रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के

रिमोट सेन्सिंग तकनीक की क्षमता का आकलन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार, भारत ने राज्य स्तर पर पहला रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन सेंटर, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की स्थापना कर अव्वल स्थान हासिल किया। रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन सेंटर, उत्तर प्रदेश की पूर्व में उ0प्र0 सरकार द्वारा मई, 1982 में स्वायत्त संस्था के रूप में सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1960 के तहत स्थापना हुई थी। रिमोट सेन्सिंग का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संपूर्ण रूप से बेहतर प्रबंधन के साथ नई विकासशील तकनीक का प्रयोग करना है। इस केंद्र मुख्य उद्देश्य यह भी था कि यह रिमोट सेंसिंग की उच्च तकनीक एवं वास्तविक एंड यूजर के बीच इंटरफेस के रूप में कार्य कर सके।

अपने शुरुआती दौर से ही यह केंद्र अपने एरियल एवं सेटलाइट रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से प्राकृतिक संसाधन संबंधी डाटा का सृजन कर रहा है एवं राज्य सरकार यूजर विभागों को सृजित असंख्य डाटा प्रदान कर रहा है। शुरुआत से ही गतिविधियां बहुआयामी मोड में विविधता प्राप्त की गई है। पृथ्वी विज्ञान, जल संसाधन, वन विज्ञान, कृषि, मृदा विज्ञान, भूगोल, नगरीय सर्वेक्षण एवं नियोजन आदि एवं सभी अपने संबंधित डोमेन में रिमोट सेंसिंग तकनीक की एप्लीकेशन में प्रशिक्षित करे जा चुके हैं, जिसके माध्यम से सभी ने संबंधित क्षेत्र में बहुआयामी परियोजनाओं के कार्यन्वयन में योगदान दिया है, चाहे वह यूजर विभाग हो या इन-हाउस प्रोग्राम हो।

केंद्र, प्राकृतिक संसाधन के कुशल शोषण और प्रबंधन हेतु अन्य परंपरागत तकनीकों के साथ इंटीग्रेटिंग रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी द्वारा यूजर विभागों की ओर से निर्धारित जांच को करता है। केंद्र के प्रयासों से अधिक लाभ अर्जित करे जाने हेतु यह आवश्यक है कि यूजर विभागों से निरंतर संस्थागत संवाद बनाया जाए ताकि सेक्टरवार रिमोट सेंसिंग तकनीक की क्षमताओं का इस्तेमाल किया जा सके एवं उचित तंत्र की स्थापना की जा सके। विभिन्न प्रमुख परियोजनाओं, का उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एवं अन्य राज्यों द्वारा यह समाप्त किया जा चुका है एवं विभिन्न यूजर एजेंसियों को मुख्य सूचना प्रदान करी जा चुकी है।