कृषि संसाधन विभाग

आरएसएसी-यूपी के कृषि संसाधन प्रभाग फसलों के मूल्यांकन एवं अनुश्रवण में सक्रिय रूप से सम्मिलित है, इस प्रक्रिया में डिजिटल एवं विजुअल, डिजिटल और विज़ुअल व्याख्या तकनीकों दोनों को नियोजित करने वाले बहु-अस्थायी और मल्टी-स्पेक्ट्रल सैटेलाइट डाटा का उपयोग करके होता है। इसकी प्रमुख गतिविधि प्रमुख फसलों यानी गेहूं, धान, सरसों, आलू गन्ने और रबी दालें यू.पी. के पूर्व-पीक फसल के उत्पादन और उत्पादन के अनुमानों को प्रदान करना है एवं यूज़र विभागों को प्रत्येक फसली मौसम में अनुमान प्रदान करना है। प्रभाग की अन्य गतिविधियों में बड़े बागों जैसे आम, आंवला एवं अमरूद के एकड़ का आकलन करना है एवं रेशम उत्पादन विकास अध्ययन, फसल का विश्लेषण प्रणाली विश्लेषण, फसल क्षति मूल्यांकन अध्ययन और फसल की स्थिति आकलन अध्ययन भी सम्मिलित है। प्रभाग द्वारा विभिन्न राज्य में राष्ट्रीय परियोजनाओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करा गया है, जैसे लैण्ड यूज़ मैपिंग, उत्तर प्रदेस की नमक प्रभावित मिट्टी की मैपिंग, उत्तर प्रदेश के प्रमुख हिस्सों एवं उत्तरांचलमें वॉटरशेड निरुपण, टेहरी-बांध कैचमेंट एरिया में मिट्टी अध्ययन, वेस्ट लैण्ड मैपिंग, ग्लोबल वॉर्मिंग माप करने हेतु मीथेन गैस की स्थिति, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल एवं झारखंड के उत्तर प्रदेश के हिस्स में बंजर स्थिति। प्रभाग द्वारा विभिन्न परियोजनाओं को अपने आधीन लिया गया है, जिसके संबंध में प्रभाग द्वारा राज्य सरकार विभाग एवं विभिन्न राष्ट्रीय संस्थाओं जैसे एनआरएसए-हाईदराबाद, एसएसी-अहमदाबाद, विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी विभाग, एवं केंद्र सरकार एवं राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय किया है। साथ ही प्रभाग अंतर्राष्ट्रीय एचेंसियों जैसे विश्व बैंक, जेआईसीए एवं ईईसी द्वारा से पोषित परियोजनाओं के साथ भी समन्वय बनाए हुआ है।

डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय

डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय
योग्यता एम.एससी. (एग्रीकल्चर) औद्यानिक, पीएच.डी (औद्यानिक)
पदनाम वैज्ञानिक-एसई एवं अध्यक्ष, ए.आर.डी
परिनियोजन अध्यक्ष, एग्रीकल्चर रिसोर्सेज डिविजन
  विशेषज्ञता औद्यानिक
अनुभव 23 वर्ष
प्रकाशन 14 शोधपत्र/30 टेक्निकल रिपोर्ट
संपर्क +91-9452841212, +91-8765977664
ई-मेल rsacupard@gmail.com

श्री नरेंद्र कुमार

Narendra Kumar
योग्यता एम.एससी. (एग्रीकल्चर) एग्रोनॉमी
पदनाम  वैज्ञानिक-एसई
परिनियोजन एग्रीकल्चर रिसोर्सेज डिविजन
विशेषज्ञता एग्रीकल्चर के क्षेत्र में रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस एप्लीकेशन
अनुभव 23 वर्ष
प्रकाशन 5 शोधपत्र/20 टेक्निकल रिपोर्ट
संपर्क 8765977663, 9450459205
ई-मेल rsacupnk@rediffmail.com

डॉ. उदय राज

Udai Raj
योग्यता एम.एससी. (एग्रीकल्चर) औद्यानिक एवं पीएच.डी औद्यानिक
पदनाम वैज्ञानिक-एसई
परिनियोजन एग्रीकल्चर रिसोर्सेज डिविजन
विशेषज्ञता एग्रीकल्चर एवं औद्यानिक
अनुभव 20 वर्ष
प्रकाशन 13 शोधपत्र/23 टेक्निकल रिपोर्ट
संपर्क 9415765623, 8765977657
ई-मेल udai_raja@rediffmail.com

श्री पुष्पेंद्र प्रताप सिंह यादव

Shree Puspendra Pratab Singh Yadav
योग्यता एम.एससी स्वायल कंजरवेशन एवं वॉटर मैनेजमेंट
पदनाम वैज्ञानिक-एसडी
विशेषज्ञता एग्रीकल्चर एवं स्वॉयल कंजरवेशन एवं वॉटर मैनेजमेंट
परिनियोजन एग्रीकल्चर रिसोर्सेज़ डिविजन
अनुभव 14 वर्ष
प्रकाशन 5 शोधपत्र
संपर्क 9450170772
ई-मेल ppsyadav77@gmail.com
  • एफएएसएएल (फोरकॉस्टिंग एग्रीकल्चरल आउटपुट यूजिंग स्पेस, एग्रो-मीटरोलॉजी एण्ड लैण्ड बेस्ड ऑबज़रवेशन)
  • एसएसी अहमदाबाद द्वारा प्रायोजित एफएएसएएल आर एण्ड डी प्रोजेक्ट।
  • एसएसी अहमदाबाद द्वारा प्रायोजित सीएचएएमएएन परियोजना।
  • एसएसी अहमदाबाद द्वारा प्रायोजित फूडर क्रॉप असेस्मेंट परियोजना।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर फसली क्षेत्र,  फसली की तीव्रता एवं उत्पादन के कमांड एरिया में सिंचाई कनाल प्रणाली के प्रभाव का अनुश्रवण करना, विश्व बैंक द्वारा प्रायोजित।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश में मौजूदा सभी रेशम उत्पादन फार्म को बेहतर करना, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक, फेज़-II का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन फार्म को बेहतर बनाना, एनईएसएसी, शिलॉंग, मेघालय द्वारा प्रायोजित।
  • उत्तर प्रदेश के जिला मथुरा, रामपुर, बिजनौर, कुशीनगर एवं गोरखपुर में प्लॉट स्तर के औद्योनिग फसलों के एकड़ अनुमान एवं मानचित्रण, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर ब्लॉक स्तर पर आलू फसल एकड़ का अनुमान, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित
  • सेटलाइट डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश में भूमीइस्तेमाल/भूअच्छादन (1988-89)।
  • क्रॉप एक्रेज एवं प्रोडक्शन एस्टीमेशन (सीएपीई) (1991-1997)।
  • रेशम उत्पादन विकास हेतु रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन (1997-2000)
  • वेस्टलैण्ड मैपिंग फेज़-V परियोजना (1999-2003)
  • मैंगो एक्रेज एवं उत्पादन अनुमान (2000-2002)
  • आंवला एक्रेज अनुमान परियोजना (आरएण्डडी) (2001-2003)
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के जिलों में एग्रीकल्चर परियोजना का मैक्रो प्रबंधन (एमएमपी)/लैण्डयूज/लैण्ड कवर मैपिंग (2002-2004)
  • एलआईएसएस-III सेटलाइट डाटा हेतु जियो-रिफरेंस डाटाबेस जनरेशन (2004)
  • रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश में मेंथा क्रॉप एक्रीएज अनुमान (2008-2009)
  • आरएस एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर इंडो-गैंगेटिंक प्लान में क्रॉपिंग सिस्टम एनालिसिस (2006-2008)
  • चावल खेत में मीथेन गैस का अनुमान (2006-2007)
  • नेशनल वेस्टलैण्ड अपडेशन प्रोजेक्ट (2004-2005)
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर फसल स्थिति का मूल्यांकन एक्रेज एवं उत्पान अनुमान (2009-2012)
  • प्लॉट स्तर परियोजना के फसल एक्रेज अनुमान हेतु आधारित कार्यप्रणाली रिमोट सेंसिंग (2009-2011)
  • उत्तर प्रदेश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों हेतु क्रॉप-वेदर यील्ड मॉडल के विकास। (2010-2012)
  • गोण्डा, बलिया, पीलीभीत, ललितपुर, महोबा एवं झांसी जिले में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक, फेज़-I का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु संभावित बंजर भूमि का अनुश्रवण।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर ग्रामीण/प्लॉट स्तर पर रेशम उत्पादन विकास हेतु संभावित बंजर भूमि में उपयुक्त भूमि का चयन।(2012-13 से 2016-17 तक)
  • कृषक भू-उपयोग पर शारदा सहायक कनाल कमांड का अनुश्रवण प्रभाव।
  • उत्तर प्रदेश में ठीक तरह से खाद्य आपूर्ति हेतु कोल्डस्टोरेज जीआईएस डाटाबेस को तैयार करने एवं एक्रेज अनुमान का अध्ययन।
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 12 जिलों में प्रीहार्वेस्ट शुगरकेन एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2003-04 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2004:02
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में प्रीहार्वेस्ट शुगरकेन एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2004-05 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2005:02
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में प्रीहार्वेस्ट शुगरकेन एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2005-06 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2006:02
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में प्रीहार्वेस्ट शुगरकेन एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2006-07 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2007:02
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में प्रीहार्वेस्ट शुगरकेन एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2007-08 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2008:02
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 06 जिलों में प्रीहार्वेस्ट मस्टर्ड एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2004-05 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2005:03
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 08 जिलों में प्रीहार्वेस्ट मस्टर्ड एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2005-06 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2006:03
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 07 जिलों में प्रीहार्वेस्ट मस्टर्ड एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2006-07 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2007:03
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 08 जिलों में प्रीहार्वेस्ट मस्टर्ड एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2007-08 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2008:03
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 08 जिलों में प्रीहार्वेस्ट मस्टर्ड एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2008-09 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2009:03
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 08 जिलों में प्रीहार्वेस्ट मस्टर्ड एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2007-08 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2008:03
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में प्रीहार्वेस्ट व्हीट एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2004-05 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2005:04
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में प्रीहार्वेस्ट व्हीट एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2005-06 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2006:04
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में प्रीहार्वेस्ट व्हीट एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2006-07 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2007:04
  • आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में प्रीहार्वेस्ट व्हीट एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2008-09 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2009:02
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबाद में कृषि भूउपयोग/लैंडकवर मैपिंग। आरएसएसी: एसएआरडी: एमएमपी: 2003:04
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर में कृषि भूउपयोग/लैंडकवर मैपिंग। आरएसएसी: एसएआरडी: एमएमपी: 2003:04
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर में कृषि भूउपयोग/लैंडकवर मैपिंग। आरएसएसी: एसएआरडी: एमएमपी: 2003:01
  • आईआरएस 1सी/1डी एलआईएसएस III डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 53 जिलों में प्रीहार्वेस्ट व्हीट एक्रेज एण्ड प्रोडक्शन एस्टीमेशन वर्ष, 2005-05 हेतु। आरएसएसी: यूपी: सीएपीई: II2005:4
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर में भूउपयोग/लैंडकवर मैपिंग। आरएसएसी: एसएआरडी: एमएमपी: 2009:01
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के जिला जे.पी.नगर में भूउपयोग/लैंडकवर मैपिंग। आरएसएसी: एसएआरडी: एमएमपी: 2009:02
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबाद में भूउपयोग/लैंडकवर मैपिंग। आरएसएसी: एसएआरडी: एनआरआईएस: 2009:03
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के जिला जौनपुर में भूउपयोग/लैंडकवर मैपिंग। आरएसएसी: एसएआरडी: एनआरआईएस: 2009:04
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के जिला लखीमपुर-खीरी में भूउपयोग/लैंडकवर मैपिंग। आरएसएसी: एसएआरडी: एनआरआईएस: 2009:05
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर में भूउपयोग/लैंडकवर मैपिंग। आरएसएसी: एसएआरडी: एनआरआईएस: 2009:06
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के जिला मुरादाबाद में भूउपयोग/लैंडकवर मैपिंग। आरएसएसी: एसएआरडी: एनआरआईएस: 2009:07
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के जिला संतरविदास नगर में भूउपयोग/लैंडकवर मैपिंग। आरएसएसी: एसएआरडी: एनआरआईएस: 2009:08
  • रिमोट सेंसिंग तकनीक परियोजना का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश में मेंथा क्रॉप एक्रेज अनुमान। आरएसएसी:एसएआरडी:2009:1
  • ग्राम स्तर पर फसल एक्रेज अनुमान हेतु रिमोट सेंसिंग आधारित कार्यप्रणाली। आरएसएसी:एसएआरडी:2010-1
  • सेटालाइट डाटा का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के 27 जिलों में ब्लॉकों पर प्रीहार्वेस्ट शुगरकेन एक्रेज एवं उत्पादन अनुमान, वर्ष 2011-12।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर ब्लॉक स्तर पर औद्योनिक फसल की मैपिंग एवं एक्रेज अनुमान।
  • उत्तर प्रदेश के जिला गोण्डा में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकों का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2012-13:01
  • उत्तर प्रदेश के जिला सीतापुर में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2012-13:02
  • उत्तर प्रदेश के जिला ललितपुर में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2012-13:03
  • उत्तर प्रदेश के जिला झांसी में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2013-14:01
  • उत्तर प्रदेश के जिला महोबा में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2013-14:02
  • उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2013-14:03
  • उत्तर प्रदेश के जिला वाराणसी में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2014-15:01
  • उत्तर प्रदेश के जिला भदोही में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2014-15:02
  • उत्तर प्रदेश के जिला जालौन में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2014-15:03
  • उत्तर प्रदेश के जिला रायबरेली में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2015-16:01
  • उत्तर प्रदेश के जिला मिर्जापुर में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2015-16:02
  • उत्तर प्रदेश के जिला कन्नौज में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2015-16:03
  • उत्तर प्रदेश के जिला बदायूं में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2015-16:04
  • उत्तर प्रदेश के जिला और्रया में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2016-17:01
  • उत्तर प्रदेश के जिला बांदा में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2016-17:02
  • उत्तर प्रदेश के जिला लखीमपुर-खीरी में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर रेशम उत्पादन विकास हेतु प्लॉट/ग्राम स्तर पर कृष्य बंजर भूमि में उपयुक्त साइट का अनुश्रवण। आरएसएसी:एआरडी:एसईआरआई:2016-17:03
  • सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश में कनाल कमांड हेतु बेसलाइन अध्ययन की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश वॉटर रिकंस्ट्रक्टिंग प्रोजेक्ट (फेज़-II)। आरएसएसी:एआरडी:2014-15
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश में कनाल कमांड हेतु अध्ययन पर रिपोर्ट उत्तर प्रदेश वॉटर रिकंस्ट्रक्टिंग प्रोजेक्ट (फेज़-II) (बुंदेलखंड कनाल कमांड एरिया)। आरएसएसी:एआरडी:2014-15
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश में कनाल कमांड हेतु अध्ययन पर रिपोर्ट उत्तर प्रदेश वॉटर रिकंस्ट्रक्टिंग प्रोजेक्ट (फेज़-II) (लोअर गंगा कनाल कमांड एरिया)। आरएसएसी:एआरडी:2014-15
  • रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश में कनाल कमांड हेतु अध्ययन पर रिपोर्ट उत्तर प्रदेश वॉटर रिकंस्ट्रक्टिंग प्रोजेक्ट (फेज़-II) (हैदरगढ़ कनाल कमांड एरिया)। आरएसएसी:एआरडी:2014-15
  • अश्वनी के. श्रीवास्तव, अमित सिन्हा, आर.के. उपाध्याय, एस.पी.एस जदायूं, शम्युद्दीन अहमस, शभीत पीपल एवं वीरेन्द्र कुमार (फरवरी, 2010)। “डिटेक्शन ऑफ चेंज इन क्रॉपिंग पैटर्न ऑफ द एक्ज़िस्टिंग लैण्डयूज़ ए केस स्टडी ऑफ महाराजगंज डिस्ट्रक्ट ऑफ उत्तर प्रदेश” का प्रकाशन जियोमेटिक्स-2010, की कार्यवाही में हुआ, जिसका आयोजन दिनांक 4-6फरवरी, 2010 के बीच इण्डियन सोसाइटी ऑफ जियोमेटिक्स द्वारा हुआ और स्पेस एप्लीकेशन्स सेंटर, अहमदाबाद द्वारा मेजबानी की गई।
  • अश्वनी के. श्रीवास्तव, अमित सिन्हा, विभु सरैन, आर.के. उपाध्याय, एस.पी.एस जदायूं एवं पी.एन. शाह (मार्च 2008)। “एप्लीकेशन ऑफ डिजिटल रिमोट सेंसिंग टेक्नीक्स इन लैण्डयूज/लैण्डकवर मैपिंग ऑफ सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश” का प्रकाशन “इंटरनेशनल सेमिनार ऑन लैंडयूज/लैंकवर चेंज एवं एग्रो बॉयोडायवर्सिटी” की कार्यवाही में 7-8 मार्च, 2008 के बीच हुआ था।
  • अश्वनी के. श्रीवास्तव, अमित सिन्हा, विभू सरीन, आर.के. उपाध्याय एवं पी.एन.शाह (दिसंबर 2007)। “मैपिंग एण्ड मॉनिटरिंग लैण्डयूज़/लैण्डकवर ऑफ बलरामपुर डिस्ट्रक्ट, उत्तर प्रदेश यूजिंग डिजिटल रिमोट सेंसिंग टेक्नीक्स” का प्रकाशन “27वें एनुअल कनेवेन्शन एण्ड नेशनल कॉंफ्रेंस ऑन हाई रिजॉल्यूशन रिमोट सेंसिंग एण्ड थीमेटिक एप्लीकेशन्स” की कार्यवाही में किया गया जिसका आयोजन आईएसआरएस, देहरादून द्वार एवं मेज़बानी एनएटीएमओ, कोलकत्ता द्वारा दिनांक 18-20 दिसंबर, 2007 के बीच की गई थी।
  • अश्वनी के. श्रीवास्तव, विभु सरीन, आर.के उपाध्याय, अमित सिन्हा, सुधाकर शुक्ला, एस.पी.एस. जदायूं एवं वीरेंद्र कुमार (जनवरी 2007)। “स्प्रॉल ऑफ मेजर सिटीज़ इन उत्तर प्रदेश-एन असेसमेंट थ्रू रिमोट सेंसिंग टेक्नीक” “मैप वर्ल्ड फोरम” में प्रस्तुत, दिनांक 22-25 जनवरी, 2007 के बीच हैदराबाद में आयोजित।
  • अश्वनी के. श्रीवास्तव, अमित सिन्हा, आर.के.उपाध्याय (नवंबर 2006)। “मॉनीट्रिंग लैण्डयूज़/लैण्डकवर ऑफ महाराजगंज डिस्ट्रिक्ट ऑफ उत्तर प्रदेश यूजिंग रिमोट सेंसिंग टेक्नीक” XXXVI आईएनसीए इंटरनेशनल कांग्रेस में मौजूद, इण्डियन नेशनल कार्टोग्राफिक एसोसिएशन एण्ड सर्वे ऑफ इण्डिया द्वारा नई दिल्ली में 22 से 24 नवंबर, 2006 के बीच आयोजित किया गया था।
  • कुमार वीरेंद्र, जदायूं एस.पी.एस एवं श्रीवास्तव के. अश्वनी, 2010; एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस इन लैण्ड यूज़ एण्ड लैण्ड कवर मैपिंग ऑफ प्रतापगढ़ डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश, टेक्नो फेम पेज 59-64 Vol-I (2010)।
  • एम.एस.यादव, पी.पी.एस.यादव, मनीष यदुवंशी, धर्मेश वर्मा, सस्टेंबिलिटी असेसमेंट ऑफ सोडीक्लॉंड रीक्लेमेशन यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस। प्रोसीडिंग्स एन्वायरमेंट प्लानिंग मैप इण्डिया 2005 नई दिल्ली।
  • एम.एस. यादव, पी.पी.एस. यादव, मनीष यदुवंशी, धर्मेश वर्मा, ए.एन. सिंह (2010)। सस्टेंबिलिटी असेस्मेंट ऑफ सीडीक्लॉंड रीक्लेमेशन यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस। इंडियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेसिंग 38:269-278
  • पी.पी.एस. यादव, कौशलेंद्र सिंह, बी.लाल, आलोक माथुर, पी.सी.गुप्ता, ए.एन.सिंह (2015)। बेहतर भूउपयोग नियोजन हेतु रेवाइन लैण्ड रीक्लेमेशन/स्टेबलाइजेशन हेतु मध्यम एवं उच्च रिजॉल्यूशन सेटलाइट के मूल्यांकन। भूमि संसाधन के पर्याप्त विकास हेतु जियोस्पेटियल टेक्नोलॉजी एवं 3डी एप्लीकेशन पर सेमिनार। (10)
  • दिलीप कुमार, बी.एस. खेरावत, पी.पी. सिंह यादव, मुन्नालाल, राजेश कुमार एवं सुशील कुमार (2012) बघिन नदी, उत्तर प्रदेश का हिस्सा का अनुश्रवण एवं मॉडलिंग। रिमोट एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल। एशियन जर्नल ऑफ स्वॉयल साइंस 7(2):392-395
  • बाराबंकी वनियामक क्षेत्र के नगरीय भूउपयोग मैपिंग उच्च रिजॉल्यूशन रिमोट सेंसिंग डाटा एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल-वीरेंद्र कुमार, कमलेश भलवी, गौरव सोनी, भावना, राजीव मोहन एवं एस.पी.एस. जदायूं, जेएयूटीएस, वॉल्यूम2, इशू 1एवं2 जून एवं दिसंबर 2015 पेज-14-122. ISSn-2395-4361(P)।
  • रिमोट सेंसिंग एवं जी.आई.एस तकनीक का इस्तेमाल कर कृषि उत्पादन हेतु वॉटरशे के प्राथमिकता और चित्रण पर एक पाठ-एस.पी.एस जदायूं, आर.के. उपाध्याय, बंदना सिंह चंदेल एवं धीरज कुमार द्विवेदी, ग्राउंड वॉटर पर किताब, संपादन प्रोफेसर आर.एन.तिवारी द्वारा, विभागाध्यक्ष जियोलॉजी, राजकीय पी.जी. साइंस कॉलेज रेवा एम.पी. दिनांक 05.02.2016।
  • पीपीएस यादव, अर्जुन सिंह, जी.राजपूत एवं के. सिंह (2016) उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में ग्राम स्तर पर स्वॉय्ल मैपिंग, आईआरएस एलआईएसएस-IV एवं कार्टोसेट-1 उपयुक्त भू एवं फसल प्रबंधन हेतु विलय किया हुआ डाटा। एग्रोपेडोलॉजी (दिसंबर संस्करण)।
  • शाह, पी.एन., उनियल, ए गोस्वामी, पी.के. कुमार, वी. जदायूं, एसपीएस एवं रामचंद्र (2012), “लैण्डस्लाइड हेज़ार्ड ज़ोनेशन एण्ड मैनेजमेंट स्टडी इन पार्ट्स ऑफ नैनीताल एण्ड अमरोहा डिस्ट्रिक्ट ऑफ कुमाऊं हिमालय यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स” इण्डियन लैण्डस्लाइड्स, वॉल्यूम 5, संख्या 1, 2012; पीपी 23-24 (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट, शिलॉंग, इण्डिया द्वारा प्रकाशित)
  • अश्वनी के. श्रीवास्तव, अमित सिन्हा, आर.के. उपाध्याय, एस.पी.एस. जदायूं एवं वीरेन्द्र कुमार (सितंबर 2006)। “स्टेटस ऑफ अर्बन ग्रोथ ऑफ मेजर सिटीज़ इन उत्तर प्रदेश-एन असेसमेंट थ्रू रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स” को “जियोस्पेटियल डाटाबेसेज़ फॉर सस्टेंनेबल डेवलपमेंट” पर आईएसपीआरएस टेक्निकल कमीशन IV सिम्पोज़ियम एण्ड आईएसआरएस एनुअल पोस्टर प्रेजेंटेशन हेतु स्वीकृति प्रदान, जिसका आयोजन स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, अहमदाबाद (इसरो, भारत सरकार) द्वारा गोवा में 27-30 सितंबर, 2006 के बीच किया गया था।
  • अश्वनी के. श्रीवास्तव, एस.पी.एस. जदायूं, आर.के. उपाध्याय, अमित सिन्हा एवं अन्जनी कुमार टंग्री (2004)। “मॉनीटरिंग ऑफ अर्बन स्प्रॉल ऑफ आगरा सिटी यूजिंग मल्टी-डेट सेटालाईट डाटा, प्रेजेन्टेड इन थर्ड इंटरनेशनल सिम्पोज़ियम ऑन न्यू टेक्नोलॉजीज़ फॉर अर्बन सेफ्टी ऑफ मेगा सिटीज़ इन एशिया” का आयोजन दिनांक 18-19 अक्टूबर, 2004 में आगरा, उत्तर प्रदेश में किया गया था।
  • धीरज के. द्विवेदी, डॉ. आर.के. उपाध्याय एवं डॉ. रवी चौरे “लैण्डयूज़ मैपिंग इन प्रतापगढ़ डिस्ट्रिक्ट यूजिंग आरएस एण्ड जीआईएस टेक्नीक” स्पेस टेक्नोलॉजी फॉर लार्ज स्केल मैपिंग एण्ड इट्स इम्पैक्ट ऑन सोशियो-इकॉनॉमिक डेवलपमेंट ऑफ द कंट्री पर नेशनल कॉंफ्रेंस, लखनऊ, 8-9 नवंबर, 2014।
  • डॉ. रवी चौरे, धीरज के. द्विवेदी, डॉ. आर.के. उपाध्याय, बन्दना सिंह चंदेल एवं तारा पाण्डेय, “लैण्ड यूज़ मैपिंग इन लखनऊ डिस्ट्रिक्ट यूजिंग आरएस एण्ड जीआईएस टेक्नीक” स्पेस टेक्नोलॉजी फॉर लार्ज स्केल मैपिंग एण्ड इट्स इम्पैक्ट ऑन सोश्यो-इकोनॉमी डेवलपमेंट ऑफ द कंट्री पर प्रेस कॉंफ्रेंस, लखनऊ, 8-9 नवंबर, 2014।
  • संदीप के. सिंह, ए.के. श्रीवास्तव एवं डॉ. आर.के. उपाध्याय। “यूज़ ऑफ स्पेस बॉर्न टेक्नोलॉजी फॉर मॉनीटरिंग टेमप्रल चेंजेज़ इन क्रॉपिंग पैटर्न इन ईस्टर्न उत्तर प्रदेश (इण्डिया)।” स्पेस टेक्नोलॉजी फॉर लार्ज स्केल मैपिंग एण्ड इट्स इम्पैक्ट ऑन सोशियो-इकोनॉमिक डेवलेपमें ऑफ द कंट्री, लखनऊ 8-9 नवंबर, 2014।
  • मेहता मनू शर्मा, वैशाली उपाध्याय, आर.के. (2016)। “एरोसोल ऑप्टिकल डेप्थ वैरिएशन ड्यूरिंग ए रीसेंट डस्ट इवेंट इन नॉर्थ इण्डिया।” वॉटर, एन्वायरमेंट इंजीनियरिंग एण्ड सोसाइटी पर इंटरनेशनल कॉंफ्रेंस (आईसीडब्लूईईएस-2016)
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  • आर.के. उपाध्याय, योगेश कुमार, उदय राज, नरेंद्र कुमार, पी.सी. गुप्ता एवं ए.एन. सिंह। “एरिया एस्टीमेशन ऑफ मैंगो ऑर्चर्ड अंडर डिफरेंट एज ग्रुप यूजिंग आईआऱएस 1डी एलआईएसएस-III डाटा इन पार्ट ऑफ लखनऊ एण्ड हरदोई डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश पेपर” दिसंबर 11-13, 2001 के दौरान अहमदाबाद में नेशनल सिम्पोज़ियम आईएसआरएस में प्रस्तुत।
  • यादव एम.एस., धर्मेश वर्मा, सिंह ए.एन., नरेंद्र कुमार, योगेश कुमार एवं आलोक माथुर (2001)। “मॉनीट्रिंग सोडीक्लैंड रीक्लेमेशन एट कैडास्ट्रल लेवल यूजिंग हाई रिजोल्यूशन सेटलाइट डाटा इन जीआईएस एन्वायरमेंट।” 11-13 दिसंबर, 2001 के दौरान अहमदाबाद में नेशनल सिम्पोज़ियम आईएसआरएस में पेपर प्रस्तुत किए गए।
  • नरेंद्र कुमार, अरविन्द त्रिपाठी, साहा, एस.के., उदय राज गुप्ता, पी.सी. एण्ड सिंह ए.एन. (2002). “लैण्ड इवॉल्यूशन फॉर मैंगो ऑर्चड स्यूटिबिलिटी एनालिसिस यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस” दिसंबर 3-6, 2002, हैदराबाद पर आईएसपीआरएस सिम्पोज़ियम आईएसपीआरएस में पेपर प्रस्तुत।
  • योगेश कुमार, सिंह, ए.एन. गुप्ता, पी.सी. एण्ड नरेंद्र कुमार (2002) “यूज़ ऑफ हाई रिजॉल्यूशन आईआरएस-1डी पैन डाटा फॉर डेलीनेशन ऑफ मैंग ऑर्चर्ड अंडर डिफरेंट एज ग्रुप” दिसंबर 3-6, 2002, हैदराबाद में सिम्पोज़ियम आईएसपीआरएस में पेपर प्रस्तुत।
  • व्यास, एस.पी., ओज़ा, एम.पी., दधवाल वी.के., योगेश कुमार, उपाध्याय आर.के., नरेंद्र कुमार एवं गुप्ता पी.सी. (2003) “मल्टी-क्रॉप सेप्रेबिलिटी स्टडी फॉर टू तेहसील्स ऑफ आगरा डिस्ट्रिक्ट (यू.पी.) यूजिंग आईआरएस एलआईएसएस-III डाटा।” पेपर आईएसपीआरएस डब्लूजी VII/3 वर्कशॉप ऑन इंटीग्रेटेड मॉनीट्रिंग सिस्टम में प्रकाशित। तिरुवनंतपुरम, भारत 2003।
  • मॉनीट्रिंग अर्बन स्प्रॉल ऑफ आगरा सिटी यूजिंग मल्टी डेट सेटलाइट डाटा-अश्वनी के. श्रीवास्तव, एस.पी.एस जदायूं, राजेश उपाध्याय, अमित सिन्हा एवं अनजनी कुमार तंग्री। स्थल जेपी पैलेस होटल, आगरा। अक्टूबर18-19, 2004
  • न्यू टेक्नोलॉजी फॉर अर्बन सेफ्टी ऑफ मेगा सिटीज़ इन एशिया पर तीसरा अंतर्ऱाष्ट्रीय सिम्पोज़ियम। सिविल इंजीनियरिंग विभाग, आई.आई.टी. कानपुर इण्डिया एवं इंटरनेशनल सेंटर फॉर अर्बन सेफ्टी इंजीनियरिंग (आईसीयूएस) इस्टीट्यूट ऑफ इण्डस्ट्रियल साइंस यूनीवर्सिटी ऑफ टोक्यो, जापान द्वारा आयोजित।
  • स्टेटस ऑफ अर्बन ग्रोथ ऑफ मेजर सिटीज़ इन उत्तर प्रदेश-एन असेसमेंट थ्रू रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स। अश्विनी के. श्रीवास्तव, अमित सिन्हा, आर.के उपाध्याय, एस.पी.एस जदायूं एवं वीरेंद्र कुमार। गोवा, भारत में सितंबर 27-30, 2006 को जियोस्पेटियल डाटाबेस फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट एण्ड आईएसआरएस एनुअल कन्वेन्शन पर आईएसपीआरएस टेक्निकल कमीशन IV सिम्पोज़ियम।
  • रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से उत्तर प्रदेश में प्रमुख शहरों का आकलन। अश्वनी के. श्रीवास्तव, विभू सरीन, आर.के. उपाध्याय, अमित सिन्हा, सुधाकर शुक्ला, एस.पी.एस. जदायूं एवं वीरेंद्र कुमार। मैप फोरम वर्ल्ड। हैदराबाद 22-25 जनवरी, 2007।
  • उनियल, ए शाह, पी.एन अग्रवाल, आर कुमार, वी. वाधोड़कर, एम जादायूं, एसपीएस शुक्ला, एस एवं गोस्वामी, पी.के. (2010)। “लैण्डस्लाईड हज़ार्ड ज़ोनेशन एण्ड मैनेजमेंट स्टडी इन मसूरी, थत्यूड़ एवं धनौल्ती एरिया” उच्च रिजॉल्यूशन प्वाइंट जियोकोडेड पैन डाटा एवं जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल कर, इण्डियन लैण्डस्लाइड्स वॉल्यूम 3, नंबर 2, 2007; पीपी 7-18। (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेंशन मैनेजमेंट, शिलॉंग, भारत द्वारा प्रकाशित)
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  • शाह पी.एन., उनियल, ए. कुमार, वी जदायूं एसपीएस, रामचंद्र एवं गोस्वामी पी.के. (2010), नैनीताल एवं अलमोड़ जिला के हिस्सों में लैण्डस्लाइड हजार्ड ज़ोनेशन एवं मैनेजमेंट मैप्स के उत्सर्जन हेतु रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस आधारित अप्रोच,” फर्स्ट इंण्डियन लैण्डस्लाईड कांग्रेस, बीरबल सहानी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोबोटनी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, इण्डिया।
  • कुमार वीरेंद्र, जदायूं एस.पी.एस एवं श्रीवास्तव के. अश्विनी, 2010; एप्लीकेशन ऑफ रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस इन लैंड यूज़ एण्ड लैंड कवर मैपिंग ऑफ प्रतापगढ़ डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश टेक्नो फेम पेज 59-64, वॉल्यूम-I (2010)।
  • शाह, पी.एन. यूनियल, ए. गोस्वामी, पी.के. कुमार, वी.जदायूं, एसपीएस एण्ड रामचंद्र (2012), “लैण्डस्लाईड हजार्ड ज़ोनेशन एण्ड मैनेजमेंट स्टडी इन पार्ट्स ऑफ नैनीताल एण्ड अलमोरा डिस्ट्रक्ट्स ऑफ कुमाऊं हिमालय यूजिंग रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईएस टेक्नीक्स,” इण्डियन लैण्डस्लाईड्स, वॉल्यूम 5 नंबर 1, 2012; पीपी 23-24. (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेश मैनेजमेंट, शिलॉंग, इण्डिया द्वारा प्रकाशित)।
  • अर्बन लैण्डयूज मैपिंग ऑफ बाराबंकी रेग्युलेटरी एरिया यूजिंग हाई रिजॉल्यूशन रिमोट सेंसिंग डाटा एण्ड जी.आई.एस. टेक्नीक- वीरेंद्र कुमार, कमलेश भलावी, गौरव सोनी, भवना, राजीव मोहन एवं एस.पी.एस जदायूं, जेएयूटीएस, वॉल्यूम.2, इशू 1एवं2 जून एवं दिसंबर 2015। पेज 14-22। ISSn-2395-4361(P)
  • रिमोट सेंसिंग एवं जी.आई.एस. तकनीक का इस्तेमाल कर कृषि उत्पादन हेतु वॉटरशेड के प्राथमिकता एवं चित्रण पर एक पाठ-एस.पी.एस. जदायूं, आर.के. उपाध्याय, बंदना सिंह चंदेल एवं धीरज कुमार द्विवेदी, किताब ग्राउंड वॉटर किताब में प्रकाशित हुई। प्रोफेसर आर.एन.तिवारी द्वारा संपादित, जिओलॉजी विभागाध्यक्ष, गवर्मेंट पी.जी. साइंस कॉलेज रेवा एम.पी. दिनांक फरवरी 05, 2016।
  • उदय राज, प्रसाद, जे पाठक, आर.ए. एवं पाठक, आर.के (2005)। रिसपॉंस ऑफ अल्ट्रा वायलेट इरेडिएशन ऑन चेंज्स इन लीव्स ऑफ पपाया (सी. पपाया एल.)। औद्योगिक भारतीय जर. को जमा।
  • उदय राज, प्रसाद, जे पाठक, आर.ए. एवं पाठक, आर.के. (2005)। इंफ्लूएंस ऑफ अल्ट्रा वॉयलट इरेडिएशन ऑन जर्मिनेशन एण्ड बायो-केमिकल चेंजेज़ इन स्टोर्ड सीड ऑफ पपाया (सी. पपाया एल.)। औद्योगिक भारतीय जर. को जमा।
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  • कुमार ए., राम, आर.बी., मीना, एम.एल., राज, यू एवं आनंद, ए.के. (2014)। एफेक्ट ऑफ बॉयोफर्टिलाइजर्स ऑन न्यूट्रीशनल कैरक्टरस्टिक्स इन आंवला सीडिंग एण्ड ग्राफ्टेड प्लांट्स। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ साइंस एण्ड नेचर 5 (2): 258-260
  • कुमार, ए., राम, आर.बी., मीना, एम.एल., राज, यू. एवं आनंद, एके (2014)। एफेकेसी ऑफ बायोफर्टिलाइजर्स ऑन मॉर्फोलॉजिकल कैरक्टरस्टिक्स इन आंवला ग्राफ्टेड प्लांट्स। एंवायरमेंट एण्ड ईकोलॉजी 32 (4ए): 1502-1505।
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