पृथ्वी संसाधन प्रभाग

द अर्थ रिसोर्स डिविजन की गतिविधियों का सामान्य संक्षिप्त विवरण

  • आरएसएसी-यूपी का अर्थ रिसोर्सेज़ डिविजन ने बहुत से रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक आधारित परियोजनाओं को अपने आधीन लेकर उन्हे सफलापूर्वक समाप्त किया है। अर्थ रिसोर्सेज़ डिविजन द्वारा कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं में नेशनल जोओमॉर्फोलॉजी एवं लिनीमेन्ट मैपिंग प्रोजेक्ट के तहत संपूर्ण उत्तर प्रदेश हेतु 1:50,000 स्केल पर क्रिएशन ऑफ जियोस्पॉटियल डाटाबेस ऑफ जियोमॉर्फोलॉजी एवं लीनमेंट्स शामिल है। संपूर्ण उत्तर प्रदेश हेतु नैचुरल रिसोर्सेज़ इंफॉर्मेशन सिस्टम परियोजना, फेज़-II. हाल ही में उत्तर प्रदेश के हिस्सों में सतही एवं भू-जल प्रबंधन एवं सिविल इंजीनियरिंग परियोजनाओं हेतु उपयुक्त साइट चयन जैसे रोड/रेल संरेखण/सेतू एवं बैराज एवं जियोटेक्निकल जांच के लिए भी, जियोएन्वायरमेंटल एनालिसिस एवं जियो-हज़ार्ड अध्ययन, जिसमे सेसिमो-टेक्टोनिक जांच के लिए इस अध्ययन के परिणाम महत्वपूर्ण इंपुट्स हो सकते हैं। संपूर्ण उत्तर प्रदेश हेतु नैचुरल रिसोर्सेज़ इंफॉर्मेशन सिस्टम प्रोजेक्ट, फेज़-II, उत्तर प्रदेश के ललितपुर एवं झांसी जिलों में मिनरल टार्गेटिंग अध्ययन। आरएस एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर पायलट आधार पर जिला सोनभद्र जिले के 02 माइनिंग लीज़ हेतु डिजिटल डाटाबेस क्रिएशन कार्य हाल ही में, अर्थ रिसोर्सेज़ डिविजन ने समाप्त किया है। पूर्व में, नेशनल ड्रिंकिंग वॉटर टेक्नोलॉजी मिशन प्रोग्राम केत तहत 1:250,000 स्केल पर उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए हाईड्रोजियोमॉर्फोलॉजिकल मैपिंक के कार्य को भी डिविजन द्वारा पूरा किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों जैसे गंगा, यमुना, रामगंगा, राप्ती, घाघरा एवं असम की नदी ब्रह्मपुत्र के चैनल विन्यास के संबंधित अध्ययन का लक्ष्य चैनल माइग्रेशन का आकलन, बैंक का क्षरण एवं मौजूदा एवं नए इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं (जैसे सेतू एवं गैस पाईपलाइन आदि) को भी समाप्त किया गया है। कुछ अन्य अध्ययन, जो इस डिविजन द्वारा समाप्त किये गए हैं उनमे गंगा-यमुना एवं गंगा-रामगंगा संगम गतिशीलता, सोनभद्रा, महोबा एवं ललितपुर जिले में जियोएनवॉयरमेंटल अध्ययन, महत्वपूर्ण सुविधा, इंफ्रास्ट्रक्चर, नगरीय घनत्व एवं लखनऊ शहर में एवं इसके इर्दगिर्द आपदा जोखिम कम करने हेतु लैण्डयूज/लैण्डकवर मैपिंग एवं संपूर्ण उत्तर प्रदेश के लिए वेटलैण्ड मैपिंग। अर्थ रिसोर्सेज़ डिविजन द्वारा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश एवं सिक्कम एवं पूरे देश में भूस्खलन जोखिम क्षेत्रीय अध्ययन किया है।
  • इसके अतिरिक्त अर्थ रिसोर्सेज़ डिविजन डिसेंट्रेलाइजेशन प्लानिंग (एसआईएस-डीपी) परियोजना हेतु स्पेस आधारित सूचना सपोर्ट पर भी कार्य कर रहा है, जिसका लक्ष्य संपूर्ण उत्तर प्रदेश के लिए 1:10,000 स्केल पर लैण्डयूज/लैण्डकवर, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं स्लोप थीम के डिजिटल डाटाबेस को तैयार किया जाना है। इसके अतिरिक्त स्टेक होल्डिंग विभागों के लीगेसी डाटा एवं स्पाटिअल एवं गैर स्पाटिअल के साथ इस परियोजना के डिजिटल डाटाबेस के लिंकेज कराना भी प्रस्तावित है।
  • अर्थ रिसोर्सेज़ डिविजन की शुरुआत से, इसके वैज्ञानिकों ने कुल मिलाकर 100 शोधपत्र/ विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पत्रिकाओं में साइंस आर्टिकल, हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा में साइंस मैगज़ीन एवं अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय कॉंफ्रेंस के एब्स्ट्रेक्ट वॉल्यूम में प्रकाशित करा है। पिछले 10 सालों के दौरान में इनमे पीर रिव्यूड इंटरनेशनल जर्नल्स में 15 शोध-पत्र सम्मिलित हैं एवं  आईएसएसएन प्रसिद्ध साइंस मैगजीन में 06 आर्टिकलॉ
  • अर्थ रिसोर्सेज डोमेन में भविष्य अध्ययन हेतु निम्न थर्स्ट एरिया को चयनित किया गया है:-
  • 1:10,000 स्केल पर जियोमॉरफोलॉजी एवं स्ट्रक्चरल लीनमेंट हेतु जियोस्पाटियल डाटाबेस को बनाया जाएगा।
  • सेतू, बैराज, गैस पाईपालाईन, रोड एवं रेल संरेखण हेतु उपयुक्त सूट के चयन के लिए रिवर डायनमिक्स अध्ययन।
  • जियो हजार्ड एवं जियो-इंजीनियरिंग जांच
  • जियोएन्वायरमेंटल जांच
  • मिनरल टार्गेटिंग अध्ययन

डॉ. अनिरुद्ध उनियल

डॉ. अनिरुद्ध उनियल
पदनाम वैज्ञानिक-एसई एवं अर्थ रिसोर्सेज डिविजन अध्यक्ष
शैक्षिक योग्यता पीजीडीआरएस, पीजीडीडीएम, डी.फिल
तकनीकि रिपोर्ट/एटलस/प्लान 50 (43 तकनीकि /साइंटिफिक रिपोर्ट, 05 लैण्डस्लाइड एटलस एवं 02 आपदा प्रबंधन प्लान)
विशेषज्ञता राज्य स्तर पर सतत विकास एवं आपदा प्रबंधन हेतु भी सिविल इंजीनियरिंग परियोजनाएं एवं एक्शन प्लान फॉर्म्यूलेशन हेतु भूस्खलन प्रबंधन, जियोएन्वायरमेंटल आकलन, साइट सूटेबिलिटी विश्लेषण हेतु सेटलाइट रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों को लागू करने में भूविज्ञान के साथ प्रवीणता
अनुभव 24 वर्ष
प्रकाशन 60 शोधपत्र एवं 02 किताब
संपर्क 0522-2730817
ई-मेल aniruddhauniyal@yahoo.com

श्री संघर्ष राव

श्री संघर्ष राव
पदनाम  वैज्ञानिक-एसडी
विशेषज्ञता रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस/आर्कियोलॉजी
अनुभव 09 वर्ष
प्रकाशन 11
संपर्क 0522-2730815-222
ई-मेल sangharshrao@yahoo.com,sangharshrao@gmail.com
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1 अर्थ रिसोर्सेज डिविजन में चालू परियोजनाओं का संक्षिप्त विवरण
साइज: 74 KB | भाषा: अंग्रेजी| अपलोड तिथि: 30/12/2017
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1 अर्थ रिसोर्सेज डिविजन में पूर्ण परियोजनाओं का संक्षिप्त विवरण
साइज: 253 KB | भाषा: अंग्रेजी| अपलोड तिथि: 30/12/2017
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अर्थ रिसोर्सेज़ डिविजन के वैज्ञानिकों द्वारा निम्न तकनीकी रिपोर्ट तैयार करी गई हैं:

  • सोनभद्र जनपद में दो चयनित खनन क्षेत्रों का उपग्रहीय आंकड़ों के माध्यम से चिन्हांकन एवं डिजिटल डाटाबेस का सृजन (खनन क्षेत्रों का उपग्रहीय आंकड़ों के माध्यम से चिन्हांकन-पाइलट परियोजना), भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उत्तर प्रदेश को प्रस्तुत, 2017।
  • हाई रिजॉल्यूशन सेटलाइट रिमोट सेंसिंग पर रिपोर्ट एवं जीआईएस आधारित उत्तर प्रदेश में राप्ती नदी के ऊपरी एवं निचली सब कैचमेंट की जियोमॉर्फोलॉजिकल मैपिंग को सिंचाई विभाग, पीडब्लूडी, उत्तर प्रदेस सेतू निगम, नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन, 2017 को जमा कर दी गई है।
  • राष्ट्रीय भूस्खलन जोखिम प्रबंधन रणनीति का ड्राफ्ट, घटक I: उपयोगकर्ता के अनुकूल लैण्डस्लाइड हजार्ड जोनेशन मैप (एलएचज़ेड) मैप का सृजन, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), नई दिल्ली, 2016 को जमा।
  • उच्च रिजॉल्यूशन रिमोट सेंसिंग पर घाघरा रिपोर्ट एवं बहराइच एवं फैजाबाद के बीच फैली घाघरा नदी पर जीआईएस आधारित जियोमॉर्फोलॉजिकल मैपिंग, नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन, 2014 को जमा।
  • लखनऊ, प्रतापगढ़ एवं वाराणसी जिला, उत्तर प्रदेश, भारत का जियोआर्क्योलॉजिकल जांच, नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, राज्य पुरातत्व विभाग, 2014 को जमा।
  • ललितपुर जिला, उत्तर प्रदेश में आर्थिक जमा के पहचान हेतु  संभावित संकेतक के तौर पर भौगोलिक और संरचनात्मक विसंगतियों के निर्धारण हेतु उच्च रिजॉल्यूशन सेटलाइट रिमोट सेंसिंग आधारित जांच की रिपोर्ट, नियोजना विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, भूविज्ञान एवं खनन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन, 2014 को जमा।
  • बांदा जिले में चयनित जल निकायों के संग्रहण क्षमता में कमी के कारणों का पता लगाना तथा उसपर रिपोर्ट एवं रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उनके पुनर्रुद्धार हेतु संस्तुतियां प्रस्तुत करना। (एसडब्लूआरडी की इस रिपोर्ट में ईआरडी का महत्वपूर्ण योगदान)।
  • महोबा जिले में चयनित जल निकायों के संग्रहण क्षमता में कमी के कारणों का पता लगाना तथा उसपर रिपोर्ट एवं रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उनके पुनर्ऱुद्धार हेतु संस्तुतियां प्रस्तुत करना। (एसडब्लूआरडी की इस रिपोर्ट में ईआरडी का महत्वपूर्ण योगदान)।
  • झांसी जिले में चयनित जल निकायों के संग्रहण क्षमता में कमी के कारणों का पता लगाना तथा उसपर रिपोर्ट एवं रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उनके पुनर्ऱुद्धार हेतु संस्तुतियां प्रस्तुत करना। (एसडब्लूआरडी की इस रिपोर्ट में ईआरडी का महत्वपूर्ण योगदान)।
  • लक्ष्मी ताल झांसी जिले में चयनित जल निकायों के संग्रहण क्षमता में कमी के कारणों का पता लगाना तथा उसपर रिपोर्ट एवं रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उनके पुनर्ऱुद्धार हेतु संस्तुतियां प्रस्तुत करना। (एसडब्लूआरडी की इस रिपोर्ट में ईआरडी का महत्वपूर्ण योगदान)।
  • उत्तराखंड के ऋषिकेष-गंगोत्री रूट कॉरीडोर पर भूस्खलन के थीमेटिक मैपिंग एवं हजार्ड जोनेशन अध्ययन पर रिपोर्ट। रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर-उत्तर प्रदेश, लखनऊ की अप्रकाशित टेकनिकल रिपोर्ट; भारत सरकार, 2014 को जमा।
  • उत्तराखंड के ऋषिकेष-बद्रीनाथ रूट कॉरीडोर पर भूस्खलन के थीमेटिक मैपिंग एवं हजार्ड जोनेशन अध्ययन पर रिपोर्ट। रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर-उत्तर प्रदेश, लखनऊ की अप्रकाशित टेकनिकल रिपोर्ट; भारत सरकार, 2014 को जमा।
  • हिमाचल प्रदेश के वांगतू-पुह-कौरिक रूट कॉरीडोर पर भूस्खलन के थीमेटिक मैपिंग एवं हजार्ड जोनेशन अध्ययन पर रिपोर्ट। रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर-उत्तर प्रदेश, लखनऊ की अप्रकाशित टेकनिकल रिपोर्ट; भारत सरकार, 2014 को जमा।
  • उत्तराखंड के धरासू-यमूनोत्री रूट कॉरीडोर पर भूस्खलन के थीमेटिक मैपिंग एवं हजार्ड जोनेशन अध्ययन पर रिपोर्ट, 2013।
  • लखनऊ शहर में एवं आसपास आपदा जोखिम को कम करने हेतु रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस आधारित डाटाबेस तैयार करना एवं उसकी रिपोर्ट, अगस्त 2012।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर गंगा-रामगंगा नदी संगम के डायनामिक के अध्ययन पर रिपोर्ट, जुलाई, 2012।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस का इस्तेमाल कर इलाहाबाद के गंगा-यमुना नदी संगम के अध्ययन पर रिपोर्ट, जुलाई, 2012।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों का इस्तेमाल कर जिला ललितपुर, उत्तर प्रदेश के भागों में जियोएन्वायरमेंटल अध्ययन पर रिपोर्ट, अप्रैल, 2010।
  • थंडर स्टॉर्म/स्कवायल (2010), हेतु उत्तर प्रदेश राज्य आपात प्रबंधन एक्शन प्लान, अप्रकाशित प्लान उत्तर प्रदेश एकडमी ऑफ एडमिनिश्ट्रेशन एवं मैनेजमेंट, लखनऊ को जमा।
  • भूकंप हेतु उत्तर प्रदेश राज्य आपात प्रबंधन एक्शन प्लान (2010), अप्रकाशित प्लान उत्तर प्रदेश एकेडमी ऑफ एडमिनिश्ट्रेशन एण्ड मैनेजमेंट, लखनऊ को जमा।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर महोबा जिला, उत्तर प्रदेश में जियोएन्वायरमेंटल अध्ययन की रिपोर्ट, अप्रैल 2010।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक आधारित गंगा रिवर कंफीग्रेशन निकट फाफामऊ ब्रिज, इलाहाबाद में लौकिक बदलाव के अध्ययन पर रिपोर्ट। फरवरी 2010।
  • उत्तर प्रदेश के जिला इलाहाबाद के मेजा तहसील में प्रस्तावित मेजा थर्मल पावर प्लांट साइट के आसपास क्षेत्र में आईआरएस पी6 एलआईएसएस IV एवं जीआईएस का इस्तेमाल लाइनमेंट मैपिंग की रिपोर्ट। मई, 2009।
  • क्विकबर्ड सेटलाइट डाटा का इस्तेमाल कर लखनऊ इण्डस्ट्रियल डेवलपमेंट एरिया (एलआईडीए) के लैण्डयूज/लैण्ड कवर एवं इंफ्रास्ट्रक्चर मैपिंग पर रिपोर्ट। मार्च 2008
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के हिस्सों में जियोएन्वायरमेंटल अध्ययन पर रिपोर्ट। अक्टूबर, 2007।
  • जिला सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश में पुराने बाणगंगा नदी ड्रेन के क्षेत्र में क्षेत्र के पास बुरही राप्ती रिवर चैनल चेंजेज़ निकट मुचवोरा घाट एवं प्राकृतिक जलभराव के अध्ययन पर रिपोर्ट। मई 2006
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर बस्ती एवं संत कबीर नगर जिला की वेटलैण्ड मैपिंग की रिपोर्ट। सितंबर, 2005।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तरांचल के देहरादून एवं तेहरी गढ़वाल जिलों में मसूरी के आसपास लैण्डस्लाइड हजार्ड जोनेशन अध्ययन पर रिपोर्ट। सितंबर, 2005।
  • जोशीमथ-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58, चमोली जिला, उत्तरांचल पर दहिया नाला निकट लंबागर चट्टी पर भूस्खलन के अध्ययन पर रिपोर्ट।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तरांचल के नैनीताल एवं अलमोड़ा जिलों के हिस्सों में लैण्डस्लाईड पर रिपोर्ट। जून, 2004।
  • डीटीआरएल, भारत सरकार, दिल्ली को सिक्किम क्षेत्र में भूस्कलन के प्रमुख जियोएन्वायरमेंटल माप के अनुश्रवण पर रिपोर्ट। जून, 2004।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों का इस्तेमाल कर कुमाऊं हिमालय के जिला पिथौड़ागढ़ के माप्ला क्षेत्र में लैण्डस्लाइड हजार्ड जोनेशन पर रिपोर्ट। दिसंबर, 2003।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों का इस्तेमाल कर उत्तरांचल के जिला रुद्रप्रयाग एवं चमौली के क्षेत्र अगस्तमुनी-ओखीमथ-केदारनाथ में लैण्डस्लाइड हजार्ड जोनेशन अध्ययन पर रिपोर्ट। जुलाई, 2003
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक के हिस्सों में मेल्लीबाज़ार एवं लाचुंग के बीच मिट्टी एवं तरैन सूचना प्रणाली के विकास पर रिपोर्ट। डीटीआरएल, भारत सरकार, दिल्ली को जमा। फरवरी, 2002
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के सौरी, आगरा जिले के समीप गैस पाईपलाइन परिसर में यमुना नदी के डायनमिक की अस्थायी निगरानी पर रिपोर्ट। गेल, आगरा को जमा। फरवरी, 2000।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों का इस्तेमाल कर गढ़वाल के ओखीमथ क्षेत्र के हिस्सों में लैण्डस्लाईड हजार्ड जोनेशन पर आंतरिक रिपोर्ट। जुलाई, 2000।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद एवं हरदोई जिलों के हिस्सों में गैस पाईपलाइन के परिसर में गंगा, रामगंगा, काली एवं गंभीरी नदियों के डायनमिक की अस्थायी निगरानी पर रिपोर्ट। गेल, औरय्या को जमा। अक्टूबर, 2000 (अंतिम)।
  • 1998 के आईआरएस-1सी/1डी का इस्तेमाल कर असम के डिब्रुगढ़ जिले, बोगीबिलगांव के निकट प्रस्तावित सड़क और रेल सेतू संरेखण के आसपास ब्रह्मपुत्र नदी की संरचना और बाढ़ के जलमग्न की सीमा के अध्ययन पर रिपोर्ट। आरआईटीईएस, रेल मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली को जमा। जुलाई, 1999।
  • रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर असम, डिब्रुगढ़ जिले, बोगीबिलगांव के निकट प्रस्तावित सड़क एवं रेल सेतू संरेखण के आसपास में ब्रह्मपुत्र नदी कंफीग्रेशन के डायनमिक्स की अस्थायी निगरानी पर रिपोर्ट। आरआईटीईएस, रेल मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली को जमा। जुलाई, 1998।
  • आईआरएस-1सी, पैन डाटा का इस्तेमाल कर असम के डिब्रुगढ़, धेमाजी एवं सिब्सागढ़ जिलों के हिस्सों में प्रस्तावित सड़क एवं रेल संरेखण साइटों के आसपास में 1:25,000 स्केल पर लैणअडयूज/लैण्डकवर पैटर्न पर रिपोर्ट। आरआईटीईएस, रेल मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली को जमा। जून, 1998।
  • प्लांटेशन हेतु उप्युक्त साइट के चयन हेतु वृंदावन एवं मथुरा के बीच यमुना नदी कंफीग्रेशन के अस्थायी निगरानी पर रिपोर्ट। सोशल फॉरेस्ट्री प्रभाग, वन विभाग, मथुरा। जुलाई, 1998।
  • सेटलाइट रेमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर लक्षित मिनरल जमा हेतु जखौरा-बंसी-बार क्षेत्र के ललितपुर जिले के उत्तर एवं झांसी जिले में बबीना के दक्षिणी इलाके में लिथोलॉजिकल, स्ट्रक्चरल एवं जियोमॉर्फोलॉजिकल की मैपिंग पर रिपोर्ट।
  • सेटलाइट रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर लक्षित मिनरल जमा हेतु ललितपुर जिले के जखौरा-बंसी-बार के उत्तर एवं झांसी जिले में बबीना के दक्षिण क्षेत्र में लिथोलॉजिकल, स्ट्रक्चरल एवं जिओमॉर्फोलॉजिकल की मैपिंग पर रिपोर्ट। भूविज्ञान एवं खनन निदेशालय, उत्तर प्रदेश को जमा। फरवरी, 1998।
  • उत्तर प्रदेश के जिला मिर्जापुर एवं सोनभद्र जिले के भखेर वॉटरशेड में रिमोट सेंसिंग तकनीकों के माध्यम से सतत विकास हेतु एकीकृत अध्ययन हेतु हाईड्रोजियोमॉर्फोलॉजिकल विशेषताओं की मैपिंग पर रिपोर्ट। 1997।
  • प्राकृतिक संसाधन डाटाबेस प्रबंधन प्रणाली के तहत आईआरएस, एलआईएसएस-II सेटलाइट का इस्तेमाल कर 1:50,000 स्केल पर वाराणसी एवं मऊ जिलों की हाईड्रोजियोमॉर्फोलॉजिकल मैपिंग।
  • सेटलाइट रिमोट सेंसिंग के माध्यम से कानपुर, उत्तर प्रदेश पर प्रस्तावित गंगा बैराज के आसपास में गंगा नदी कंफीग्रेशन के अस्थायी निगरानी पर आंतरिक रिपोर्ट। सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश को जमा। जनवरी, 1997।
  • उत्तर प्रदेश के वेटलैण्ड्स पर रिपोर्ट: स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, डीओएस, अहमदाबाद, एमओईएफ, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश के यूजर संगठन को जमा। मार्च, 1996।
  • रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर गोंडा जिला में हरीहरगंज-ललिया पर कोंडरियाघाट पर प्रस्तावित सेतू साइट के निकट राप्ती नदी चैलन के हिस्सों में निगरानी अस्थायी बदलाव पर रिपोर्ट। लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश को जमा। मार्च, 1993।
  • लैण्डसैट टीएम डाटा का इस्तेमाल कर टेहरी बांध कैचमेंट एरिया, उत्तर प्रदेश में भूमि कटाव और वन कटाव मूल्यांकन पर रिपोर्ट। टेहरी हाईड्रो डेवलपमेंट लिमिटेड, नई दिल्ली को जमा। अप्रेल, 1991।
  • सेटलाइट रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर टेहरी बांध कैचमेंट क्षेत्र में पर्यावरणीय गिरावट स्थिति के मूल्यांकन पर प्रारंभिक रिपोर्ट। टेहरी डाईड्रो डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, नई दिल्ली को जमा। नवंबर, 1989।
  • फरवरी, 1989 को आईआरएस-1A (एलआईएसएस-1) के डिजिटल विश्लेषण के माध्यम उत्तर प्रदेश के शारदा सहायक कनाल कमांड क्षेत्र में सतह वॉटरलॉगिंग के मूल्यांकन पर नोट। सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश को जमा। अगस्त, 1989।
  • शुरुआती सितंबर, 1988 को एलआईएसएस-1 डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के बाढ़ जलमग्न की रिपोर्ट। सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश को जमा। नवंबर, 1988।
  • आपदा प्रबंधन कार्य योजनाएं की सूची
    • भूकंप (2010) के लिए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन एक्शन प्लान, अप्रकाशित। उत्तर प्रदेश एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एण्ड मैनेजमेंट, लखनऊ को जमा।
    • थंडरस्टॉर्म/तूफान (2010) के लिए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन एक्शन प्लान, अप्रकाशित प्लान उत्तर प्रदेश एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एण्ड मैनेजमेंट, लखनऊ को जमा।

हिमालय क्षेत्र के भूस्खलन एटलासेस की सूची

  • उत्तरांचल के देहरादून एवं टेहरी गढ़वाल जिलों के हिस्सों में लैण्डस्लाइड हजार्ड जोनेशन एवं लैण्डस्लाईड हजार्ड मैनेजमेंट मैपस मसूरी क्षेत्र पर एटलस। 2005
  • आरएसएसी-यूपी, लखनऊ द्वारा तैयार नैनीताल एवं अमरोहा जिला, उत्तरांचल के भागों के लैण्डस्लाईड हजार्ड जोनेशन एवं लैण्डस्लाईड हजार्ड मैनेजमेंट मैप पर एटलस। (2004)
  • आरएसएसी-यूपी, लखनऊ द्वारा तैयार सिक्कम के भागों में भूस्कलन पर एटलस। (2003)
  • अगस्तमुनी ओखीमठ के लैण्डस्लाईड हजार्ड जोनेशन एवं लैण्डस्लाईड हैजार्ड मैनेजमेंट मैप पर एटलस-रुद्रप्रयाग के केदारनाथ क्षेत्र में एवं गढ़वाल हिमालय के चमौली जिला, उत्तरांचल के भागों में। आरएसएसी-यूपी, लखनऊ द्वारा तैयार (2003)
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों का इस्तेमाल कर उत्तरांचल एवं हिमाचल प्रदेश राज्य के हिमालयों में लैण्डस्लाईड हजार्ड जोनेशन मैपिंग पर एटलस। वॉल्यूम 1: एनआरएसए, स्पेस विभाग, भारत सरकार, हैदराबाद (2001) द्वारा उत्तरांचल। (एनआरएससी के एटलस में आरएसएसी, यूपी के ईआरडी का भी योगदान)

अर्थ रिसोर्सेज़ डिविजन के शोधपत्र/किताबों/आर्टिकल की सूची

  • वर्मा, वी.के., प्रसाद सी. एवं उनियाल, ए., (2017), पृथ्वी पर्यावरण के पहलुओं, लैंबार्ट एकेडमी पब्लिशिंग, जर्मनी, पीपी 161।
  • उनियाल, ए., (2016), “ए केदारनाथ-उत्तराखंड हिमालय, भारत के यमुनोत्री-जानकी चट्टी पर केदारनाथ-जैसी आपदा का होना,” अप्लाईड रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस के अंतर्राष्ट्रीय जर्नल, वाल्यूम.3, इशू 2, पीपी 13-23।
  • उनियल, ए., (2016), “प्राकृतिक आपदा के प्रभाव एंथ्रोपोगेनिक एक्शन वोर्सन,” मुख्य नोट एड्रेस, एंथ्रोपोगियोग्राफी पर राष्ट्रीय सम्मेलन: समकालीन समस्या एवं सतत विकास, इण्डियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंसेज़ रिसर्च (आईसीएसएसआर) द्वारा प्रायोजित, अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज, लखनऊ, भारत द्वारा आयोजित। फरवरी 10-11, 2016।
  • उनियल, ए., (2016), “उच्च शिक्षा में गुणवत्ता आश्वासन : रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों की भूमिक” प्रमुख नोट एड्रेस, उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित पर राष्ट्रीय सम्मेलन : सूचना एवं संचार टेक्नोलॉजी की भागीदारी, दिगंबर जैन कॉलेज, बड़ौत, बागपात, उत्तर प्रदेश., भारत द्वारा आयोजित, मार्च, 2016।
  • उनियल, ए., शाह, पी.एन., मोहान, आर. एवं राओ, एस., (2015), “इलाहाबाद जिला, उत्तर प्रदेश, भारत में थर्मल पावर प्लांट साइट के लीनमेंट मैपिंग हेतु उच्च रिजॉल्यूशन सेटलाइट डाटा के इमेज प्रोसिंग एवं जीआईएस तकनीक,” नवंबर 2015 में जिओकार्टो इंटरनेशनल, ऑनलाइन इशू।
  • द्विवेदी, एम., उनियल, ए. एवं मोहन, आर. (2015), “एलआईडीएआर तकनीक का इस्तेमाल कर स्मार्ट सिटी नियोजन में नई उपलब्धी,” अप्लाईड रिमोट सेन्सिंग एवं जीआईएस की अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका। वॉल्यूम 2, इशू 1, पीपी 40-50।
  • उनियल, ए., राजीवा, एम. एवं शाह, पी.एन. (2015), “जीयोएन्वायरमेंटल इंवेस्टीगेशन इन सदर्न पार्ट ऑफ ललितपुर डिस्ट्रिक्ट ऑफ बुंदेलखंड रीजन, उत्तर प्रदेश, (भारत)”, अप्लाईड रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएसका अंतर्राष्ट्रीय जर्नल, वॉल्यूम 2, इशू 1स पीपी 1-15।
  • उनियल, ए., मिश्रा, डी. एवं शाह, पी.एन., (2014), “रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस आधारित जियोएन्वायरमेंटल इंवेस्टीगेशन इन महोबा डिस्ट्रिक्ट ऑफ बुंदेलखंड रीजन, यू.पी., (भारत)”, अप्लाईड रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस का अंतर्राष्ट्रीय जर्नल, वॉल्यूम 1, इशू 1, पीपी 18-31।
  • उनियल, ए. एवं मोहने, आर. (2015) “लिडार: सर्वेइंग की एक अद्भुत तकनीक” (“एलआईडीएआर: ए मॉडर्न टेक्नीक ऑफ सर्वेइंग” हिन्दी भाषा आर्टिकल), विज्ञान, इशू 3, विज्ञान परिषद प्रयाग, इलाहाबाद, पीपी 1-4।
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  • राजामणी, वी., राव, एस., इर्षाद, ए., उपाध्याय, सी., यादव,सी.एस., मिश्रा,डी., सिंह,ई., हाफिजुल्लाह, जमान,के., यादव,एम., गुप्ता,एन.के., सिंह,पी.के., खरे,आर., सिंह,आर., सिन्हा,आर., गुप्ता,एस., उपाध्याय,एस., सिंह.,एस., मधूप,एस., खनम,एस., मलिक,एस., एवं मिश्रा.वी., (2015)। राज्य स्तर भूउपयोग/लैण्डओवर सेनेरियो:10k उत्तर प्रदेश, भारत हेतु मैपिंग। भू-संसाधन, आरएसएसी, यूपी., लखनऊ एवं राज्य भू-उपयोग परि,द, नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश हेतु जियोस्पाटियल तकनीक एवं 3डी एप्लीकेशन पर राष्ट्रीय सम्मेलन। 12-13 मार्च, 2015।
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  • पी.एन.शाह (2010), “गढ़वाल हिमालय में बद्रीनाथ-ऋषिकेष राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन की स्थिति पर वैज्ञानिक फिल्म की रिकॉर्डिंग” प्रथम भारतीय भूस्खलन कांग्रेस, बीरबल सहानी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलाबॉटनी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत
  • पी.एन. शाह (2010), “रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर सिक्किम क्षेत्र में जियोएन्वायरमेंटल मापों के कारण भूस्खलन का अनुश्रवण” प्रथम भारतीय भूस्खलन कांग्रेस, बीरबल सहानी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलाबॉटनी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत।
  • पी.एन. शाह (2010), “रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर कुमाऊ हिमालय के जिला पिथौरागढ़ क्षेत्र में तवाघाट-माल्पा-गर्ब्यांग को कवर किए कैलाश मानसरोवर के हिस्सों में भूस्खलन का अध्ययन” प्रथम भारतीय भूस्खलन कांग्रेस, बीरबल सहानी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलाबॉटनी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत।
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  • पी.ए. शाह, उनियल, ए., सैनी, ए., कुमार ए., सिंह ए.एन., धार एस., मिश्रा, एस.पी., सिन्हा, एल.के. वर्मा, डी.एन. पुनडीर, एस.के. एवं पथंक, बी.के. (2010), “रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस आधारित सिक्किम क्षेत्र के मेल्लीबाजार-गंगटोक-लेचन एवं लाचुंग-युमथंग के बीच भूस्खलन आपदा जोनेशन एवं प्रबंधन अध्ययन” प्रथम भारतीय भूस्खलन कांग्रेस, बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलाबॉटनी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, इण्डिया।
  • उनियल, ए., शाह पी.एन., कुमार वी., शुक्ला, एस., जदायूं, एस.पी.एस अग्रवाल, आर. एवं गोस्वामी, पी.के. (2010), “उच्च रिजॉल्यूशन प्वाइंट जियोकोडेड पैन डाटा एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर मसूरी एवं आसपास के क्षेत्र में भूस्खलन आपदा जोनेशन एवं प्रबंधन अध्ययन,” प्रथम भारतीय भूस्खलन कांग्रेस बीरबल सहानी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलाबॉटनी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत।
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