फतेहपुरसीकरी टाउन, आगरा जिला, उत्तर प्रदेश में एवं आसपास उपयुक्त ट्यूबवेल साइट का चयन (मार्च, 1989).
  • सेटलाइट रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर मौदाहा बांद के कैचमेंट एवं कमांड के पर्यावरणीय स्तिथि का आकलन (अगस्त, 1988).
  • बड़ागांव योजना, झांसी जिला, उत्तर प्रदेश में जलापूर्ति हेतु भूजल जांच पर एक रिपोर्ट
  • बड़ाघर, बांदा जिला, उत्तर प्रदेश में एवं आसपास भूजल जांच (1987).
  • मथुरा कैंट बोर्ड एरिया, मथुरा जिला, उत्तर प्रदेश में ट्यूबवेल साइट चयन पर एक रिपोर्ट (1987)
  • ग्राम लेबा, झांसी जिला, उत्तर प्रदेश के आसपास भूजल जांच पर एक रिपोर्ट (1987)
  • झांसी किला, झांसी, उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में भूजल टार्गेटिंग पर एक रिपोर्ट (1986).
  • स्पिनिंग मिल के परिसर में बेरवेल साइट के चयन पर एक रिपोर्ट (झांसी, 1986)
  • इंडो-गल्फ एक्सप्लोजिव लिमिटेड कॉम्प्लेक्स, बबीना, झांसी जिला में बोर वेल साइट का चयन (1986).
  • बंदूरबुजुर्ग, हमीरपुर जिले के पेयजल आपूर्ति हेतु उपयुक्त साइट का चयन (अगस्त, 1986).
  • राजीवा मोहन, कडस्ट्रल लेवल रिसोर्सेज़ इंफॉर्मेशन सिस्टल फॉर सेलेक्टेड वॉटरशेड इन सोनभद्र डिस्ट्रिक्ट यूपी, यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जी.आई.एस. टेक्नीक्स (2015)
  • राजीवा मोहन, घाघरा रिवर सिस्टम्स एण्ड इट्स वैल्यू टू सोसाइटी (2014)
  • राजीवा मोहन, रंजीता बेनर्जी एवं अमित कुमार गुप्ता, कंजक्टिव वॉटर मैनेजमेंट: इशूज़ एण्ड रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस पर्सपेक्टिव फॉर प्लानिंग एण्ड मॉनीटरिंग-ए स्टेट ऑफ अफेयर्स इन जौनपुर ब्रांच कमांड इन उत्तर प्रदेश, सतह और भूजल के संयोजक उपयोग पर कार्यशाला, लखनऊ, मार्च 18-19, 2010 पीपी 64-72 में प्रकाशित
  • राजीवा मोहन, रंजीता बेनर्जी, वे.के. बंसल एवं पी.के. श्रीवास्तव, रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस बेस्ड मैपिंग ऑफ वॉटरलॉज्ड एण्ड सॉल्ट एफेक्टेड लैण्ड्स इन उत्तर प्रदेश-शारदा सहायक प्रणाली के जौनपुर ब्रांच कनाल कमांड पर विशेष ध्यान, उत्तर प्रदेश में भूजल प्रबंधन पर कार्यशाला में प्रस्तुत एवं प्रकाशित, एसडब्लूएआरए, द्वारा अगस्त 20-21, 2009, में आयोजित पीपी 132-141
  • राजीवा मोहन एवं वी.के. बंसल, रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस अप्रोच इन ग्राउंडवॉटर एक्सप्लोरेशन, उत्तर प्रदेश में भूजल प्रबंधन पर कार्यशाला में प्रकाशित, एसडब्लूएआरए द्वारा अगस्त 20-21 आयोजित, पीपी, 2009
  • ए.के. अग्रवाल, ए.एल. हलदर एवं राजीवा मोहन, एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस एनालिसिस फॉर लोकेशन ऑफ द वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर एण्ड जनरेशन ऑफ वॉटर रिसोर्सेज़ एक्शन प्लान-ए रिव्यू. वर्षा जल संचयन पर कार्यशाला में प्रस्तुत एवं प्रकाशित. डब्लूएएलएमआई, यूपी द्वारा 22-23 नवंबर 06 द्वारा आयोजित पीपी 59-60 एम
  • ए.के. अग्रवाल, राजीव मोहन एवं एस.के.एस यादव, एन इंटीग्रेटेड अप्रोच ऑफ रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एण्ड जियोफिजिकल टेक्नीक्स फॉर हाईड्रोलॉजिकल स्टडीज इन जापुरा ब्लॉक ऑफ बदायूं डिस्ट्रिक्ट, यू.पी. इंडियन जर्नल ऑफ पावर एण्ड रिवर वैली डेवलपमेंट, 2004, पीपी 35-40
  • राजीवा मोहन, एप्लीकेशन अपॉर्च्यूनिटीज़ फॉर रिमोट सेंसिंग इन डेवलपमेंट एण्ड मैनेजमेंट ऑफ इरीगेशन एण्ड ड्रेनेज, गंगा बेसिन, यू.पी. के रिफरेंस पर जल संसाधन प्रबंधन एवं विकास पर राष्ट्रीय सम्मेलन, आयोजन लखनऊ में अप्रैल 2003, पीपी III-I.1-8
  • ए.के. अग्रवाल एवं राजीव मोहन, एप्लीकेशन ऑफ जीआईएस टक्नीक फॉर प्रिसाइज़ लोकेशन ऑफ वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर इन चिरखेरा माइक्रो-वॉटरशेड, गुना डिस्ट्रिक्ट, एम.पी. आईएसपीआरएस के कार्यवाही में प्रकाशित, संसाधन एवं पर्यावरणीय अनुश्रवण पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, दिसंबर 2002, हैदराबाद
  • ए.के. अग्रवाल एवं राजीवा मोहन, रोल ऑफ रिमोट सेंसिंग टेक्नीक एण्ड कम्युनिटी पार्टिसिपेश इन प्लानिंग ऑफ रूरल ड्रिंकिंग सप्लाई स्कीम इन हार्ड रॉक एरिया ऑफ यूपी., जीयोमेटिक्स-2002 की कार्यवाही में प्रकाशित, आ.टी. इनेबल्ड स्पाटियल डाटा सर्विस, सितंबर, 2002 पर कांफ्रेंस, ट्रिकी पीपी 179-181.
  • राजीवा मोहन, वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर: ए नीड फॉर इंप्रूविंग वॉटर एण्ड लैण्ड एन्वायरमेंट-रोल ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस, “गिव अर्थ ए चांस” पर सेमिनार के कार्यवाही में प्रस्तुत एवं प्रकाशित, इण्डियन वॉटर वर्क्स एसोसिएशन, द्वारा जून 2002 में आयोजित, पीपी 49-57.
  • सुधाकर शुक्ला, राजीवा मोहन एवं वी.सरीन, एन असेसमेंट ऑफ जियो एन्वायरमेंट थ्रू रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस विद स्पेशल रिफरेंस टू लैण्ड, वाटर एण्ड फॉरेस्ट, “गिव अर्थ ए चांस” पर सेमिनार की कार्यवाही में प्रकाशित, इण्डियन वॉटर वर्क्स एसोसिएशन द्वारा जून 2002 में आयोजित, पीपी 33-42
  • ए.एल हलधार एवं राजीवा मोहन, ऑप्टीमियम डेवलपमेंट ऑफ ग्राउंड वॉटर इन ललितपुर डिस्ट्रिक्ट-नीड फॉर कंजर्वेशन एण्ड आर्टिफीशियल रिचार्ज, जल संरक्षण, रीसाइकिल एवं पुनःइस्तेमाल पर सेमिनार में लखनऊ, मार्च, 2002 में प्रकाशित, पीपी 71-79
  • ए.एल. हलदार, पंकज कुमार एवं राजीवा मोहन, असेसिंग सर्फेस एण्ड ग्राउंडवॉट रिसोर्सेज़ यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स: ए केस स्टडी ऑफ नॉन-रिवर वॉटरशेड, कानपुर डिस्ट्रिक्ट (उत्तर प्रदेश) भारत, 21वीं सदी के भूमि एवं जल प्रबंधन पर राष्ट्रीय सम्मेलन राष्ट्रीय सम्मेलन, लखनऊ, 2001
  • एएल. हलदार, के. राजराजन एवं राजीवा मोहन, आर्टिफीशियल रिचार्ज जोन मैपिंग थ्रू फ्रैक्चर पैटर्न मॉडलिंग यूजिंग रिमोट सेंसिंग टेक्नीक्स इन सेंट्रल ट्रैक्ट्स ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, भूजल रिचार्ज: सतत विश्व जल हेतु रणनीती पर ऑल इण्डिया सेमिनार में प्रकाशित एवं प्रस्तुत: इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर (इण्डिया), लखनऊ में 15-16 जुलाई, 2000 में आयोजित पीपी 117-122.
  • ए.एल. हलदार, के. राजाराजन एवं आर. मोहन, फ्रैक्चर पैटर्न मॉडलिंग फॉर ग्राउंडवॉटर एक्सप्लोरेशन इन सेंट्रल पार्ट्स ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, यूपी., भूजल विकास के की चुनौतियों पर कार्यशाला की कार्यवाही में प्रकाशित, 7-9 जून, 2000, तिरुपति, ए.पी. पीपी 88.97
  • विभु सरीन, सुधाकर शुक्ला एवं राजीवा मोहन, एन इंटीग्रेटेड अप्रोच फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट ऑफ वॉटर रिसोर्सेज़ इन भीमताल गेड सब वॉटर शेड ऑफ नैनीताल डिस्ट्रिक्ट, यूपी., प्राकृतिक आपदा प्रबंधन हेतु स्पाटियल तकनीकों पर वार्षिक कन्वेंशन एवं सम्मेलन, नवंबर 2000, पीपी 173-180
  • ए.एल. हलदार, राजीवा मोहन एवं एम.बी.एस. राव प्रॉस्पेक्टिंग ग्राउंडवॉटर इन ड्राट प्रोन एरिया ऑफ बार टाउन, ललितपुर डिस्ट्रिक्ट थ्रू इंटीग्रेटेड अप्रोच. जियोफिजिक्स विभाग, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, जून, 2000, पीपी 139-144
  • एल.आई.एम. राव, ए.क. अग्रवाल एवं राजीवा मोहन, एक्स्प्लोरेशन, माइक्रोलेवल प्लानिंग एण्ड मैनेजमेंट ऑफ ग्राउंड वॉटर रिसोर्सेज़ यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जियोफिजिकल टेक्नीक्स फॉर ऑगमेंटेशन ऑफ ड्रिंकिंग वॉटर सप्लाई इन बबीना ब्लाक, झांसी डिस्ट्रिक्ट। राष्ट्रीय सम्मेलन जी/वीआर-98, जियोफिजिक्स विभाग, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, जून, 2000 में प्रस्तुत एवं प्रकाशित
  • राजीवा मोहन, ए.के. अग्रवाल, के. राजाराजन, एस.के.एस यादव एवं राजीव कुमार, प्लान्ड डेवलपमेंट एवं मैनेजमेंट ऑफ वॉटर रिसोर्सेज इन जलालाबाद ब्लॉक ऑफ कन्नौज डिस्ट्रिक्ट, यूपी यूजिंग रिमोट सेंसिंग टेक्नीक्स, आईएसआरएस सिम्पोजियम, भुव्नेश्वर, मार्च, 2000, पीपी 241-243
  • राजीवा मोहन, विभु सरीन एवं सुधाकर शुक्ला, रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस अप्रोच फॉर डेवलपमेंट ऑफ वॉटर रिसोर्सेज इन साइ गेड सब वॉटरशेड ऑफ अलमोढ़ा डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश, रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस एप्लीकेशन, बेंगलोर, 1998 पर राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रकाशित, पीपी 404-413
  • एस.रवी प्रकाश एवं राजीवा मोहन, हाईड्रोजियोमॉर्फोलॉजिकल मैपिंग ऑफ पनवारी एरिया, हमीरपुर डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश यूजिंग सेटलाइट डाटा, फोटो निर्वाचक, जर्नल ऑफ द इण्डियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग, वॉल्यूम 24 नवंबर, नंबर 2, 1996, पीपी 97-103
  • पी.एन. शाह, राजीवा मोहन, डी.एन. राव, एस. रवी प्रकाश, एन.के गोस्वामी, सी.डी. मूर्ति, ए.के. अग्रवाल एवं एस.मुखर्जी, डिस्ट्रिक्ट वाइज हाइड्रोमॉर्फोलॉजिकल मैपिंग फॉर सस्टेनेबल डेवसपमेंट ऑफ ग्राउंड वॉटर इन यूपी, यजिंग आईआरएस-1 ए एलआईएसएम-II डाटा. सतत विकास हेतु रिमोट सेंसिंग पर राष्ट्रीय सम्मेलन, 1992, पीपी 144-150
  • राजीवा मोहन, पी.एन. शाह, वी राजामणी, वी गोवर्धन एवं संगीता गुप्ता, एन असेसमेंट ऑफ लैण्ड इरोजन एण्ड फॉरेस्ट डीग्रेडेशन इन द टेहरी डैम कैचमेंट एरिया यूजिंग सेटलाइट रिमोट सेंसिंग टेक्नीक. सतत विकास हेतु रिमोट सेंसिंग पर राष्ट्रीय सम्मेलन, नवंबर 1992, पीपी 187-192
  • एम बी एस राव एवं राजीवा मोहन, ग्राउंड वॉटर टारगेटिंग इन ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, यूपी थ्रू डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग-ए केस स्टडी, सतत विकास हेतु रिमोट सेंसिंग पर राष्ट्रीय सम्मेलन, नवंबर पीपी 151-158
  • देवेंद्र मिश्रा, राजीवा मोहन एवं हीरा सिंह, ग्राउंड वॉटर इंवेस्टीगेशन्स फॉर सेलेक्शन ऑफ वॉटर वेल साइट अराउंड महोबा, हमीरपुर डिस्ट्रिक्टस जर्नल एसोसिएशन जियोफिजिक्स, जनवरी, 1991 वाल्यूम XII, नंबर 1, पीपी 55-65
  • एम.बी.एस. राव एवं राजीवा मोहन, एप्लीकेशन रिमोट सेंसिंग फॉर डेवलपमेंट ऑफ ग्राउंड वॉटर रिसोर्सेज इन पार्ट्स ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, यूपी., भूजल विकास पर ऑल इण्डिया सेमिनार की कार्यवाही, लखनऊ 1988, पीपी टी-1/1-7
  • राजीवा मोहन, जी.एल.राव एवं हीरा सिंह ग्राउंड वॉटर टारगेटिंग यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड एलेक्ट्रिकल रेजिस्टीविटी विधि इन पार्ट्स ऑफ सलाइन ट्रैक्ट्स ऑफ आगरा डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश, जर्नल एसोसिएशन एक्सपल.जियोफिजिक्स, वॉल्यूम-III, नंबर.2, 1987, पीपी. 99-109
  • हीरा सिंह, राजीवा मोहन, डी. मिश्रा एवं एम.बी.एस. राव, डेवसपमेंट एण्ड यूटिलाइजेशन ऑफ ग्राउंड वॉटर रिसोर्सेज इन पार्ट्स ऑफ बुंदेलखंड रीजन, उत्तर प्रदेश, भारतीय जल कांग्रेस में प्रकाशित एवं प्रस्तुत, नई दिल्ली में मार्च,1987 पीपी जी-7/1 -7/9
  • राजीवा मोहन, लैण्डयूज क्लासिफिकेशन ऑफ द एरिया अराउंड जयपुर यूजिंग लैण्डसेट डाटा, द नेशनल जियोग्राफिकल जर्नल ऑफ इण्डिया वॉल्यूम 31, पार्ट-1, 1985 पीपी 39-43
  • आर.एस. चतुर्वेदी एवं राजीवा मोहन, डेलीनेटिंग फ्लड एफेक्टेड एरिया ऑफ साउथ उत्तर प्रदेश यूजिंग सेटलाइट रिमोट सेंसिंग टेक्नीक। रिमोट सेंसिंग एवं जल संसाधन के प्रबंधन पर राष्ट्रीय सम्मेलन, 1983 पीपी 79-87
  • राजीवा मोहन ईटी. एएल, डिजिटल प्रोसेसिंग ऑफ रिमोट सेंसिंग डाटा फॉर लैण्डयूज मॉनीटरिंग, मिट्टी, विकासशील देशों, बैंकॉक, थाइलैण्ड, में भूउपयोज नियोजन के जियोलॉजी एवं लैण्ड फॉर्म्स प्रभाव पर प्रथम अंतर्ऱाष्ट्रीय सम्मेलन,1982 पीपी एफ6.1-एफ6.9
  • राजीवा मोहन एवं पी.के. श्रीवास्तव, रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस इन द डेवलपमेंट ऑफ  डिसिजन सपोर्ट सिस्टम फॉर वॉटर सिसोर्सेज़ मैनेजमेंट इन इरीगेटेड कमांड्स-ए केस ऑफ जौनपुर ब्रांच कमांड इन उत्तर प्रदेश, जियोमेटिक्स 2010 में प्रस्तुत, स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, अहमदाबाद में आयोजित, फरवरी 4-6, 2010 (जियोमेटिक्स में प्रकाशन किया जाना है)
  • राजीवा मोहन, वी.के. बंसल एवं अमित कुमार गुप्ता, लैण्ड ड्रेनेज इंप्रूवमेंट इन यूपी-ए रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएएस अप्रोच प्रिपेयर्ड एण्ड सबमिटेड, यूपी हेतु बेसिन वाइज ड्रेनेज मास्टर प्लान-प्रथमाकिताएं एवं कार्यवाही कार्यशाला की कार्यवाही में प्रकाशित किया जाना है, एसडब्लूएआरए द्वारा आयोजित, आयोजन 2-3 मार्च 09
  • अमित कुमार गुप्ता, राजीवा मोहन, रंजीता बेनर्जी एवं नवीन कुमार शुक्ला, एन इंटीग्रेटेड कडस्ट्रल जीआईएस डाटाबेस एण्ड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर इरीगेशन वॉटर यूजर एसोसिएशन इन पार्ट्स ऑफ जौनपुर ब्रांच सिस्टम ऑफ उत्तर प्रदेश इन XXVIII आईएनसीए, अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस, नवंबर 4-6, 2008, गांधीनगर में आयोजित. एब्सट्रेक्ट प्रकाशित एवं कार्यवाही में प्रकाशन किया जाना है।
  • ए.के. अग्रवाल, फूल कुंवर एवं राजीवा मोहन, जीआईएस एनलिसिस फॉर डेलिनेशन ऑफ ग्राउंड प्रोस्पेक्ट जोन्स इन पार्ट्स ऑफ सजनम वॉटरशेड, ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश, वॉटरशेड डेवलपमेंट पर राष्ट्रीय सम्मेलन जमा/प्रस्तुत, आंध्र विश्वविद्यालय, विशाखापटनम, द्वारा अक्टूबर 2003 आयोजित
  • वी.सरीन, सुधाकर शुक्ला एवं राजीवा मोहन, ए जीआईएस अप्रोज फॉर डेवलपमेंट ऑफ वॉटर रिसोर्सेज एक्शन प्लान इन बासॉल्टिक टेर्रियन ऑफ बिना रिवर सब-वॉटरशेड, रेजन डिस्ट्रिक्ट, एम.पी., हाईड्रोलॉजी एवं वॉटरशेड प्रबंधन पर अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में जमा/प्रस्तुत, आयोजन हैदराबाद, दिसंबर 2002
  • ए.एल. हलदार एवं आर.मोहन, वॉटरशेड प्रबंधन यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स-ए केस स्टडी इन पार्ट्स ऑफ शहजाद वॉटरशेड, ललितपुर यूपी., इण्डिया, सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरीगेशन एवं पावर के जर्नल हेतु जमा, नई दिल्ली, 2001
  • राजीवा मोहन, रिमोट सेंसिंग: ए सल्यूशन ऑफ ग्राउंडवॉटर सोर्स फाइंडिंग प्रॉबलम्स ऑफ बुंदेलखंड रीजन ऑफ उत्तर प्रदेश, कार्यशाला “बुंदलेखंड की जलसमस्या एवं समाधान” हेतु प्रकाशन हेतु प्रस्तुत एवं जमा, आयोजन झांसी, मार्च 1996
  • ए.के. अग्रवाल एवं राजीवा मोहन, एप्लीकेशन ऑफ लैण्डसेट एण्ड एसपीओटी डाटा फॉर सेलेक्शन ऑफ चेक डैम साइट्स इन हार्ड रॉक टेरिन. ए केस स्टडी फ्रॉम बुंदेलखंड रीजन ऑफ यू.पी.. रिमोट सेंसिंग पर राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत, 1993 गौहाटी एवं प्रकाशन हेतु जमा।
  • एम.बी.एस राव, ए.एल. हलदार एवं राजीवा मोहन, रोल ऑफ रिमोट सेंसिंग इन ग्राउंड वॉटर एक्सप्लोरेशन-सम केस हिस्ट्रीज़ फ्रॉम बुंदेलखंड रीजन, प्रेजेंटेड इन टेक्निकल सेशन-1, ओरिएंटेड वर्कशॉप ऑन एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग इन ग्राउंड वॉटर एक्स्प्लोरेशन, आरएसएसी-यूपी द्वारा आयोजित, 26-27, दिसंबर 1991
  • एम.बी.एस. राव एवं राजीवा मोहन, क्वार्ट्ज़ रीफ एज ए हाईड्रोलॉजिकल फैक्टर-ए केस स्टडी फ्रॉम पार्ट्स ऑफ हार्ड रॉक टेरियन इन बुंदेलखंड रीजन ऑफ उत्तर प्रदेश, हाईड्रोलॉजी, मदरास पर राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत, 1987
  • राजीवा मोहना, ईटी. एएल., एप्लीकेशन्स ऑफ रिमोट सेंसिंग इन जियो-मॉर्फोलॉजिकल एण्ड हाइड्रोजियोलॉजिकल स्टडीज फॉर द डेवलपमेंट ऑफ ग्राउंडवॉटर रिसोर्सेज इन पार्ट्स ऑफ मुरैनीपुर एरिया, झांसी डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश। जियोलॉजी में रिमोट सेंसिंग पर राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत, इण्डियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग, अहमदाबाद द्वारा आयोजित, सितंबर 1986
  • ए.एल. हलदार, विलेज डेवलपमेंट एक्शन प्लान यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस-ए केस स्टडी फॉर डॉ. आर.एम.एल विलेजेज़ ऑफ सहारनपुर (2016)
  • ए.एल.हलदार, लैण्ड कपेबिलिटी क्लासिफिकेशन फॉर वॉटरशेड डेवलपमेंट यूजिंग शेप टेक्नोलॉजी एण्ड जीआईएस टेक्नीक (2016)
  • ए.एल. हलदार एवं करुणा यादव, प्रॉबलम आइडेंटीफिकेशन, स्ट्रेंथ एण्ड वीकनेस एण्ड अपॉर्च्यूनिटीज़ इन सेलेक्टेड वॉटरशेड ऑफ सोनभद्र डिस्ट्रिक्ट ऑफ उत्तर प्रदेश (2015)।
  • ए.एल. हलदार, डेवलपमेंट ऑफ वॉटरशेड यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक-ए केस स्टडी फ्रॉम एटा डिस्ट्रिक्ट(2014-15).
  • ए.एल.हलदार,  ज्योत्सना दुबे एवं ए.के.अग्रवाल सजस्टिव मेजर फॉर द डेवलपमेंट ऑफ वॉटरशेड यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक-ए केस स्टडी फ्रॉम और्राय्या डिस्ट्रिक्ट (2014-15).
  • ए.एल हलदार एवं एस.सुरेश “जियोरिफरसेंसिंग ऑफ कडस्ट्रल मैप्स-ए केस स्टडी फ्रॉम उत्तर प्रदेश (2013-14).
  • हलदार, ए.एल. एवं एस.सुरेश, जियोरिफरेंसिंग ऑफ कडस्ट्रल मैप्स-ए केस स्टडी फ्रॉम उत्तर प्रदेश। आईएसजी एवं आईएसआरएस-2013 के राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, आंध्र विश्वविद्यालय, विशाखापटनम, ए.पी.दिसंबर 2013.
  • हलदार, ए.एल. एवं कर्माकर, पर्था सारथी: चकबंदी सर्वेक्षण वर्क यूजिंग रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एण्ड डीजीपीएस-ए केस स्टडी फ्रॉम मादरपुर विलेज ऑफ लखनऊ डिस्ट्रिक्ट. “इनोवेशन इन साइंस फॉर बेटर टुमॉरो” पर प्रथम लखनऊ विज्ञान कांग्रेस की कार्यवाही, लखनऊ मार्च 2013, पीपी 78-79
  • हलदार, ए.एल. एवं मधूप, सुमन: माइक्रो लेवल यूटिलिटी सर्विसेज मैपिंग-ए केस स्टडी फ्रॉम मजलिसपुर विलेज ऑफ सीतापुर डिस्ट्रिक्ट. आईएसआऱएस-2012 के राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, आईएआऱआई नई दिल्ली, दिसंबर 2012
  • हलदार, ए.एल. कुमार आलोक एवं सिंह धर्मेंद्र: जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग टेक्नीक्स इन कडस्ट्रल मैपिंग फॉर रूरल प्लानिंग – ए केस स्टडी. आईएसआरएस-2010 के राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, पूणे, अक्टूबर 2010.
  • हलदार, ए.एल, सिंह, धर्मेंद्र, शर्मा, मनीष चंद्र, सिंह एवं मुकेश कुमार: कंसोलीडेशन ऑफ लैण्ड पार्सल विद द यूज ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस – ए केस स्टडी फ्रॉम विलेज मादरुपर, लखनऊ, यू.पी. आईएसआरएस-2010 के राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, पूणे, अक्टूबर 2010
  • हलदार, ए.एल., सिंह, धर्मेंद्र, शर्मा, मनीष चंद्र, सिंह, मुकेश कुमार एवं अग्रवाल, ए.के., चेंज डिटेक्शन ऑफ पार्सल्स विद द यूज ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स – ए केस स्टडी फ्रॉम ओरई तहसील ऑफ जालौन डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश. आईएसआरएश-2009 के राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, अहमदाबाद, सितंबर 2009
  • ए.एल. हलदार, एसेसमेंट ऑफ डेमेज कॉज्ड ड्यू टू फ्लड बाय इंटीग्रेशन ऑफ लैण्डयूज एण्ड फ्लड लेयर्स यूजिंग कार्टोसेट । डाटा एण्ड रडारसेट डाटा इन जीआईएस एन्वायरमेंट. आईएसआरएस-2008 के राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, अहमदाबाद, दिसंबर 2008
  • ए.एल. हलदार, फ्लड मैपिंग एण्ड असेसमेंट ऑफ क्रॉप डैमेज यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस. भारत में जल संसाधनों पर राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही; चिंता, संरक्षण एवं प्रबंधन. कश्मीर विश्वविद्यालय, श्रीनगर अक्टूबर, 2008
  • हलदार, ए.एल. एवं राजामणी, वी. इंपैक्ट ऑफ ओवर एक्सप्लायटेड ग्राउंडवॉटर जोन्स एण्ड इंकॉर्पोरेशन ऑफ रेमेडियल मेजर्स यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक. आईएसआरएस-207 के वार्षिक कन्वेंशन एवं सम्मेलन की कार्यवाही, कोलकत्ता, दिसंबर, 2007
  • हलदार, ए.एल., देव, पी. इंटीग्रेटेड ग्राउंडवॉटर रिसोर्स डेवलपमेंट इन हार्ड रॉक एऱिया एण्ड इट्स मैनेजमेंट- ए केस स्टडी. फोटोग्रामेट्री एवं रिमोट सेंसिंग पर अंतर्ऱाष्ट्रीय सम्मेनल की कार्यवाही, टीसी-IV, आईएसपीआरएस एवं आईएसआरएस, गोवा, 2006 द्वारा आयोजित
  • अग्रवाल, ए.के., कुमार, राजवी, यादव, एस.के.एस. एवं हलदार, ए.एल., अग्यूमेंटेश ऑफ इरीगेशन वॉटर रिक्वायरमेंट यूजिंग सेटलाइट रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस इन जलालाबाद ब्लॉक, कन्नौज डिस्ट्रिक्ट, यू.पी. “रोल ऑफ जीआईएस इन रूरल डेवलपमेंट” पर कार्यशाला की कार्यवाही, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, हैदराबाद, ए.पी. 2006 द्वारा आयोजित।
  • सिंह, ए.एन., हलदार, ए.एल. एवं अग्रवाल, ए.के. रोल ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस इन माइनर इरीगेशन वर्क्स. “डेवलपमेंट ऑफ माइनर इरीगेशन वर्क्स” पर राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, माइनर इरीगेशन विभाग, लखनऊ, 2006 द्वारा आयोजित।
  • ए.के. अग्रवाल, ए.एल. हलदार एवं राजीवा मोहन: एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस एनालिसिस फॉर लोकेशन ऑफ द वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर एण्ड जनरेशन ऑफ वॉटर रिसोर्सेज़ एक्शन प्लान-ए रिव्यू. वर्षा जल संचयन पर कार्यशाला में प्रस्तुत एवं प्रकाशित, डब्लूएएलएमआई, यूपी द्वारा आयोजित, 22-23 नवंबर 06, पीपी 59-60
  • सिंह ए.एन., हलदार ए.एल एवं अग्रवाल ए.के.: रोल ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस इन माइनर इरीगेशन वर्क्स (2005).
  • हलदार, ए.एल., अग्रवाल, ए.के. एवं देव, प्रमेंद्र: वॉटर रिसोर्सेज मैनेजेमेंट एण्ड नीड ऑफ व़ॉटर हार्वेस्टिंग इन सेंट्रल ट्रैक्ट ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, यूपी. वर्षा जल संचयन पर कार्यशाला की कार्यवाही, वॉटर एण्ड लैण्ड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, लखनऊ द्वारा आयोजित।
  • हलदार, ए.एल. एवं देव,प्रमेंद्र, वॉटर वेल एस्टीमेंशन इन ग्रेनिटिक टेरियन थ्रू रेज़िस्टीविटी साउंडिंग. राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, एसोसिएशन ऑफ एक्स्प्लोरेशन जियोसाइंटिस्ट्स, 2004 द्वारा आयोजित
  • हलदार, ए.एल एवं देव, प्रमेंद्र: प्रिडिक्शन ऑफ वॉटर वेल यील्ड इन ग्रेनिटिक टेरियन थ्रू रेजिस्टिविटी साउंडिंग. राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, 2003 द्वारा आयोजित।
  • हलदार, ए.एल. एवं देव, प्रमेंद्र: रनऑफ मॉडलिंग ऑफ शहजाद रिवर वॉटरशेड, ललितपुर डिस्ट्रक्ट थ्रू रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस. आईएसआरएस-2003 एवं आईएसपीआरएस डब्लूजी VII/3 की कार्यवाही, आईएसपीआरएस एवं आईएसआरएस द्वारा तिरवनंतपुरम, 2003 द्वारा आयोजित
  • हलदार, ए.एल. एवं देव, प्रमेंद्र: वेरिएशन एनालिसिस ऑफ रेनफॉल डाटा एण्ड इट्स इंप्लीकेशन्स ऑन हाईड्रोलॉजिकल रेजिमी ऑफ गोविंद सागर डैम एन्वायरंस ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश. “डेवलपमेंट्स इन हाईड्रोलॉजी – द करंट स्टेटस एलॉंग विद ए कॉलॉक्विम ऑन वॉटर रिसोर्सेज़ मैनेजमेंट” पर सम्मेलन की कार्यवाही में प्रकाशित, अक्टूबर (24-25) कलकत्ता.
  • हलदार, ए.एल., राजाराजन, के. एवं राव, एल.आई.एम.: डिजिटल बेसमेंट टोपोग्राफी मॉडलिंग (डीबीटीएम) फॉर ग्राउंडवॉटर असेसमेंट इन पार्ट्स ऑफ शहजाद रिवर वॉटर वॉटरशेड ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट. आईएसपीआरएस-202 के राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, हैदराबाद, दिसंबर, 2002
  • हलदार, ए.एल. एण्ड राव, एम.बी.एस.: ग्राउंडवॉटर एक्स्प्लोरेशन यूजिंग इंटीग्रेटेड अप्रोच ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जियोएलेक्ट्रिकल सर्वेक्षण. जर्नल जीआईएस इण्डिया (2002) वॉल्यूम 11 पीपी 6-10
  • हलदार, ए.एल. एवं देव, प्रमेंद्र:, एन्वायरमेंटल स्टेटस इन द रेजिमी ऑफ गोविंद सागर डैम, ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, यूपी एण्ड यूज ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस फॉर रेमेडियल मेजर्स. “गिव अर्थ ए चांस 2002,” सम्मेलन, पी 43-48
  • ए.एल हलदार एवं राजीवा मोहन: ऑप्टीमम डेवलपमेंट ऑफ ग्राउंड वॉटर इन ललितपुर डिस्ट्रिक्ट – नीड फॉर कंजर्वेशन एण्ड आर्टिफीशियल रीचार्ज, जल संरक्षण, पुनःइस्तेमाल एवं रीसाइकल पर सम्मेलन में प्रकाशित, लखनऊ, मार्च 2002, पीपी 71-79
  • ए.एल. हलदार, डिजिटल बेसमेंट टोपोग्राफी मॉडलिंग (डीबीटीएम) फॉर ग्राउंडवॉटर असेसमेंट इन पार्ट्स ऑफ शहजाद रिवर वॉटरशेड ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट. आईएसपीआरएस-2002 के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही , हैदराबाद, दिसंबर 2002
  • ए.एल हलदार, वॉटर कंजर्वेशन स्वायल इरोजन एट द रेजिमी ऑफ गोविंद सागर डैम एन्वारंस, ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, यूपी. प्रोसीडिंग्स ऑफ नेशनल सिम्पोजियम ऑफ आईएसआरएस-2001 एट अहमदाबाद, दिसंबर, 2001
  • ए.एल हलदार, ए गामा रे स्पेक्ट्रोमेट्रिक स्टडी ऑफ बीच सैण्ड इन चीमेंजेरी, नियर कोवलेम साउथ ऑन चेन्नई, तमिलनाडु. “एसोसिएशन ऑफ एक्स्पलोरेशन जियोफिजिस्ट” के कंवेन्शन एवं सम्मेलन की कार्यवाही, गोवा, 2001
  • ए.एल. हलदार, मैपिंग ऑफ प्लेटफॉर्म साइक्लिसिटी इन एन अनस्टेबल रीच ऑफ शारदा रिवर थ्रू रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस. “इण्डियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग-2007” वार्षिक कंवेंशन एवं सम्मेलन में स्वीकृत, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कानपुर के नवंबर 21-22 के बीच आयोजित
  • ए.एल हलदार, वॉटरशेड मैनेजमेंट यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स-ए केस स्टडी इन पार्ट्स ऑफ शहजाद वॉटरशेड ललितपुर (यू.पी.) इण्डिया। जर्नल ऑफ सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरीगेशन एण्ड पावर, नई दिल्ली को पेपर जमा, नई दिल्ली, 2001
  • हलदार, ए.एल. एवं राजाराजन, के., कोरीलेशन ऑफ स्ट्रेटिग्राफिक सक्सेशन विद एलक्ट्रिकल लॉग डाटा इन पार्ट ऑफ महानदी डेल्टा, उड़ीसा. जियोलॉजी के भारतीय जर्नल में प्रकाशित, वॉल्यूम 72 नंबर 4, 2001
  • ए.एल. हलदार, पंकज कुमार एवं राजीवा मोहन: एसेसिंग सर्फेस एण्ड ग्राउंडवॉटर री-सोर्सेज़ यूजिंग रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस टेक्नीक्स: ए केस स्टडी ऑफ नॉन-रिवर वॉटरशेड, कानपुर डिस्ट्रिक्ट (यूपी) इण्डिया। भूमि एवं जल प्रबंधन, मुद्दे 21 सदी हेतु पर राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रकाशित, लखनू, 2001
  • हलदार, ए.एल. एवं राजाराजन, के.: ड्रेनेज बेसिन कैरक्टरस्टिक्स एण्ड इट्स सिगनिफिकेंस ऑन ग्राउंडवॉटर डेवलपमेंट ऑफ शहजाद रिवर एट ललितपुर एऱिया, यूपी. इंडिया वॉटर वर्क्स एसोसिएशन के कार्यवाही में पेपर प्रकाशित, कलकत्ता, 2000
  • राजाराजन, के. एवं हलदार, ए.एल.: मैपिंग ऑफ प्लानफॉर्म साइक्लिस्ट इन एन अनस्टेबल रीच ऑफ शारदा रिवर थ्रू रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस. “इण्डियन सोसइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग-2000” वार्षिक कंवेंशन एवं सम्मेलन में स्वीकृत, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कानपुर में 21 एवं 22 नवंबर में आयोजित।
  • ए.एल. हलदार, के. राजाराजन एं राजीवा मोहन: आर्टिफीशयल रिचार्ज जोन मैपिंग थ्रू फ्रैक्चर पैटर्न मॉडलिंग यूजिंग रिमोट सेंसिंग टेक्नीक्स इन सेंट्रल ट्रैक्ट्स ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, भूजल रिचार्ज पर ऑल इण्डिया सेमिनार में प्रकाशित एवं प्रस्तुत: सतत वॉटर वर्ल्ड हेतु रणनीति, आयोजन 15-16 जुलाई, 2000, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर (भारत), लखनऊ, पीपी 117-122
  • हलदार, ए.एल., राजाराजन, के. एवं देव, प्रमेंद्र, मैपिंग ऑफ पोटेंशियल ग्राउंडवॉटर जोन इन शहजाद ड्रेनेज बेसिन ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, यू.पी. थ्रू रिमोट सेंसिंग, रेजिस्टिविटी एवं जीआईएस। “आईएस नेशनल सिम्पोजियम ऑन रिमोट सेंसिंग फॉर नैचुरल रिसोर्सेज विद स्पेशन इंफेसिस ऑन वॉटरशेड मैनेजमेंट” पर पेपर प्रस्तुत, 20-22 मार्च 2000, भुव्नेश्वर, उड़ीसा।
  • हलदार, ए.एल. कुमार, पंकज एवं मोहन, राजीवा : असेस्मेंट ऑफ वॉटर रिसोर्सेज एण्ड इरीगेशन पोटेंशियल जोन यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स: ए केस स्टडी ऑफ नॉन-रिवर वॉटरशेड, कानपुर डिस्ट्रिक्ट (यूपी), इण्डिया. जल एवं भूमि प्रबंधन 21वीं सदी के मुद्दों पर राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, लखनऊ पीपी 82-86 (2000)
  • ए.एल. हल्दार, के. राजाराजन एवं आर.मोहन: फ्रैक्चर पैटर्न मॉडलिंग फॉर ग्राउंडवॉटर एक्सप्लोरेशन इन सेंट्रल पार्ट्स ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, यूपी. भूजल विकास की चुनौतियों पर कार्यशाला की कार्यवाही में प्रकाशित, 7-9 जून, 2000, तिरुपति, ए.पी. पीपी 88-97।
  • ए.एल. हलदार, इरीगेशन प्रोस्पेक्टस ऑफ ग्राउंडवॉटर क्वालिटी इन सेंट्रल ट्रैक्ट्स ऑफ ललितपुर रीजन, यूपी, इण्डिया. नेपाल जियोजिकल सोसाइटी, काठमांडु के जर्नल में प्रकाशित, वॉल्यूम पीपी 87-92.
  • हलदार, ए.एल. एवं राव, एल. आई.एम.: ए न्यू अप्रोच फॉर डेलीनेशन ऑफ फ्रेश एक्विफायर बाय रिमोट सेंसिंग एण्ड जियोफिजिकल टेक्नीक एट मोहम्मदाबाद विलेज ऑफ जालौन डिस्ट्रिक्ट. इंडियन वॉटर वर्क्स एसोसिएशन, बॉम्बे के जर्नल में प्रकाशित, 1999 पीपी 243-248
  • ए.एल हलदार, ड्रेनेज बेसिन कैरेक्टरस्टिक्स एण्ड इट्स इंफ्लूएंस ऑन जियोलॉजी, जियोमॉर्फोलॉजी एण्ड ग्राउंडवॉटर डेवलपमेंट ऑफ शहजाद रिवर बेसिन ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, यूपी यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस. इंडियन वॉटर वर्क्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रकाशित, अप्रैल 1999.
  • हलदार, ए.एल. एवं अग्रवाल, ए.के., एक्सप्लोरेशन ऑफ फ्रेश वॉटर इन ए मिक्स्ड क्वालिटी एक्वाफायर सिस्टम एण्ड सूटेबल वेल डिजाइन फॉर टैपिंग ग्राउंडवॉटर – ए केस स्टडी फ्रॉम भारतपुर, राजस्थान. इण्डियन वॉटर वर्क्स एसोसिएशन के 31वां राष्ट्रीय वार्षिक कंवेंशन की कार्यवाही, लखनऊ, फरवरी 1999 पीपी 211-219.
  • ए.एल. हलदार, ए न्यू अप्रोच फॉर डेलीनेशन ऑफ फ्रेश एक्वाफायर बाय रिमोट सेंसिंग एण्ड जियोफिजिकल टेक्नीक एट मोहम्मदाबाद विलेज जालौन डिस्ट्रिक्ट. इण्डियन वॉटर वर्क्स एसोसिएशन, बॉम्बे के जर्नल में प्रकाशित 1999 पीपी 243-248.
  • हलदार, ए.एल. मोहन राजीवा एवं राव, एम.बी.एस., प्रोस्पेक्टिंग ग्राउंडवॉटर इन ड्रॉट प्रोन एरिया ऑफ बार टाउन, ललितपुर डिस्ट्रिक्ट थॉट इंटीग्रेटेड अप्रोच. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में “21वीं सदी के लिए भूजल संसाधन आकलन एवं प्रबंधन पर्स्पेक्टिव”  के राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही में प्रकाशित 1998 पीपी 199-204.
  • हलदार, ए.एल. यूज़ ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस एज़ ए टूल टू कंट्रोल द सिल्टेशन थ्रू वॉटरशेड मैनेजमेंट इन गोविंद सागर रिजर्वायर, ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश, इण्डिया। इण्डियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग पर राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही में प्रकाशित, बैंगलोर (1997)
  • हलदार, ए.एल. एवं राव, एम.बी.एस., ग्राउंडवॉटर एक्सप्लोरेशन इन सदर्न पार्ट ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश, इण्डिया यूजिंग इंटीग्रेटेड अप्रोच ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जियोएलिक्ट्रिकल सर्वे. रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही में प्रकाशित, दिसंबर 1994, हैदराबाद, पीपी 189-195
  • राव, एम.बी.एस. एवं हलदार, ए.एल.: ग्राउंडवॉटर टार्गेटिंग एट ललितपुर डिस्ट्रिक्ट यूपी थ्रू डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग – ए केस स्टडी. सतत विकास हेतु रिमोट सेंसिंग पर राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही में प्रकाशित, लखनऊ 1992, पीपी 151-158
  • ए.एल. हलदार, इंटीग्रेटेड अप्रोच फॉर डेलीनेशन ऑफ फ्रेश वॉटर इन कोस्टल रीजन ऑफ उड़ीसा, इण्डिया. एसोसिएशन ऑफ एक्सप्लोरेशन जियोपिजिस्ट के राष्ट्रीय सम्मेलन एवं वार्षिक कंवर्जन पर कार्यवाही, देहरादून, 1990 पीपी 171-180
  • अजय कुमार अग्रावल, करुणेश शुक्ला एवं पूर्णिमा शर्मा: डेवलपमेंट ऑफ ए मॉडल टू एसेस फ्लड एफेक्टेड एरिया इन रियल टाइम अलॉंग मेजर रिवर्स ऑफ उत्तर प्रदेश, इण्डिया, आईजेआईआरएसईटी, 2014, जुलाई (2015)
  • अजय कुमार अग्रवाल, करुणेश शुक्ला एवं पूर्णिमा शर्मा, इंटीग्रेटेड एक्शन प्लान फॉर इंप्रूवमेंट ऑफ ड्रेनेज कंजस्टेड एरिया एण्ड मिटिगेशन ऑफ फ्लो एण्ड वॉटरलॉज्ड एरियाज़ इन गोंडा डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश, आईजेएसईटी, 2013, दिसंबर 2015.
  • अजय कुमार अग्रवाल, “सस्टेनेबल इकोसिस्टम डेवलपमेंट प्लानिंग इन फकोट सब वॉटरशेड, टेहरी गढ़वाल, उत्तराखंड” यूजिंग आईएनकेओएनओएस डाटा, जेआर ऑफ क्लाइमेट चेंज एण्ड हिमालयन इंफॉर्मेशन, पी-27-39 (2013-14)
  • ए.के. अग्रवाल, “स्टडी ऑफ फ्लड वॉटर इनन्डेशन पीरियड ऑन सेटेलमेंट्स अलॉंग गंगा रिवर इन पार्ट्स ऑफ उत्तर प्रदेश” (2013-14)
  • ए.के. अग्रवाल, यूज ऑफ हाई रिजॉल्यूशन आईकेओएनओएस डाटा एण्ड जीआईएस टेक्नीकल फॉर ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ लैण्डयूज/लैण्डकवर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (2010)
  • ए.के. अग्रवाल, एग्रीकल्चर ड्रॉट असेसमेंट मेकेनिज्म ऑफ उत्तर प्रदेश स्टेट (2010)
  • ए.के. अग्रवाल, बेसलाइन डाटा जनरेशन यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस फॉर ड्रेनेज प्लान ऑफ उत्तर प्रदेश (2009)
  • अग्रवाल, ए.के. एण्ड हलदार, ए.एल.: फ्लड मैपिंग एण्ड अससेमेंट ऑफ क्रॉप डैमेज यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस. भारत में जल संसाधन पर राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही: चिंता, संरक्षण एवं प्रबंधन. कश्मीर विश्विद्यालय, श्रीनगर अक्टूबर 2009
  • अग्रवाल, ए.के. बनर्जी, सोनाली एवं हलदार, ए.एल.: असेसमेंट ऑफ डैमेज कॉज्ड ड्यू टू फ्लड बाय इंटीग्रेशन ऑफ लैण्डयूज एण्ड फ्लड लेयर्स यूजिंग केरटोसेट-I डाटा एण्ड रडारसेट डाटा इन जीआईएस एन्वायरमेंट. आईएसआरएस-2008 के राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, अहमदाबाद, दिसंबर 2009 पीपी 58
  • ए.के. अग्रवाल, असेसमेंट ऑफ डैमेज कॉज्ड ड्यू टू फ्लड बाय इंटीग्रेशन ऑफ लैण्डयूज एण्ड सेटलाइट इमेज यूजिंग कार्टोसेट-1 एण्ड रेडारसेट डाटा इन जीआईएस एन्वायरमेंट. (2008)
  • ए.के. अग्रवाल, डेलीनेशन ऑफ पोटेंशियल साइट्स फॉर वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस (2008)
  • ए.के. अग्रवाल, रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन्स इन डिजास्टर मैनेजमेंट इन यूपी (2007)
  • ए.के. अग्रवाल, लार्ज स्केल वॉटर रिसोर्सेज मैनेजमेंट प्लान इन हिली टेरिन यूजिंग आईकेएनओएस सेटलाइट डाटा (2007)
  • ए.के.अग्रवाल, कम्पैरिजन ऑफ एलआईएसएस III एवं एलआईएसएसआईवी सेंसर्स कैपेबिलिटी फॉर वॉटर बॉडी स्टडीज़ ऑन 1:50000 स्केल प्रोसीडिंग्स ऑफ “फोटोग्रेमेट्री एवं रिमोट सेंसिंग पर अंतर्राष्ट्रीय सिम्पोजियम,” टीसी-IV आईएसपीआरएस एवं आईएसआरएस द्वारा आयोजित, गोवा, 2006 पीपी
  • ए.के. अग्रवाल, ऑग्यूमेंटेशन ऑफ इरीगेशन वॉटर रिक्वायरमेंट यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक इन जलालाबाद ब्लॉक, कन्नौज डिस्ट्रिक्ट-यूपी (2005)
  • ए.के. अग्रवाल, एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस एनालिसिस फॉर लोकेटिंग द वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स एण्ड जनरेशन ऑफ वॉटर रिसोर्सेज एक्शन प्लान-ए रीव्यू (2005)
  • ए.के. अग्रवाल, केन-वेतवा लिंक कनाल इन उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश-ए रिमोट सेंसिंग प्रोस्पेक्टिव (2005)
  • ए.के. अग्रवाल, स्पेक्ट्रल बिहेवियर ऑफ वॉटर एण्ड म्वायश्चर इन रडारसेट डाटा फ्रॉम अल्यूवियल टरियन इन ईस्टर्न उत्तर प्रदेश (2004)
  • ए.के. अग्रवाल, जीआईएस इन रूरल ड्रिंकिंग वॉटर सप्लाई एण्ड एन्वायरमेंट ऑफ सेनीटेशन-ए केस स्टडी फ्रॉम स्वजल प्रोजेक्ट, जखौरा ब्लॉक, ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, यूपी (2003)
  • ए.के. अग्रवाल, जीआईएस एनालिसिस फॉर डेलीनेशन ऑफ ग्राउंडवाटर प्रोस्पेक्ट जोन इन पार्ट्स ऑफ सजनम वॉटरशेड, ललितपुर डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश (2003)
  • ए.के. अग्रवाल, रोल ऑफ रिमोट सेंसिंग इन कंजक्टिव यूज ऑफ सर्फेस ऑफ ग्राउंडवॉटर रिसोर्सेज इन पार्ट्स ऑफ घाघरा एण्ड बुधी वॉटरशेड ऑफ बलिया डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश (2003)
  • ए.के. अग्रवाल, एन इंटीग्रेटेड अप्रोच ऑफ रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एण्ड जियोफिजिकल टेक्नीक्स फॉर हाईड्रोलॉजिकल स्टडीज इन राजपुर ब्लॉक, बदायूं डिस्ट्रिक्ट (2002)
  • ए.के. अग्रवाल, एप्लीकेशन ऑफ जीआईएस टेक्नीक्स फॉर प्रिसाइजली लोकेटिंग वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स इन चीरखेरा माइक्रो वॉटरशेड इन गुना डिस्ट्रिक्ट (2002)
  • ए.के. अग्रवाल, वैरिएशन ऑफ वॉटर रिसोर्सेज मैनेजमेंट प्लान इन वैरियस फीजियोग्राफिक टर्रिन ऑफ उत्तर प्रदेश एण्ड उत्तरांचल (2002)
  • ए.के. अग्रवाल, रोल ऑफ रिमोट सेंसिंग टेक्नीक्स एण्ड कम्युनिटी पार्टिसिपेशन इन प्लानिग ऑफ स्मॉल रूरल ड्रिंकिंग वॉटर सप्लाई स्कीम इन हार्ड रॉक एरियाज ऑफ उत्तर प्रदेश (2002)
  • ए.के. अग्रवाल, एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआइएस टेक्नीक्स इन जनरेशन ऑफ साइट स्पेसिफिक एक्शन प्लान फॉर सस्टेनेबल लैण्ड एण्ड वॉटर रिसोर्सेज डेवलपमेंट (2000)
  • ए.के. अग्रवाल, एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग टेक्नीक फॉर रूरल ड्रिंकिंग वॉटर सप्लाई स्कीम इन पार्ट्स ऑफ झांसी डिस्ट्रिक्ट, यूपी.- ए फ्यू केस स्टडीज़ (1999)
  • ए.के. अग्रवास, एक्सप्लोरेशन ऑफ फ्रेश वॉटर इन ए मिक्स्ड क्वालिटी एक्वाफायर सिस्टम एण्ड सूटेबल वेल एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग टेक्नीक फॉर रूरल ड्रिंकिंग वॉटर सप्लाइ स्कीम इन पार्ट्स ऑफ झांसी डिस्ट्रिक्ट, यूपी ए फ्यू केस स्टडीज (1999)
  • ए.के. अग्रवास, माइक्रो लेवल प्लानिगं, मैनेजमेंट एण्ड एक्सप्लोरेशन ऑफ ग्राउंडवॉटर रिसोर्सेज फॉर ड्रिंकिंग पर्पस यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जियाफिजिकल टेक्नीक्स इन पार्ट्स ऑफ झांसी डिस्ट्रिक्ट, यूपी. (1998)
  • ए.के. अग्रवाल, आइडेंटीफिकेशन ऑफ बरीड पेलियोचैनल एण्ड शैलो फ्लड प्लेन ऑफ रिवर वेतवा यूजिंग रिमोट सेंसिंग डाटा एण्ड जियोफिजिकल इंवेस्टीगेशन इन पार्ट्स ऑफ झांसी, डिस्ट्रिक्ट (1997).
  • ए.के. अग्रवाल, एप्लीकेशन ऑफ मल्टीडेट सेटलाइट डाटा फ्राम 1975 टू 1988 फॉर द स्टडी ऑफ सिल्टेशन. इन फाईव रिजर्वायर एज्वाइनिंग झांसी डिस्ट्रिक्ट (1997).
  • ए.के. अग्रवाल, ए प्रपोजल प्लान फॉर रूरल ड्रिंकिंग वॉटर सप्लाई फॉर 111 विलेजेज़ बाय सजस्टिंग ट्यूबवेल साइट्स थ्रू रिमोट सेंसिंग टेक्नीक – ए केस स्टडी इन पार्ट्स ऑफ झांसी डिस्ट्रिक्ट
  • ए.के. अग्रवाल, ए कम्बाइन्ड स्ट्रेटजी ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जियोफिजिकल टेक्नीक्स फॉर ऑर्नेमेशन ऑफ ड्रिंकिंग वॉटर सप्लाई टू कटेरा टाउन, झांसी डिस्ट्रिक्ट (यूपी), 1992
  • ए.के अग्रवाल, डिस्ट्रिक्ट वाईज हाईड्रो जियोमॉर्फोलॉजिकल मैपिंग फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट ऑफ ग्राउंडवाटर इन उत्तर प्रदेश यूजिंग आईआरएस-1A, (1992)
  • ए.के. अग्रवा, इवेल्यूशन ऑफ ग्राउंडवॉटर पोटेंशियल इन द एन्वायर्स ऑफ झांसी सिटी, उत्तर प्रदेश थ्रू हाईड्रोमॉर्फोलॉजिकल असेसमेंट बाय सेटलाइट रिमोट सेंसिंग टेक्नीक्स (1991)
  • ए.के. अग्रवाल, लैण्डस्लाइड हजार्ड जोनेशन एण्ड मैनेजमेंट स्टडी इन जंगल चट्टी-केदारनाथ एरिया ऑफ रुद्रप्रयाग डिस्ट्रिक्ट, उत्तराखंड: ए रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस बेस्ड अप्रोच, हिमालय में ग्लेशियल जियोमॉर्फोलॉजी एवं पेलियोग्लेसिएशन पर राष्ट्रीय सम्मेलन में पेपर प्रस्तुत, 13-14 मार्च, 2008, लखनऊ
  • ए.के. अग्रवाल, एप्लीकेशन ऑफ डिजिटल रिमोट सेंसिंग टेक्नीक्स इन लैण्डयूज/लैण्डकवर मैपिंग ऑफ सिदार्थनगर जिला, उत्तर प्रदेश, भूउपयोग लैण्ड कवर परिवर्तन एवं एग्रो बॉयोडायवर्सिटी पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में पेपर प्रस्तुत, 7-8 मार्च, 2008, लखनऊ
  • ए.के. अग्रवाल, मैपिंग एण्ड मॉनीटरिंग ऑफ लैण्डयूज/लैण्डकवर ऑफ बलरामपुर डिस्ट्रिक्ट ऑफ उत्तर प्रदेश यूजिंग डिजिटल रिमोट सेंसिंग टेक्नीक, हाई रिजॉल्यूशन रिमोट सेंसिंग एवं थीमेटिक एप्लीकेशन, 18-20 दिसंबर, 2007 पर राष्ट्रीय सम्मेलन पेपर प्रस्तुत, कोलकत्ता।
  • ए.के. अग्रवाल, स्प्रॉल ऑफ मेजर सिटीज़ इन उत्तर प्रदेश एन असेसमेंट थ्रू रिमोट संसिंग टेक्नीक, मैप वर्ल्ड फोरम, 22-25 फरवरी, 2007, हैदराबाद
  • ए.के. अग्रवाल, कंपैरिजन ऑफ एलआईएसएस-III एण्ड एलआईएसएस-IV सेंसर्स केपिबिलिटीज़ फॉर वॉटर बॉडीज़ स्टडीज़ ऑन 1:50000 स्केल प्रेजेंटेड इन आईएसपीआरएस-टीसी IV सतत विकास हेतु जियोस्पाटियल डाटाबेस पर अंतर्ऱाष्ट्रीय सम्मेलन, 27-30 सितंबर, 2006
  • ए.के. अग्रवाल, ए जीआईएस अप्रोच फॉर डेवलपमेंट ऑफ वॉटर रिसोर्सेज़ एक्शन प्लान इन बसॉल्टिक टर्रिन ऑफ बिना रिवर सबवॉटरशेड इन इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन हाईड्रोलॉजी एण्ड वाटरशेड मैनेजमेंट विद ए फोकल थीम ऑन वॉटर क्वालिटी एण्ड कंजरवेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट एट जेएनटीयू हैदराबाद, 18-20 दिसंबर, 2002
  • वी.सरीन, एन इंटीग्रेटेड अप्रोच फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट ऑफ वॉटर रिसोर्सेज इन भीमताल गेड सब वॉटरशेड नैनीताल डिस्ट्रिक्ट, यूपी. सम्मेलन की कार्य़वाही में प्रकाशित, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स द्वारा आयोजित (पीपी 173-189) लखनऊ.
  • वी.सरीन, इंटीग्रेटेड स्टडीज ऑफ ग्राउंडवॉटर इंटीग्रेशन्स इन पार्ट ऑफ एस.बार डिस्ट्रिक्ट, जाआई ऑफ साइंटिफिक रिसर्च, बीएचयू में प्रकाशित
  • वी.सरीन, रिमोट सेंसिंग एण्ड जियोग्राफिकल स्टडीज फॉर ग्राउंडवॉटर प्रॉबलम्स ऑफ हमीरपुर टाउन इन एईजी, सेमिनार
  • वी.सरीन, डिटेक्शन ऑफ ग्राउंड वॉटर सेलेनिटी बाय रिमोट सेंसिंग मेथड इन ए पार्ट ऑफ हमीरपुर डिस्ट्रिक्ट
  • वी.सरीन, टार्गेटिंग ग्राउंडवॉटर पोटेंशियल इन पार्ट ऑफ झानेरी डिस्ट्रिक्ट, यूपी बाय यूजिंग सेटलाइट रिमोट सेंसिंग टेक्नीक्स” ऑल इंडिया सेमिनार ऑन ग्राउंडवॉटर इंटीग्रेशन, मैनेजमेंट एण्ड जियोग्राफिकल टेक्नीक्स पेज: 23-28 (विद ग्राउंड वॉटर क्वालिटी मैप ऑफ झनेरी डिस्ट्रिक्ट 10-12 दिसंबर 1990)
  • अंजनी कुमार टंगड़ी, राम चंद्र, एवं एस.के.एस. यादव, चैप्टर 4: सिग्नेचर एण्ड एवीडेंसेज़ ऑफ सर्जिंग ग्लेशियर इन द श्योक वैली, काराकोरम हिमालय, लद्दाक रीजन, जम्मू एण्ड कश्मीर स्टेट, इंडिया (अर्थ सिस्टम प्रोसेसज़ एण्ड डिजास्टर मैनेजमेंट; सोसाइटी ऑफ अर्थ साइंटिस्ट सीरीज में प्रकाशित, आर.सिन्हा एवं आर.रवीन्द्र द्वारा संपादित; स्प्रिंगर-वरलैग बर्लिंग हाईडलबर्ग 2013; पीपी 37-50)
  • अंजनी के. टंगडी, राम चंद्र एवं एस.के.एस. यादव, एक्सटेंडेड एब्सट्रेक्ट ऑन “सर्जिंग ग्लेशियर-एन एक्सेप्शनल बट वाइडली प्रिवलेंट फिनोमिना इन श्योक वैली, काराकोरम हिमालय (जियोमैट्रिक्स’12, एन इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन जियोस्पाटियल टेक्नोलॉजीज़, सेंटर ऑफ स्टडीज इन रिसोर्स इंजीनियरिंग (सीएसआरई) द्वारा आयोजित, वीएमसीसी, आईआईटी बॉम्बे, 26 से 29 फरवरी, 2012)”
  • अंजनी के. टंगड़ी, एस.के.एस. यादव एवं राम चंद्र, एक्सेटेंडेड एब्सट्रेक्ट ऑन “मॉनीटरिंग स्नो कवर वैरिएशन्स इन झेलम रिवर बेसिन, कश्मीर, हिमालय, यूजिंग मल्टीडेट एडब्लूआईएफएस डाटा ऑफ रिसोर्सेट1 (आईआरएस-पी6)- एन असेसमेंट ऑफ इट्स इंपैक्ट ऑन द हाईड्रोलॉजी ऑफ झेलम ऱिवर” (जियोमैट्रिक्स’12 एन इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन जियस्पाटियल टेक्नोलॉजीज़, सेंटर ऑफ स्टडीज इन रिसोर्सेज़ इंजीनियरिंग (सीएसआरई) द्वारा आयोजित, वीएमसीसी, आईआईटी बॉम्बे, 26 से 29 फरवरी 2012 तक)
  • ए.के. टंगड़ी, राम चंद्र, एवं एस.के.एस. यादव, असेसिंग द इंपैक्ट ऑफ क्लाइमेट चेंज ऑन सर्जिंग ग्लेशियर इन श्योक वैली ऑफ काराकोरम हिमालयाज़, जम्मू एवं कश्मीर स्टेट, इण्डिया (सांइस ऑफ क्लाइमेट चेंज एण्ड अर्थ सस्टेनेबिलिटी: इशू एण्ड चैलेंजज़ पर राष्ट्रीय सम्मेलन, द सोसाइटी ऑफ अर्थ साइंटिस्ट्स, इण्डिया, लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित, 12-14 सितंबर, 2011)
  • ए.के. टंगड़ी, एस.के.एस. यादव, राम चंद्र, दिव्या कुमारी एवं पी.एस. कर्माकर, रीवाइवल ऑफ डाइंग रिवर सिस्टम्स गैंगेटिक प्लेन्स ऑफ उत्तर प्रदेश, इंडिया- ए केस स्टडी ऑफ गोमती रिवर (“लेट क्वाटर्नरी जियोलॉजी ऑफ द हिमालयन ओरिजन एण्ड द फोरलैण्ड बेसिन” पर राष्ट्रीय सम्मेलन, जियोलॉजी विभाग, लखनऊ विश्विविद्यालय, 16-17 फरवरी, 2011)
  • एवीडेंस ऑफ सर्जिंग ग्लेशिर्स इन श्योक वैली, काराकोरम हिमालय, जम्मू एवं कश्मीर स्टेट, इंडिया-द फर्स्ट कट रिजल्ट्स – ए.के. तंगड़ी, राम चंद्र एवं एस.के.एस. यादव (“ग्लेशियल जियोमॉर्फोलॉजी एण्ड पेलालियोग्लेशियन इन हिमालय” पर राष्ट्रीय सम्मेलन, जियोलॉजी विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, 13-14 मार्च 2008)
  • ए.के. टंगड़ी, राम चंद्र एवं एस.के.एस. यादव, एक्सटेंडेड एब्सट्रेक्ट ऑन “डिसइफेरिंग द नियोटेक्टोनिक एक्टीविटी इन गंगोत्री ग्लेशियर एरिया, उत्तराखंड हिमालय, इंडिया” (“ग्लेशियल जियोमॉर्फोलॉजी एण्ड पेलियोग्लेसिएशन इन हिमालय” पर सेमिनार, जियोलॉजी विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय; 13-14 मार्च 2008)
  • एस.के.एस. यादव, ए.के. टंगड़ी, एवं राम चंद्र, असेसमें ऑफ स्नो कवर वैरिएशन्स इन झेलम रिवर बेसिन ऑफ जम्मू एण्ड कश्मीर स्टेट यूजिंग मल्टीडेट सेटलाइट डाटा (रिमोट सेंसिंग एवं सर्फेस प्रोसेज़ पर राष्ट्रीय सम्मेलन, जियोलॉजी विभाग, लखनऊ विश्विविद्यालय, 10-11 मार्च, 2007)
  • ए.के. टंगड़ी, राम चंद्र एवं एस.के.एस. यादव, टेप्रल मॉनीटरिंग ऑफ स्नाउट, इक्विलिब्रियम लाइन एण्ड एब्लेशन जोन ऑफ गंगोत्री ग्लेशियर थ्रू रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स – एन एटेम्प्ट एट डिसीफेऱिंग द क्लाइमेटिक वैरिएबिलिटी (Geol.surv.IndiaSp.Pub. 80,2004;pp.145-153)
  • ए.के. टंगडी, राम चंद्र एवं एस.के.एस यादव, एक्सटेंडेड एब्लट्रेक्ट ऑन “नियोटेक्टोनिज्म इन हिमाद्री डोमेन ऑफ गढ़वाल हिमालयाज – एज डेसीफर्ड थ्रू ग्लेशियल स्ट्रीम मॉर्फोलॉजी (हिमालयन ओरजन – फोरलैण्ड इंट्रेक्शन पर राष्ट्रीय सम्मेलन, जियोलॉजी विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, 29-30 जनवरी, 2003)”
  • ए.के. टंगड़ी, राम चंद्र एवं एस.के.एस. यादव, एक्सटेंडेड एब्स्ट्रेक्ट ऑन “डेसीफेरिंग क्लाइमेटिक वेरिएबिलिटी इन उत्तरांचल हिमालय थ्रू टेंपरल मॉनीटरिंग ऑफ इक्वीलीब्रियम लाइन ऑफ गंगोत्री ग्लेशियर यूजिंग मल्टीडेट सेटलाइट,” (आईएसआरएस नेशनल सिम्पोजियम -2001, अहमदाबाद, 11-12 दिसंबर, 2001)
  • ए.के. टंगड़ी, राम चंद्र एवं एस.के.एस. यादव, एक्सेटेंडेड एब्सट्रेक्ट ऑन “डेट्रिटल इंफ्लूक्सेज़ इन द मेल्ट वॉटर ऑफ गंगोत्रीग्लेशी गढ़वाल हिमालय (“हिमालय के जियोडायनमिक्स एवं प्रबंधन” पर राष्ट्रीय सम्मेलन, श्रीनगर, गढ़वाल, 4-6 दिसंबर, 2000)”
  • सुधाकर शुक्ला एवं राजीवा मोहन, “ए जीआईएस बेस स्टडीज इन गोमती रिवर बेसिन टू एक्सेस द सर्फेस एण्ड ग्राउंड वॉटर क्वालिटी” (2016 )
  • सुधार शुक्ला एवं राजीवा मोहन, “ग्राउंड वॉटर प्रोसपेक्टस मैपिंग थ्रू सेटलाइट बोर्न डाटा एण्ड जीआईएस फॉर असेसमेंट फॉर रिचार्ज स्ट्रक्चर (2016)”
  • सुधाकर शुक्ला, राजीवा मोहन, अमित मिश्रा एवं मयंक मिश्रा, मॉर्फोमेट्रिक एनालिसिस फॉर असेसमेंट ऑफ लीनियर, एरियल एण्ड रिलीफ पैरामीटर्स ऑफ गोमती रिवर बेसिन यूजिंग आई.आर.एस-3 डाटा (2014)
  • सुधाकर शुक्ला, राजीवा मोहन, अमित मिश्रा एवं मयंक मिश्रा असेसमेंट ऑफ टेंप्रल माइग्रेशन ऑफ गोमती रिवर यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स (2014).
  • अनिरुद्ध युनियल, पी.एन. शाह, रोहित अग्रवाल, वी.कुमार, एस.पी.एस जादौन, सुधाकर शुक्ला, एवं पी.के. गोस्वामी(2010): लैण्डस्लाइड हजार्ड जोनेशन एण्ड मैनेजमेंट स्टडी इन मसूरी, थथयार एवं धनौलती एरिया यूजिंग हाई रिजॉल्यूशन प्वाइंट जियोकोडेड पैन डाटा एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स (इंडिया लैण्डस्लाइड वॉल्यूम 3 नंबर 2, नवंबर, 2010)
  • सुधाकर शुक्ला एवं अमित सिन्हा (2009): रोल ऑफ स्पेस बॉर्न टेक्नोलॉजी इन इवेल्यूएशन ऑफ वेटलैण्ड्स एण्ड देयर इंपैक्ट ऑन फ्लड प्रोननेस-ए केस स्टडी ऑफ रोहिनी रिवर वॉटरशेड (उत्तर प्रदेश प्राथमिकताएं एवं एक्शन हेतु बेसिन वाइज ड्रेनेज मास्टर प्लान पर राष्ट्रीय कार्यशाला, सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार एंव एसडब्लूएआरए द्वारा आयोजित, मार्च 02-03, 2009, होटल ताज रेजीडेंसी, लखनऊ सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज, लखनऊ विश्विविद्यालय, लखनऊ )
  • सुधाकर शुक्ला, एमित सिन्हा, (2009): इवेल्यूएशन ऑफ ग्राउंड वॉटर प्रोस्पेक्टस थ्रू असेसमेंट ऑफ हाईड्रो-जिमॉर्फिक कंडीशन्स इन वेस्टर्न पार्ट ऑफ उत्तर प्रदेश, यूजिंग सेटलाइट बेस्ड रिमोट सेंसिंग टेक्नीक्स (ग्लेशियल क्वाटर्नरी जियोलॉजीकल प्रोसेसज पर कांफ्रेंस, प्राकृतिक आपदा एवं पर्यावरणीय परिवर्तन, फरवरी 25-26, 2009, सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ)
  • सुधाकर शुक्ला, (2009): एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस इन डिजास्टर असेसमेंट एण्ड मैनेजमेंट (जियोसिनर्जी2008, मार्च 28-29, 2009, इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की, रुड़की)
  • अनिरुद्ध उनियल, पी.एन.शाह, वीरेंद्र कुमार, मिलिन्द वाडोड़कर, विभु सरीन एवं सुधाकर शुक्ला (2008): लैण्डस्लाइड हजार्ड जोनेशन एण्ड मैनेजमेंट स्टडी इन जंगलचट्टी-केदारनाथ एरिया रुद्रप्रयाग डिस्ट्रिक्ट, उत्तराखंड: ए रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस बेस्ड अप्रोच (ग्लेशियल जियोमॉर्फोलॉजी पेलियोग्लेसिएशन इन हिमालन पर नेशनल सेमिनार, मार्च 15-17,2008, सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ)
  • सुधाकर शुक्ला, एस.पी.एस जादौन, ए.के. श्रीवास्तव, पी.एन. शाह एवं के. राजाराजन (2008): ए रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस बेस्ड अप्रोच इन असेससिंग डिटेल्ड लैण्डस्लाइड हजाईड जोनेशन एण्ड मैनेजमेंट इन ए पार्ट ऑफ डेग्लासिएटेड मल्पागढ़ वैली इन पिथौरागढ़ डिस्ट्रिक्ट ऑफ उत्तराखंड (ग्लेशियल जियोमॉर्फोलॉजी, पेलियोग्लेसिएशन इन हिमालय पर राष्ट्रीय सम्मेलन, मार्च 15-17, 2008, केंद्र फॉर एडवांस स्टडीज, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ)
  • सुधाकर शुक्ला, चैताली घोष (2008): आइडेंटीफिकेशन ऑफ इरोज़न प्रोन एरियाज इन ए सब-कैचमेंट ऑफ बिजुल रिवर बेसिन: ए जीआईएस एण्ड रिमोट सेंसिंग बेस्ड अप्रोच (लैण्डयूज लैण्ड कवर चेंज एण्ड एग्रो-बॉयोडायवर्सिटी पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, मार्च 07-08, 2008, जियोग्राफी विभाग, नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ)
  • सुधाकर शुक्ला, ए.एन. सिंह, एल आई.एम राव, ए.एल हलदार एवं अमित सिन्हा (2008): एन असेसमेंट ऑफ क्रॉप डैमेज इन फ्लड प्रोन एरियाज ऑफ मेहनगर ब्लॉक ऑफ आजमगढ़ डिस्ट्रिक्ट ऑफ उत्तर प्रदेश थ्रू स्पेस बॉर्न टेक्नोलॉजी. (जियोमॉर्फोलॉजी इन डिजास्टर मिटिगेशन एण्ड मैनेजमेंट, पर राष्ट्रीय सम्मेलन, फरवरी 15-17, 2008, जियोग्राफी विभाग, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी)
  • सुधाकर शुक्ला, चैताली घोष (2008): रोल ऑफ जियोमॉर्फिक फीचर इन असेसमेंट ऑफ हजार्ड प्रोन एरियाज इन ए पार्ट ऑफ चमौली डिस्ट्रिक्ट, उत्तराखंड: ए रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस बेस्ड अप्रोच (जिमॉर्फोलॉजी इन डिजास्टर मिटिगेशन एण्ड मैनेजमेंट पर राष्ट्रीय सम्मेलन, 15-17 फरवरी, 2008, जियोग्राफी विभाग, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी)
  • सुधाकर शुक्ला, टंगड़ी ए.के  स्नेहमणी (2007): इवेल्यूशन ऑफ स्नो कवर एण्ड टेरियन कैरेक्टरस्टिक्स इन स्नो बाउंड एरियाज ऑफ हायर हिमालयाज़ यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स- ए केस स्टडी इन ज़ंसकार रेंज ऑफ लद्दाक हिमालयाज़, जम्मू एण्ड कश्मीर (रिमोट सेंसिंग सर्फेस प्रोसेज़ राष्ट्रीय सम्मेलन, सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज द्वारा आयोजित, लखनऊ विश्वविद्याल, लखनऊ, मार्च 09 एवं 10, 2007)
  • अनिरुद्ध उनियल, वीरेंद्र कुमार, मीलिंद वडोड़कर, सुधाकर शुक्ला, विभू सरीन एवं पी.एन. शाह (2007): नैचुरल डिजास्टर मिटीगेशन: ए रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस बेस्ड अप्रोच फॉर लैण्डस्लाइड हजार्ड जोनेशन एण्ड मैनेजमेंट इन मध्यमहेश्वर गंगा एण्ड काली गंगा रिवर वैलीज़ इन रुद्रप्रयाग डिस्ट्रिक्ट उत्तराखंड (रिमोट सेंसिंग सर्फेस प्रोसेसेज़ पर राष्ट्रीय सम्मेलन, सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज द्वारा आयोजित, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, मार्च 09 एवं 10, 2007)
  • सुधाकर शुक्ला, अचयुत के यादव (2007): रोल ऑफ द लोकल एडमिनिस्ट्रेशन इन अवेयरनेस फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट, रोल ऑफ लोकल अर्बन गवर्मेंट इन डिजास्टर मैनेजमेंट पर राष्ट्रीय सम्मेलन, आरसीईयूएस, लखनऊ द्वारा आयोजित, मार्च 23 एवं 24, 2007
  • सुधाकर शुक्ला, एल.आई.एम. राव, ए.एल. हलदार, ए.के. अग्रवाल, अमित सिन्हा, ए.एन. सिंह (2007): ए पर्सपेक्टिव ऑफ स्पेस बॉर्न टेक्नोलॉजी इन फ्लड मैपिंग एण्ड असेसमेंट ऑफ क्रॉप डैमेज इन फ्लड प्रोन एरियाज (रोल ऑफ लोकल अर्बन गवर्मेंट इन डिजास्टर मैनेजमेंट पर राष्ट्रीय सम्मेलन, आरसीईयूएस, लखनऊ द्वारा आयोजित, मार्च 23 एवं 24, 2007)
  • सुधाकर शुक्ला एवं अमित गुप्ता (2005): यूटिलिटी ऑफ रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एवं जियोफिजिकल स्टडीज इन डेलीनेशन ऑफ ग्राउंड वॉटर पोटेंशियल जोन्स इन जगरबरिया वॉटरशेड, इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट ऑफ यूपी (जीआईएस एप्लीकेशन इन रूरल डेवलपमेंट पर राष्ट्रीय सम्मेलन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट द्वारा आयोजित, हैदराबाद, सितंबर 26-28, 2005)
  • शुक्ला सुधाकर, सरीन विभू, मोहन राजीवा (1999): इंटीग्रेटेड अप्रोच इन डेवलपमेंट ऑफ वॉटर रिसोर्सेज एक्शन प्लान इन भीमताल गेड सबवॉटरशेड ऑफ नैनीताल डिस्ट्रिक्ट ऑफ यूपी (रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन्स फॉर नैचुरल रिसोर्सेज़ विद स्पेशल इंफेसिस ऑन वॉटरशेड मैनेजमेंट एण्ड एनुअल कन्वेंशन ऑफ आईएसआरएस पर राष्ट्रीय सम्मेलन में एब्लट्रेक्ट प्रकाशित, भुव्नेश्वर में आयोजित, 15-17 दिसंबर, 1999)
  • जादौन एस.पी.एस., शुक्ला सुधाकर, (1999): यूटिलाइजेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स इन ऑप्टीमल मैनेजमेंट ऑफ वॉटरशेड: ए केस स्टडी इन पार्ट ऑफ अपर मचकुंड वॉटरशेड, विशाकापटनम, ए.पी. (रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन्स फॉर नैचुरल रिसोर्सेज विद स्पेशल इंफेसिस ऑन वॉटरशेड मैनेजमेंट एण्ड एनुअल कंवेंशन ऑफ आईएसआरएस पर राष्ट्रीय सम्मेलन में एब्सट्रेक्ट प्रकाशित, भुव्नेश्वर, में आयोजित, दिसंबर 15-17, 1999)
  • शुक्ला सुधाकर, मोहन राजीवा, माथुर अरविन्द (1999): एन अससेमेंट ऑफ एन्वायरमेंट इंपैक्ट ऑन वॉटर क्वालिटी ऑफ मान्सी गंगा कुंड नियर गोवर्धन टाउन, मथुरा डिस्ट्रिक्ट बेस्ड ऑन रिमोट सेंसिंग एण्ड फील्ड इंवेस्टीगेशन (एन्वायरमेंटल चैलेंजेज़ फॉर द न्यू मिलेनियम पर अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में प्रकाशन हेतु एब्सट्रेक्ट स्वीकार्य, 25-27 नवंबर, 1999, नई दिल्ली)
  • शुक्ला सुधाकर, सरीन विभू, सिन्हा अमित (1999): एन एप्लीकेशन ऑफ जीआईएस इन अंडर्सटेंडिंग द इंटरडिपेंडेंस ऑफ स्नो एक्यूमूलेशन ऑन बेसिन एलीवेशन एण्ड स्लोप पैरामीटर्स: ए केस स्टडी ऑफ गंगोत्री ग्लेशियर वॉटरशेड एट भोजबासा, डिस्ट्रिक्ट, उत्तरकाशी, यूपी (नेशनल स्नो साइंस वर्कशॉप हेतु एब्सट्रेक्ट स्वीकर्य, मनाली, अक्टूबर 1999)
  • शुक्ला सुधाकर, सिन्हा अमित (1999): क्वांटिटेटिव असेसमेंट ऑफ विंटर स्नो पर्सिपिटेशन/समर स्नो मेल्ट ऑफ यूजिंग सेटलाइट रिमोट सेंसिंग: ए केस स्टडी ऑफ भगीरथी रिवर बेसिन (स्नो आईस एवं ग्लेशियर पर सम्मेलन के कार्यवाही वॉल्यूम में एब्सट्रेक्ट प्रकाशित, लखनऊ, मार्च 1999)
  • शुक्ला सुधाकर, (1998): रोल ऑफ रिमोट सेंसिंग इन द एन्वायरमेंटल असेसमेंट एण्ड मैनेजमेंट (सोविनियर ऑफ एन्वायरमेंट प्रोटेक्शन – ए ग्रीन विजन फॉर 21 सेंचुरी, पीलीभीत, यूपी, जनवरी 99)
  • टंगड़ी ए.के.; शुक्ला सुधाकर, सिन्हा अमित (1995): स्पेक्ट्रल रिसपॉंसेज़ ऑफ ग्लेशियल मेल्ट वॉटर एज ए मेजर ऑफ क्वालिटेटिव असेसमेंट ऑफ सस्पेंडेड सेडीमेंट्स (रिमोट सेंसिंग पर राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही, लुधियाना, अक्टूबर, 23-25, 1995)
  • शुक्ला सुधाकर (1995): ए जियोएन्वायरमेंटल प्रीव्यू ऑफ लखवार रिजर्वायर एरिया, गढ़वाल हिमालय, यूपी, इण्डिया (सस्टेनेबल रीकंस्ट्रक्शन ऑफ हाई लैण्ड एण्ड हेडवॉटर रीजन पर राष्ट्रीय सम्मेलन की एब्सेट्रेक्ट वॉल्यूम में प्रकाशन हेतु एब्सट्रेक्ट स्वीकार्य़, नई दिल्ली, 1995)
  • शुक्ला सुधाकर, एन्बलागन आर. (1995): एनालिसिस ऑफ सपोर्ट सिस्टम इन अंडरग्राउंड केविटीज़ यूजिंग फील्ड एण्ड लेबोरेट्री डाटा – ए केस स्टडी ऑफ लखवार अंडरग्राउंड पावर हाउस, गढ़वाल हिमालयाज़ य़ूपी (रीसेंट एडवांसेज इन जियोलॉजिकल स्टडीज इन एनडब्लू हिमालय एण्ड द फोर डीप पर सम्मेलन के कार्यवाही वॉल्यूम, लखनऊ, यूपी, मार्च 1995)
  • शुक्ला सुधाकर (1993): ब्रिज साइट सेलेक्शन एक्रॉस रिवर गंगा इन द विसिनिटी ऑफ कानपुर मेट्रोपॉलिस यूजिंग रिमोट सेंसिंग टेक्नीक (रिमोट सेंसिंग पर राष्ट्रीय सम्मेलन के वॉल्यूम को एब्सट्रेक्ट, गुवाहीट, नवंबर, 1993)
  • टंगड़ी ए.के.; सिन्हा ए. एवं शुक्ला सुधाकर (1993): इवेल्यूशन ऑफ स्नो पैक कैरक्टरस्टिक्स थ्रू मल्टीमोड एनालिसिस ऑफ आईआरएस-1ए, एलआईएसएस-II डाटा – ए केस स्टडी इन चमौली डिस्ट्रिक्ट ऑफ उत्तर प्रदेश, इण्डिया. (रिमोट सेंसिंग पर 14वें एशियन सम्मेलन पर कार्यवाही,  टेहरन, अक्टूबर 1993)
  • टंगड़ी ए.के. सिन्हा ए. एवं शुक्ला सुधाकर (1992): डिपेंडेंस ऑफ स्नो एक्यूम्यूलेशन ऑन बेसिनल स्लोप पैरामीटर्स इन अलकनंदा सबवॉटरशेड, चमौली डिस्ट्रिक्ट, यूपी – एन एटेम्प्ट थ्रू इंटीग्रेशन ऑफ रिमोटली सेंस्ड डाटा विद कंवेंशनल मेथेडोलॉजीज़. (रिमोट सेंसिंग फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही लखनऊ, नवंबर 1992)
  • टंगड़ी ए.के. एवं शुक्ला सुधाकर (1992): इंटीग्रेशन ऑफ रिमोटली सेंस्ड डाटा, मीटियोरोलॉजिकल पैरामीटर्स एण्ड टोपोग्राफिकल डिटेस्स इन स्नो मेल्ट रन ऑफ मॉडलिंग (हाईड्रोलॉजी ऑन माउंटेन्स एरियाज ऑन अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार की एब्स्ट्रेक्ट वॉल्यूम)
  • टंगड़ी ए.के., चतुर्वेदी एस. एवं शुक्ला सुधआकर (1991): असेसमेंट ऑफ लैण्ड कवर वैरिएशन इन टाईम एण्ड स्पेस थ्रू यूज ऑफ मल्टीडेट सेटलाइट डाटा – ए केस स्टडी इन चमौली डिस्ट्रिक्ट ऑफ यूपी इंडिया (रिमोट सेंसिंग पर राष्ट्रीय सम्मेलन का एब्सट्रेक्ट वॉल्यूम)
  • टंगड़ी ए.के., शुक्ला सुधाकर एवं चतुर्वेदी एस (1991): एप्लीकेशन ऑफ लैण्डसेट टीएस एण्ड आईआरएस-1A, एलआईएसएस-II इन स्नो कवर मैपिंग एण्ड स्नो मेल्ट/रनऑफ प्रडिक्शन्स इन ए पार्ट ऑफ यूपी हिमालयाज, इण्डिया (एब्सट्रैक्ट वॉल्यूम ऑफ द आईजीसीपी-264 मीट ऑन रिमोट सेंसिंग बेस्ड स्पेक्ट्रल प्रॉपर्टीज, पूणे, दिसंबर 1991)

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